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Charkhi Dadri News: छह साल से दमकल कार्यालय में पानी के कनेक्शन का इंतजार, आग बुझाने वालों को खेतों के ट्यूबवेल का सहारा
Mon, 28 Sep 2026 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:41 AM IST
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दमकल विभाग कार्यालय परिसर में बनाया गया पानी के लिए रिर्जव टैंक।
चरखी दादरी। शहर के 27 फुटा रोड पर स्थित दमकल विभाग के कार्यालय में छह साल बाद भी पानी का नियमित कनेक्शन नहीं मिल पाया है। आगजनी की घटनाओं पर तुरंत पहुंचने वाले दमकल कर्मचारियों को खुद पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कार्यालय परिसर में 4.5 लाख लीटर क्षमता का एक बड़ा रिजर्व टैंक बनाया गया है। परंतु इसे भरने के लिए कर्मचारियों को आसपास के खेतों में लगे ट्यूबवेलों से उधार पानी लेना पड़ता है।
नगर परिषद ने वर्ष 2021 में दमकल विभाग कार्यालय का निर्माण करवाया था। करीब छह वर्षों में विभाग की टीम ने 2005 से अधिक आगजनी की घटनाओं पर काबू पाया है। जिस परिसर से आग बुझाने के लिए वाहन और कर्मचारी रवाना होते हैं, वहीं पानी की मूलभूत सुविधा आज भी अधूरी है। गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत और बढ़ जाने से परेशानी गंभीर हो जाती है।
दमकल कार्यालय परिसर में वाहनों और अन्य जरूरतों को देखते हुए 4.5 लाख लीटर क्षमता का रिजर्व टैंक बनाया गया है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पानी भरने में परेशानी न हो। लेकिन सरकारी पेयजल कनेक्शन के अभाव में यह टैंक विभाग के लिए अतिरिक्त परेशानी बना हुआ है।
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आगजनी की घटना से निपटने के लिए कर्मचारियों को आसपास के खेतों में लगे ट्यूबवेल संचालकों से पानी लेना पड़ता है। जरूरत पड़ने पर टैंकर या पाइप के माध्यम से पानी कार्यालय तक पहुंचाया जाता है। इससे समय और संसाधन दोनों खर्च होते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आगजनी के दौरान दमकल वाहनों को तुरंत रवाना करना प्राथमिकता होती है। ऐसे में कार्यालय में ही पर्याप्त पानी उपलब्ध होना जरूरी है।
बूस्टिंग स्टेशन से कनेक्शन की उम्मीद
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से दमकल कार्यालय को पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। इसी बूस्टिंग स्टेशन से दमकल कार्यालय तक पानी का कनेक्शन दिया जाना है। विभागीय योजना के अनुसार, बूस्टिंग स्टेशन का काम अप्रैल में पूरा होना था। परंतु निर्धारित समय बीतने के बाद भी यह परियोजना पूरी नहीं हो पाई है। बूस्टिंग स्टेशन का काम पूरा होने और पाइपलाइन कनेक्शन मिलने के बाद दमकल कार्यालय में पानी की समस्या दूर होने की उम्मीद है। फिलहाल कर्मचारियों को अस्थायी व्यवस्था के सहारे ही काम चलाना पड़ रहा है। छह साल बाद भी पेयजल कनेक्शन का इंतजार खत्म नहीं हुआ है।
छह साल में 2005 से अधिक घटनाओं पर काबू
दमकल विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले करीब छह वर्षों में कर्मचारियों ने 2005 से अधिक आगजनी की घटनाओं पर पहुंचकर आग पर काबू पाया है। इनमें खेतों में फसल की आग या शहर में मकान, दुकान और अन्य प्रतिष्ठानों में आग लगने की घटनाएं शामिल हैं। दमकल टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी पड़ती है। ऐसे में दमकल कार्यालय में पानी की स्थायी व्यवस्था का महत्व और बढ़ जाता है। विभाग के वाहनों को आपात स्थिति के लिए हर समय तैयार रखना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय में नियमित पानी उपलब्ध होने से वाहनों की सफाई सुचारु हो सकती है। साथ ही, कर्मचारियों की दैनिक जरूरतों और रिजर्व टैंक को भरने की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
3.15 करोड़ रुपये की लागत से बना नया भवन
दमकल विभाग का नया भवन रावलधी-भिवानी लिंक रोड से वेयर हाऊस को जाने वाले 27 फुटा रोड पर बनाया गया है। करीब छह साल पहले भवन निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके निर्माण पर कुल 3.15 करोड़ रुपये की लागत आई है। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी यहां पेयजल का कनेक्शन नहीं हो पाया है। दमकल कार्यालय का निर्माण करीब छह वर्ष पहले पूरा हो गया था। इतने लंबे समय में विभाग ने शहर और आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों आगजनी की घटनाओं में लोगों की मदद की है। लेकिन कार्यालय में पेयजल कनेक्शन की समस्या जस की तस बनी हुई है।
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इन वर्षों में इतनी हुई आगजनी की घटनाएं
वर्ष इतनी हुई घटनाएं
2021 270
2022 350
2023 400
2024 370
2025 385
2026 210
स्थानीय दमकल विभाग कार्यालय में पानी का कनेक्शन लगवाने के लिए कई बार मुख्यालय को अवगत करवाया गया है। जल्दी ही स्थानीय बूस्टिंग स्टेशन के चालू होने की संभावना है जहां से पाइप लाइन के माध्यम से रिर्जव टैंक में पानी पहुंचाया जाएगा।
-रमन शर्मा, एफएसओ दमकल विभाग
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नगर परिषद ने वर्ष 2021 में दमकल विभाग कार्यालय का निर्माण करवाया था। करीब छह वर्षों में विभाग की टीम ने 2005 से अधिक आगजनी की घटनाओं पर काबू पाया है। जिस परिसर से आग बुझाने के लिए वाहन और कर्मचारी रवाना होते हैं, वहीं पानी की मूलभूत सुविधा आज भी अधूरी है। गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत और बढ़ जाने से परेशानी गंभीर हो जाती है।
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दमकल कार्यालय परिसर में वाहनों और अन्य जरूरतों को देखते हुए 4.5 लाख लीटर क्षमता का रिजर्व टैंक बनाया गया है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पानी भरने में परेशानी न हो। लेकिन सरकारी पेयजल कनेक्शन के अभाव में यह टैंक विभाग के लिए अतिरिक्त परेशानी बना हुआ है।
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आगजनी की घटना से निपटने के लिए कर्मचारियों को आसपास के खेतों में लगे ट्यूबवेल संचालकों से पानी लेना पड़ता है। जरूरत पड़ने पर टैंकर या पाइप के माध्यम से पानी कार्यालय तक पहुंचाया जाता है। इससे समय और संसाधन दोनों खर्च होते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आगजनी के दौरान दमकल वाहनों को तुरंत रवाना करना प्राथमिकता होती है। ऐसे में कार्यालय में ही पर्याप्त पानी उपलब्ध होना जरूरी है।
बूस्टिंग स्टेशन से कनेक्शन की उम्मीद
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से दमकल कार्यालय को पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। इसी बूस्टिंग स्टेशन से दमकल कार्यालय तक पानी का कनेक्शन दिया जाना है। विभागीय योजना के अनुसार, बूस्टिंग स्टेशन का काम अप्रैल में पूरा होना था। परंतु निर्धारित समय बीतने के बाद भी यह परियोजना पूरी नहीं हो पाई है। बूस्टिंग स्टेशन का काम पूरा होने और पाइपलाइन कनेक्शन मिलने के बाद दमकल कार्यालय में पानी की समस्या दूर होने की उम्मीद है। फिलहाल कर्मचारियों को अस्थायी व्यवस्था के सहारे ही काम चलाना पड़ रहा है। छह साल बाद भी पेयजल कनेक्शन का इंतजार खत्म नहीं हुआ है।
छह साल में 2005 से अधिक घटनाओं पर काबू
दमकल विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले करीब छह वर्षों में कर्मचारियों ने 2005 से अधिक आगजनी की घटनाओं पर पहुंचकर आग पर काबू पाया है। इनमें खेतों में फसल की आग या शहर में मकान, दुकान और अन्य प्रतिष्ठानों में आग लगने की घटनाएं शामिल हैं। दमकल टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी पड़ती है। ऐसे में दमकल कार्यालय में पानी की स्थायी व्यवस्था का महत्व और बढ़ जाता है। विभाग के वाहनों को आपात स्थिति के लिए हर समय तैयार रखना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय में नियमित पानी उपलब्ध होने से वाहनों की सफाई सुचारु हो सकती है। साथ ही, कर्मचारियों की दैनिक जरूरतों और रिजर्व टैंक को भरने की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
3.15 करोड़ रुपये की लागत से बना नया भवन
दमकल विभाग का नया भवन रावलधी-भिवानी लिंक रोड से वेयर हाऊस को जाने वाले 27 फुटा रोड पर बनाया गया है। करीब छह साल पहले भवन निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके निर्माण पर कुल 3.15 करोड़ रुपये की लागत आई है। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी यहां पेयजल का कनेक्शन नहीं हो पाया है। दमकल कार्यालय का निर्माण करीब छह वर्ष पहले पूरा हो गया था। इतने लंबे समय में विभाग ने शहर और आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों आगजनी की घटनाओं में लोगों की मदद की है। लेकिन कार्यालय में पेयजल कनेक्शन की समस्या जस की तस बनी हुई है।
इन वर्षों में इतनी हुई आगजनी की घटनाएं
वर्ष इतनी हुई घटनाएं
2021 270
2022 350
2023 400
2024 370
2025 385
2026 210
स्थानीय दमकल विभाग कार्यालय में पानी का कनेक्शन लगवाने के लिए कई बार मुख्यालय को अवगत करवाया गया है। जल्दी ही स्थानीय बूस्टिंग स्टेशन के चालू होने की संभावना है जहां से पाइप लाइन के माध्यम से रिर्जव टैंक में पानी पहुंचाया जाएगा।
-रमन शर्मा, एफएसओ दमकल विभाग