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27 के भारत बंद में सरकार को अपनी ताकत दिखाएंगे किसान : बलबीर बजाड़
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फोटो 28 सोमवार को कितलाना टोल प्लाजा पर मौजूद किसान।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी।
कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 27 सितंबर को भारत बंद के आह्वान के बाद किसान एकजुट होना शुरू हो गए है। 27 के भारत बंद के लिए किसानों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। यह बात किसान नेता बलबही बजाड़ ने कितलाना टोल प्लाजा धरनास्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत बंद के जरिये किसान सरकार को अपनी ताकत दिखाएंगे।
श्योराण खाप प्रधान बिजेंद्र बेरला ने कहा कि भारत बंद की तैयारियों में किसान जुट गए हैं और इस सफल बनाया जाएगा। वहीं, 264वें दिन के धरने की अध्यक्षता सांगवान खाप सचिव नरसिंह सांगवान, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से दिलबाग ढुल, फौगाट खाप से अत्तर सिंह, महिला मोर्चा से फूला देवी, चंद्र कलां डोहकी, कृष्णा गौरीपुर, संतरा, मामकौर व रत्नी देवी ने संयुक्त रूप से की। धरने का संचालन सुरेंद्र कुब्जानगर ने किया।
नरसिंह सांगवान ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों ने आज किसानों को बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है। एक तरफ तो भाजपा सरकार किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू करने का ढींढोरा पीटती है तो वहीं, दूसरी तरफ किसानों को बर्बाद करने के लिए रोजाना नए कानून पास किए जाते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गन्ने के एमएसपी पर 12 रुपये की बढ़ोत्तरी कर यह बता दिया कि भाजपा सरकार कितनी किसान हितैषी है। उन्होंने कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ किसान 27 सितंबर को अपनी आवाज बुलंद करते हुए भारत बंद में भाग लेंगे और सरकार को किसानों की ताकत से अवगत करवाएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया तो किसान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर सूरजभान प्रधान, कमल प्रधान, सत्यवान, राजविंद्र, गंगाराम श्योराण, जगदीश हुई, संजय मानकावास, बस्तीराम, रोहताश सैनी, सुंदर सिंह, नरसिंह बागनवाला, शमशेर, सुरेश डोहकी, नंदलाल अटेला, बलजीत, बबलू, लवली आदि मौजूद रहे।
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कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 27 सितंबर को भारत बंद के आह्वान के बाद किसान एकजुट होना शुरू हो गए है। 27 के भारत बंद के लिए किसानों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। यह बात किसान नेता बलबही बजाड़ ने कितलाना टोल प्लाजा धरनास्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत बंद के जरिये किसान सरकार को अपनी ताकत दिखाएंगे।
श्योराण खाप प्रधान बिजेंद्र बेरला ने कहा कि भारत बंद की तैयारियों में किसान जुट गए हैं और इस सफल बनाया जाएगा। वहीं, 264वें दिन के धरने की अध्यक्षता सांगवान खाप सचिव नरसिंह सांगवान, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से दिलबाग ढुल, फौगाट खाप से अत्तर सिंह, महिला मोर्चा से फूला देवी, चंद्र कलां डोहकी, कृष्णा गौरीपुर, संतरा, मामकौर व रत्नी देवी ने संयुक्त रूप से की। धरने का संचालन सुरेंद्र कुब्जानगर ने किया।
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नरसिंह सांगवान ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों ने आज किसानों को बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है। एक तरफ तो भाजपा सरकार किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू करने का ढींढोरा पीटती है तो वहीं, दूसरी तरफ किसानों को बर्बाद करने के लिए रोजाना नए कानून पास किए जाते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गन्ने के एमएसपी पर 12 रुपये की बढ़ोत्तरी कर यह बता दिया कि भाजपा सरकार कितनी किसान हितैषी है। उन्होंने कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ किसान 27 सितंबर को अपनी आवाज बुलंद करते हुए भारत बंद में भाग लेंगे और सरकार को किसानों की ताकत से अवगत करवाएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया तो किसान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर सूरजभान प्रधान, कमल प्रधान, सत्यवान, राजविंद्र, गंगाराम श्योराण, जगदीश हुई, संजय मानकावास, बस्तीराम, रोहताश सैनी, सुंदर सिंह, नरसिंह बागनवाला, शमशेर, सुरेश डोहकी, नंदलाल अटेला, बलजीत, बबलू, लवली आदि मौजूद रहे।
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