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Charkhi Dadri News: तीन साल बाद अंधेरे से निकला पुल दूधिया रोशनी से जगमगाया आरओबी
Mon, 20 Jul 2026 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 20 Jul 2026 01:11 AM IST
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आरओबी की लाइटे जलने के बाद दूर से ली गई तस्वीर।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। शहर के रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज अब दूधिया रोशनी से जगमगा उठा है। पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें को आखिरकार प्रशासन की सख्ती के बाद चालू कर दिया गया है।
लाइटें जलने से न केवल राहगीरों को आवागमन में सुविधा हुई है बल्कि रात के समय होने वाले संभावित हादसों पर भी लगाम लगेगी। रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग शहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिससे होकर हर दिन हजारों वाहन चालक गुजरते हैं। पिछले तीन वर्षों से इस पुल की लाइटें खराब पड़ी थीं जिसके चलते रात के समय यहां घना अंधेरा छाया रहता था। अंधेरे के कारण यह स्थान हादसों का केंद्र बन गया था।
वाहन चालकों को अक्सर दुर्घटनाओं का भय सताता था और महिलाओं व बुजुर्गों के लिए यहां से गुजरना असुरक्षित हो गया था। स्थानीय निवासियों ने कई बार संबंधित विभागों से इन लाइटों को चालू कराने की मांग की लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। जनहित के मुद्दे को संवाद न्यूज एजेंसी ने अमर उजाला समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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अखबार ने न केवल अंधेरे में डूबे पुल की तस्वीर दिखाई बल्कि वहां से गुजरने वाले लोगों की परेशानी और उनकी आपबीती को भी शासन-प्रशासन तक पहुंचाया। इन खबरों के जरिए प्रशासन पर दबाव बना। खबर प्रकाशित होने बाद उपायुक्त मंदीप कौर ने इस स्थिति का स्वतः संज्ञान लिया। उन्होंने इसे जन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों की क्लास लगाई। उपायुक्त ने लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित विभागों को कड़ा नोटिस जारी करते हुए महज 48 घंटे के भीतर सभी लाइटों को दुरुस्त कर चालू करने के आदेश जारी किए। प्रशासन की इस चेतावनी का असर यह हुआ कि विभागीय अमला हरकत में आया, और युद्ध स्तर पर नया मीटर कनेक्शन लगवाने के बाद सभी पुरानी लाइटों को बदला गया और सालों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को फिर से चालू कर दिया गया।
जगमगा उठा आरओबी, जनता ने जताई खुशी : शनिवार देर रात जब आरओबी की लाइटें जलीं तो पूरा पुल दूधिया रोशनी से नहा उठा। लाइटों के चालू होने पर क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों ने कहा कि सालों से अंधेरे में रहने के बाद आज पुल को जगमगाते देखना सुखद अहसास है। उन्होंने प्रशासन की तत्परता और संवाद न्यूज एजेंसी के सहयोग की सराहना की है।
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लाइटें जलने से न केवल राहगीरों को आवागमन में सुविधा हुई है बल्कि रात के समय होने वाले संभावित हादसों पर भी लगाम लगेगी। रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग शहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिससे होकर हर दिन हजारों वाहन चालक गुजरते हैं। पिछले तीन वर्षों से इस पुल की लाइटें खराब पड़ी थीं जिसके चलते रात के समय यहां घना अंधेरा छाया रहता था। अंधेरे के कारण यह स्थान हादसों का केंद्र बन गया था।
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वाहन चालकों को अक्सर दुर्घटनाओं का भय सताता था और महिलाओं व बुजुर्गों के लिए यहां से गुजरना असुरक्षित हो गया था। स्थानीय निवासियों ने कई बार संबंधित विभागों से इन लाइटों को चालू कराने की मांग की लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। जनहित के मुद्दे को संवाद न्यूज एजेंसी ने अमर उजाला समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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अखबार ने न केवल अंधेरे में डूबे पुल की तस्वीर दिखाई बल्कि वहां से गुजरने वाले लोगों की परेशानी और उनकी आपबीती को भी शासन-प्रशासन तक पहुंचाया। इन खबरों के जरिए प्रशासन पर दबाव बना। खबर प्रकाशित होने बाद उपायुक्त मंदीप कौर ने इस स्थिति का स्वतः संज्ञान लिया। उन्होंने इसे जन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों की क्लास लगाई। उपायुक्त ने लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित विभागों को कड़ा नोटिस जारी करते हुए महज 48 घंटे के भीतर सभी लाइटों को दुरुस्त कर चालू करने के आदेश जारी किए। प्रशासन की इस चेतावनी का असर यह हुआ कि विभागीय अमला हरकत में आया, और युद्ध स्तर पर नया मीटर कनेक्शन लगवाने के बाद सभी पुरानी लाइटों को बदला गया और सालों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को फिर से चालू कर दिया गया।
जगमगा उठा आरओबी, जनता ने जताई खुशी : शनिवार देर रात जब आरओबी की लाइटें जलीं तो पूरा पुल दूधिया रोशनी से नहा उठा। लाइटों के चालू होने पर क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों ने कहा कि सालों से अंधेरे में रहने के बाद आज पुल को जगमगाते देखना सुखद अहसास है। उन्होंने प्रशासन की तत्परता और संवाद न्यूज एजेंसी के सहयोग की सराहना की है।