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जिले में जल्द होगा 43 नई सड़कों का निर्माण
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खस्ताहाल में फतेहगढ़ रोड।
- फोटो : CharkhiDadri
जिले में टूटी सड़कों की पीडब्ल्यूडी जल्द ही सुध लेने जा रहा है। विभाग जिले में 43 नई सड़कों का निर्माण करवाएगा। इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। 31 मार्च से पहले इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने की प्लानिंग विभाग की है, ताकि जिला की सभी कंडम सड़कों की दशा सुधारी जा सके। इस प्रोजेक्ट में अप्रोच और मेन सभी प्रकार की सड़कें शामिल हैं।
जिले मेें सड़कों की दशा इस समय ठीक नहीं है। करीब एक दर्जन सड़कों की मरम्मत की जरूरत बनी हुई है तो इतनी ही मात्रा में सड़कों की चौड़ाई भी बढ़ाए जाने की सख्त जरूरत बनी हुई है। हर साल वाहनों की संख्या बढ़ रही है। इस लिहाज से सड़कों की चौड़ाई बढ़ाया जाना जरूरी बना हुआ है, ताकि सड़क हादसों पर कुछ हद तक रोक लग सके। जिला में नई सड़कों के निर्माण की भी जरूरत है।
मौजूदा समय में सड़कें दो से ढाई वर्ष में ही कंडम हो रही हैं, जबकि कम से कम चार साल तक सड़क की मरम्मत तक नहीं होनी चाहिए। कई गांवों व शहर में बारिश व दूषित पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। कोरताल की सड़क पर पानी का भराव होते ही जवाब दे जाती हैं। आजकल सड़क निर्माण के लिए ड्राइंग तैयार करते समय बारिश के पानी की निकासी के लिए सड़क के नीचे अंडरब्रिज या अन्य व्यवस्था नहीं की जाती। इससे मानसून के मौसम में ज्यादा मात्रा में जलभराव होने पर सड़कों के ऊपर से पानी क्रॉस होने लगता है और सड़कें टूट जाती हैं। ऐसे में नई सड़कों के निर्माण से पहले इनके नीचे कुछ किलोमीटर की दूरी में बारिश के पानी की निकासी के लिए अंडरग्राउंड पाइप या अंडरब्रिज का निर्माण करवाना जरूरी है। करीब तीन दशक पुरानी सड़कें अब खेतों से तीन से चार फीट तक ऊंची उठाई जा सकी है। ऊंचा उठाते समय पुराने समय की बनी तकरीबन पानी निकासी की पुलियां बंद हो गई हैं।
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पीडब्ल्यूडी अब खर्च करेगा मोटा बजट
पीडब्ल्यूडी अब जिले में 43 नई सड़कें बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एस्टिमेट तैयार किए गए हैं। 31 मार्च से पहले इनकी अप्रूवल करवाने की प्लान है, ताकि आने वाले जुलाई मानसून सीजन से पहले सड़कों की दशा सुधर सके और वाहन चालकों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आए। इसके लिए कागज प्रक्रिया तेज गति पर जारी है। इन सड़कों में अप्रोच और प्रमुख सड़क मार्ग भी शामिल हैं।
इस समय दादरी-रोहतक प्रमुख सड़क मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की भी जरूरत है। इसका विभाग ने एस्टिमेट तो भेजा रखा है, लेकिन बजट की मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसी प्रकार करीब 15 करोड़ रुपये के बजट की सड़कों का निर्माण कार्य इसी सप्ताह शुरू होने जा रहा है। अब तापमान अनुकूल होने पर विभाग इन सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
ये हैं प्रमुख सड़कें
कन्या गुरुकुल पंचगांव रोड, कलियाणा से घसोला रोड, काकड़ोली सरदारा से काकड़ोली हट्ठी, बादल से झोझू कलां,नौसवां से बाघोत रोड, पालड़ी से नौताना, दूधवा से स्याना, झरवाई, डोहकी, मानकावास-दादरी रोड, मोरवाला से कंहेटी रोड, मकड़ाना से छिल्लर रोड, आदमपुर से दूधवा, अटेला डूडीवाला रोड, रूदड़ोल से उण, संतोखपुरा से महराणा, मांढ़ी पिरानु रोड, रामबास से रूदड़ोल रोड, ढाणी फौगाट से टिकान कलां, हिंडोल, सांवड़ व धारेडू, सतनाली- बाढड़ा जुई मार्ग, मकड़ाना से दातौली, पातुवास से महराणा व भागेश्वरी से झिंझर आदि प्रमुख सड़क मार्ग शामिल हैं।
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 43 सड़कों के निर्माण की योजना है। जल्द ही सरकार से बजट की स्वीकृति ली जाएगी। विभाग की योजना है कि जिले की प्रत्येक सड़क ठीक अवस्था में हो, ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।
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जिले मेें सड़कों की दशा इस समय ठीक नहीं है। करीब एक दर्जन सड़कों की मरम्मत की जरूरत बनी हुई है तो इतनी ही मात्रा में सड़कों की चौड़ाई भी बढ़ाए जाने की सख्त जरूरत बनी हुई है। हर साल वाहनों की संख्या बढ़ रही है। इस लिहाज से सड़कों की चौड़ाई बढ़ाया जाना जरूरी बना हुआ है, ताकि सड़क हादसों पर कुछ हद तक रोक लग सके। जिला में नई सड़कों के निर्माण की भी जरूरत है।
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मौजूदा समय में सड़कें दो से ढाई वर्ष में ही कंडम हो रही हैं, जबकि कम से कम चार साल तक सड़क की मरम्मत तक नहीं होनी चाहिए। कई गांवों व शहर में बारिश व दूषित पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। कोरताल की सड़क पर पानी का भराव होते ही जवाब दे जाती हैं। आजकल सड़क निर्माण के लिए ड्राइंग तैयार करते समय बारिश के पानी की निकासी के लिए सड़क के नीचे अंडरब्रिज या अन्य व्यवस्था नहीं की जाती। इससे मानसून के मौसम में ज्यादा मात्रा में जलभराव होने पर सड़कों के ऊपर से पानी क्रॉस होने लगता है और सड़कें टूट जाती हैं। ऐसे में नई सड़कों के निर्माण से पहले इनके नीचे कुछ किलोमीटर की दूरी में बारिश के पानी की निकासी के लिए अंडरग्राउंड पाइप या अंडरब्रिज का निर्माण करवाना जरूरी है। करीब तीन दशक पुरानी सड़कें अब खेतों से तीन से चार फीट तक ऊंची उठाई जा सकी है। ऊंचा उठाते समय पुराने समय की बनी तकरीबन पानी निकासी की पुलियां बंद हो गई हैं।
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पीडब्ल्यूडी अब खर्च करेगा मोटा बजट
पीडब्ल्यूडी अब जिले में 43 नई सड़कें बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एस्टिमेट तैयार किए गए हैं। 31 मार्च से पहले इनकी अप्रूवल करवाने की प्लान है, ताकि आने वाले जुलाई मानसून सीजन से पहले सड़कों की दशा सुधर सके और वाहन चालकों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आए। इसके लिए कागज प्रक्रिया तेज गति पर जारी है। इन सड़कों में अप्रोच और प्रमुख सड़क मार्ग भी शामिल हैं।
इस समय दादरी-रोहतक प्रमुख सड़क मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की भी जरूरत है। इसका विभाग ने एस्टिमेट तो भेजा रखा है, लेकिन बजट की मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसी प्रकार करीब 15 करोड़ रुपये के बजट की सड़कों का निर्माण कार्य इसी सप्ताह शुरू होने जा रहा है। अब तापमान अनुकूल होने पर विभाग इन सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
ये हैं प्रमुख सड़कें
कन्या गुरुकुल पंचगांव रोड, कलियाणा से घसोला रोड, काकड़ोली सरदारा से काकड़ोली हट्ठी, बादल से झोझू कलां,नौसवां से बाघोत रोड, पालड़ी से नौताना, दूधवा से स्याना, झरवाई, डोहकी, मानकावास-दादरी रोड, मोरवाला से कंहेटी रोड, मकड़ाना से छिल्लर रोड, आदमपुर से दूधवा, अटेला डूडीवाला रोड, रूदड़ोल से उण, संतोखपुरा से महराणा, मांढ़ी पिरानु रोड, रामबास से रूदड़ोल रोड, ढाणी फौगाट से टिकान कलां, हिंडोल, सांवड़ व धारेडू, सतनाली- बाढड़ा जुई मार्ग, मकड़ाना से दातौली, पातुवास से महराणा व भागेश्वरी से झिंझर आदि प्रमुख सड़क मार्ग शामिल हैं।
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 43 सड़कों के निर्माण की योजना है। जल्द ही सरकार से बजट की स्वीकृति ली जाएगी। विभाग की योजना है कि जिले की प्रत्येक सड़क ठीक अवस्था में हो, ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।