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तीन अध्यादेशों के विरोध में किसानों का धरना जारी
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कृषि के तीन अध्यादेशों के विरोध में जिले के विभिन्न संगठनों के धरना प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहे। प्रदर्शन के पांचवें दिन भी सरकार या प्रशासन की प्रतिनिधि किसानों के बीच नहीं पहुंचा। किसान संगठनों ने इसे नकारात्मक रवैया बताया और इसके विरोध में रविवार को दादरी-कनीना रोड पर रविवार को जाम लगाने की चेतावनी दी है। किसान नेताओं का कहना है कपि संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले दोपहर 12 से तीन बजे तक रोड जाम रखा जाएगा। अनाज मंडी दूसरे दिन भी बंद रही।
जिला सचिवालय में चल रहे धरने के दौरान किसान नेता कमल सिंह मांढ़ी ने कहा कि किसान संगठनों की मांगों के प्रति सरकार और विभाग का रवैया नकारात्मक रहा है। इसी रवैये के विरोध में 20 सिंतबर को दोपहर बारह से तीन बजे तक कनीना रोड पर जाम लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब तक किसानों के खिलाफ तीन अध्यादेशों को वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके साथ ही किसानों की खराब हुई कपास फसल की विशेष गिरदावरी करवाने, पीपली लाठीचार्ज की न्यायिक जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई करने, बिजली बिल 2020 को वापस लेने, फसल बीमा योजना की राशि की जिम्मेदारी सरकार ले आदि मांग की। कमल सिंह मांढी ने कहा कि जब तक ये मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक किसान संघर्ष व आंदोलन की राह पर चलते रहेंगे। इस मौके पर किसान सभा जिला अध्यक्ष रणधीर कुंगड, जगबीर घसौला, रणवीर फौजी, मीर सिंह जेवली, दिलबाग गोपी, रामकुमार टिकान, रिटायर्ड कर्मचारी नेता मोतीराम, चौधरी सुरेंद्र सिंह, जाट आरक्षण संघर्ष समिति, अनाज मंडी व्यापार मंडल ने बंद के फैसले को समर्थन दिया है।
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जिला सचिवालय में चल रहे धरने के दौरान किसान नेता कमल सिंह मांढ़ी ने कहा कि किसान संगठनों की मांगों के प्रति सरकार और विभाग का रवैया नकारात्मक रहा है। इसी रवैये के विरोध में 20 सिंतबर को दोपहर बारह से तीन बजे तक कनीना रोड पर जाम लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब तक किसानों के खिलाफ तीन अध्यादेशों को वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके साथ ही किसानों की खराब हुई कपास फसल की विशेष गिरदावरी करवाने, पीपली लाठीचार्ज की न्यायिक जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई करने, बिजली बिल 2020 को वापस लेने, फसल बीमा योजना की राशि की जिम्मेदारी सरकार ले आदि मांग की। कमल सिंह मांढी ने कहा कि जब तक ये मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक किसान संघर्ष व आंदोलन की राह पर चलते रहेंगे। इस मौके पर किसान सभा जिला अध्यक्ष रणधीर कुंगड, जगबीर घसौला, रणवीर फौजी, मीर सिंह जेवली, दिलबाग गोपी, रामकुमार टिकान, रिटायर्ड कर्मचारी नेता मोतीराम, चौधरी सुरेंद्र सिंह, जाट आरक्षण संघर्ष समिति, अनाज मंडी व्यापार मंडल ने बंद के फैसले को समर्थन दिया है।
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