फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   First eco friendly crematorium built in the city, cremation will be done with LPG

शहर में बना पहला ईको फ्रेंडली शवदाह गृह, एलपीजी से होगा दाह संस्कार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 12:23 AM IST
विज्ञापन
First eco friendly crematorium built in the city, cremation will be done with LPG
क्रिमेटोरियम के अंदर शव के दाह-संस्कार के लिए लगाई गई बॉयलर युक्त मशीन। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहर के गामड़ी क्षेत्र रामबाग में जिले का पहला ईको फ्रेंडली क्रिमेटोरियम (शवदाह गृह) बनकर तैयार हो गया है। इससे अब रामबाम में लकड़ियों की जगह एलपीजी से शवों का दाह-संस्कार किया जाएगा। एक तरफ जहां इससे प्रतिमाह करीब 85 क्विंटल लकड़ियों की बचत होगी, दूसरी तरफ वहीं पर्यावरण में प्रदूषण भी नहीं होगा। क्रिमेटोरियम के निर्माण पर नगर परिषद ने करीब 67 लाख रुपये खर्च किए हैं। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही क्रिमेटोरियम रामबाग समिति को सुपुर्द कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

शहर में दो रामबाग हैं, जहां मृतकों का दाह-संस्कार किया जाता है। अन्य जिलों की तर्ज पर दादरी शहर में क्रिमेटोरियम की कमी खल रही थी। इसे देखते हुए करीब पांच माह पहले नप ने इसके लिए योजना तैयार की थी। करीब डेढ़ माह पहले क्रिमेटोरियम निर्माण के वर्क ऑर्डर जारी हुए थे। इसके बाद एजेंसी ने काम शुरू किया था। क्रिमेटोरियम का निर्माण करीब एक माह में पूरा हो गया है। क्रिमेटोरियम का आकार 25 बाई 60 है। यहां एक बार में 14 एलपीजी सिलिंडर इस्तेमाल करने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन

नगर परिषद के जेई सौहार्द शर्मा और अजय कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने क्रिमेटोरियम का निरीक्षण करने पहुंची। टीम ने यहां लगे कंट्रोलर पैनल समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जेई सौहार्द शर्मा ने बताया कि यहां करीब 100 फुट ऊंची चिमनी लगाई गई है जिसके जरिये गैस और धुएं की निकासी होगी। फिलहाल नप का प्रयास है कि अक्तूबर में क्रिमेटोरियम को शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दाह-संस्कार में लगेगा डेढ़ घंटा, 30 किलो लेगी एलपीजी
क्रिमेटोरियम में एक शव का दाह-संस्कार करीब डेढ़ घंटे में हो जाएगा। एक दाह-संस्कार पर अधिकतम 2500 रुपये की एलीपजी खर्च होगी। एक शव के दाह संस्कार में करीब 30 किलोग्राम एलपीजी की खपत होगी। क्रिमेटोरियम में लगाई गई मशीन में तीन बॉयलर लगाए गए हैं, जिनके जरिये शव का दाह-संस्कार होगा।
हर माह औसतन होते हैं 25 दाह-संस्कार, एक में लगती है साढ़े तीन क्विंटल लकड़ी
गामड़ी क्षेत्र रामबाग में एक में औसतन 25 दाह-संस्कार होते हैं। रामबाग समिति के एक पदाधिकारी ने बताया कि एक दाह-संस्कार में करीब साढ़े तीन क्विंटल लकड़ी लगती है। इस लिहाज से एक माह में 25 शवों के दाह-संस्कारण में करीब 87 क्विंटल से अधिक लकड़ी लगती है। कई बार बारिश आने की स्थिति में दाह-संस्कार करने में भी अड़चन आ जाती है। पिछले दो साल की अगर बात करें तो कोरोना काल में एक दिन में सर्वाधिक सात दाह-संस्कार यहां हुए हैं।

क्रिमेटोरियम बनकर तैयार हो चुुका है। जल्द से जल्द इसे शुरू करने की हमारी योजना है। फाइनल निरीक्षण के बाद क्रिमेटोरियम हम रामबाग समिति को सुपुर्द कर देंगे।
विरेंद्र सिंह, एसडीएम एवं नप प्रशासक

   क्रिमेटोरियम का निरीक्षण करने पहुंची नप टीम।

क्रिमेटोरियम का निरीक्षण करने पहुंची नप टीम।- फोटो : CharkhiDadri

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed