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Charkhi Dadri News: धरना दे रहे किसानों को मिला आश्वासन
Mon, 29 Sep 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 29 Sep 2025 01:20 AM IST
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पूर्व मंत्री जेपी दलाल की मध्यस्थता में सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से चर्चा करते कि
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। वर्ष 2023 की रबी और खरीफ सीजन की फसल क्षति का मुआवजा न मिलने से किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पूर्व मंत्री जेपी दलाल के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से मुलाकात की। बैठक में किसानों ने बीमा कंपनियों और पोर्टल प्रणाली में गड़बड़ियों पर अपनी चिंता जताई।
किसानों ने आरोप लगाया कि फसल बीमा योजना और क्षतिपूर्ति पोर्टल के नाम पर उन्हें गुमराह किया जा रहा है। वे सरकारी नियमों के तहत फसल बीमा कराते हैं, लेकिन जब प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होती है तो कंपनियां जांच के नाम पर भुगतान में टाल-मटोल करती हैं।
वर्ष 2023 में प्राकृतिक आपदाओं से रबी और खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ। बावजूद इसके, कंपनी की ओर से केवल 100 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी किया गया, जबकि नुकसान 300 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया था। इसी मुद्दे पर किसान बाढड़ा अनाज मंडी में अनिश्चितकालीन धरना भी दे रहे हैं।
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बैठक के दौरान सीपीएस राजेश खुल्लर ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी और प्राधिकरण के समक्ष किसानों की पैरवी मजबूती से की जाएगी। ताकि, किसानों को उनका हक और उचित मुआवजा दिलाया जा सके।
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बाढड़ा। वर्ष 2023 की रबी और खरीफ सीजन की फसल क्षति का मुआवजा न मिलने से किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पूर्व मंत्री जेपी दलाल के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से मुलाकात की। बैठक में किसानों ने बीमा कंपनियों और पोर्टल प्रणाली में गड़बड़ियों पर अपनी चिंता जताई।
किसानों ने आरोप लगाया कि फसल बीमा योजना और क्षतिपूर्ति पोर्टल के नाम पर उन्हें गुमराह किया जा रहा है। वे सरकारी नियमों के तहत फसल बीमा कराते हैं, लेकिन जब प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होती है तो कंपनियां जांच के नाम पर भुगतान में टाल-मटोल करती हैं।
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वर्ष 2023 में प्राकृतिक आपदाओं से रबी और खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ। बावजूद इसके, कंपनी की ओर से केवल 100 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी किया गया, जबकि नुकसान 300 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया था। इसी मुद्दे पर किसान बाढड़ा अनाज मंडी में अनिश्चितकालीन धरना भी दे रहे हैं।
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बैठक के दौरान सीपीएस राजेश खुल्लर ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी और प्राधिकरण के समक्ष किसानों की पैरवी मजबूती से की जाएगी। ताकि, किसानों को उनका हक और उचित मुआवजा दिलाया जा सके।