चरखी दादरी: सिविल अस्पताल में पहली बार हुई मॉडिफाइड रेडिकल मैसेक्टमी सर्जरी, 40 वर्षीय कैंसर पीड़िता सफल ऑपरेशन
सीएमओ समेत छह सदस्यीय मेडिकल टीम ने महिला का सफल ऑपरेशन किया। कैंसर पकड़ में आते ही महिला के परिजनों ने शुरुआती चरण में ही ऑपरेशन करवाने का निर्णय लिया।
विस्तार
हरियाणा के चरखी दादरी के शहीद उद्यम सिंह सिविल अस्पताल में 26 साल में पहली बार सोमवार को एमआरएफ (मॉडिफाई रेडिकल मेसेक्टमी) सर्जरी की गई, जो सफल रही। अब तक मरीजों को इस सर्जरी के लिए दूसरे जिलों की भागदौड़ करनी पड़ती थी। सोमवार को डॉ. सुदर्शन पंवार सहित छह सदस्यीय मेडिकल टीम ने 40 वर्षीय कैंसर पीड़िता का ऑपरेशन किया। ढ़ाई घंटे चले इस ऑपरेशन में महिला के बाएं तरफ की छाती निकाली गई है, ताकि कैंसर का फैलाव न होने पाए।
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि जिले के एक गांव निवासी 40 वर्षीय महिला के कैंसर पीड़ित होने की पुष्टि कुछ समय पहले ही हुई थी। विशेषज्ञों ने महिला के परिजनों को एमआरएम सर्जरी करवाने की सलाह दी थी। डॉ. गुप्ता के अनुसार कैंसर शुरुआती स्टेज में ही पकड़ में आने के चलते महिला के परिजन भी इसके लिए तैयार हो गए।
सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने यह सर्जरी सिविल अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में ही करने का निर्णय लिया और इसके लिए उन्होंने टीम तैयार की। सोमवार को किया गया यह ऑपरेशन करीब ढाई घंटे तक चला। इसमें महिला के बाएं तरफ की छाती निकाली गई है, ताकि कैंसर का फैलाव न होने पाए।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्जरी के बाद अब महिला की कीमोथैरेपी या रेडियोथैरेपी होगी। यह उपचार का दूसरा चरण है। कीमोथैरेपी या रेडियोथैरेपी की सुविधा सिविल अस्पताल में नहीं है और इसके लिए मरीज को रोहतक पीजीआई जाना पड़ेगा।
ऑपरेशन करने वाली ये है टीम
सिविल अस्पताल में पहली बार एमआरएम सर्जरी करने वाली टीम की अगुवाई स्वयं सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने की। उनके अलावा टीम में डॉ. नरेश, डॉ. अनिल, जगवंती और सुनील आदि मेडिकल स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
अब तक माइनरी सर्जरी की ही थी सुविधा
सिविल अस्पताल में अब तक माइनरी सर्जरी की ही सुविधा थी, लेकिन सोमवार को पहली बार हुई एमआरएम सर्जरी सफल रहने से भविष्य में इस सेवा का लाभ जिला अस्पताल में ही मिलने का रास्ता साफ हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एमआरएम सर्जरी मामूली सर्जरी नहीं बल्कि मेजर सर्जरी है। लेकिन अब सिविल अस्पताल में भी यह सर्जरी करने का रास्ता साफ हो गया है।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की जागी उम्मीद
सिविल अस्पताल पर 172 गांवों और शहर की करीब साढ़े पांच लाख की आबादी निर्भर है। यहां बड़ी सर्जरी शुरू होने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद भी जगी है। उच्चाधिकारियों की तरफ से यहां संसाधन और विशेषज्ञों की कमी को दूर किया जाए तो अन्य बड़े ऑपरेशन की सुविधा भी यहां शुरू हो सकती है।
सिविल अस्पताल में हुई पहली एमआरएम सर्जरी सफल रही। करीब ढाई घंटे तक ऑपरेशन चला और इसमें मेरी टीम की अहम भूमिका रही। भविष्य में भी सिविल अस्पताल में इस तरह की सर्जरी की जाएगी। -डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ।