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गबन मामला : डीसी ने जांच अधिकारी बदला
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चरखी दादरी/बाढड़ा।
बाढड़ा उपमंडल की ग्राम पंचायतों में सामने आए गबन मामले में अब डीसी ने जांच अधिकारी बदल दिया है। अब तक बाढड़ा एसडीएम संजय सिंह इस मामले की जांच कर रहे थे, लेकिन अब यह जिम्मेदारी जिला परिषद सीईओ कुशल कटारिया को सौंपी गई है। डीसी प्रदीप गोदारा ने इस संदर्भ में पत्र क्रमांक 2027-28 जारी किया है। बीडीपीओ ने डीसी से जांच अधिकारी बदलने का अनुरोध किया था।
बता दें कि बाढड़ा उपमंडल की ग्राम पंचायतों में करीब दो करोड़ रुपये का गबन उजागर हुआ है। इस मामले में ग्राम सचिव मुकेश समेत सात फर्मों की संलिप्तता सामने आई है। इस मामले की जांच के लिए डीसी ने गत 28 फरवरी को एसडीएम बाढड़ा को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। एसडीएम ने इस मामले में ग्राम सचिव और फर्मों को गबन राशि जमा करवाने के निर्देश दिए थे और इसके लिए 27 अप्रैल की डेडलाइन निर्धारित की गई है। इस मामले में बैंक अधिकारी व कर्मचारी भी संदेह के घेरे में हैं। एसडीएम के साथ एसआईटी के मामले की जांच करने पर भी मामले में अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जांच अधिकारी बदलने की अगर बात करें तो बीडीपीओ ने गत आठ अप्रैल को इस संबंध में डीसी को पत्र लिखा था। पत्र क्रमांक 140 में बीडीपीओ ने लिखा कि गबन मामले के आरोपी ग्राम सचिव मुकेश की बाढड़ा कार्यालय में नियुक्ति रही है, जबकि जिन फर्मों की मिलीभगत सामने आई है वो भी बाढड़ा क्षेत्र के ही हैं। ऐसे में जांच प्रभावित होने का अंदेशा है। बीडीपीओ ने इस मामले की जांच एसडीएम की बजाय बाढड़ा से बाहर तैनात किसी अधिकारी से करवाने का अनुरोध किया, जिसे डीसी ने स्वीकार करते हुए जांच अधिकारी बदल दिया है।
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फर्मों ने जमा करवाए थे करीब 34 लाख
एसडीएम ने ग्राम सचिव और फर्म संचालकों को गबन राशि जमा करवाने के आदेश दिए थे। इसके बाद दो फर्मों ने ग्राम पंचायतों के खातों में करीब 34 लाख रुपये जमा करवाए थे। हालांकि पांच फर्मों ने एसडीएम के आदेश के बाद भी गबन राशि जमा करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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बाढड़ा उपमंडल की ग्राम पंचायतों में सामने आए गबन मामले में अब डीसी ने जांच अधिकारी बदल दिया है। अब तक बाढड़ा एसडीएम संजय सिंह इस मामले की जांच कर रहे थे, लेकिन अब यह जिम्मेदारी जिला परिषद सीईओ कुशल कटारिया को सौंपी गई है। डीसी प्रदीप गोदारा ने इस संदर्भ में पत्र क्रमांक 2027-28 जारी किया है। बीडीपीओ ने डीसी से जांच अधिकारी बदलने का अनुरोध किया था।
बता दें कि बाढड़ा उपमंडल की ग्राम पंचायतों में करीब दो करोड़ रुपये का गबन उजागर हुआ है। इस मामले में ग्राम सचिव मुकेश समेत सात फर्मों की संलिप्तता सामने आई है। इस मामले की जांच के लिए डीसी ने गत 28 फरवरी को एसडीएम बाढड़ा को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। एसडीएम ने इस मामले में ग्राम सचिव और फर्मों को गबन राशि जमा करवाने के निर्देश दिए थे और इसके लिए 27 अप्रैल की डेडलाइन निर्धारित की गई है। इस मामले में बैंक अधिकारी व कर्मचारी भी संदेह के घेरे में हैं। एसडीएम के साथ एसआईटी के मामले की जांच करने पर भी मामले में अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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जांच अधिकारी बदलने की अगर बात करें तो बीडीपीओ ने गत आठ अप्रैल को इस संबंध में डीसी को पत्र लिखा था। पत्र क्रमांक 140 में बीडीपीओ ने लिखा कि गबन मामले के आरोपी ग्राम सचिव मुकेश की बाढड़ा कार्यालय में नियुक्ति रही है, जबकि जिन फर्मों की मिलीभगत सामने आई है वो भी बाढड़ा क्षेत्र के ही हैं। ऐसे में जांच प्रभावित होने का अंदेशा है। बीडीपीओ ने इस मामले की जांच एसडीएम की बजाय बाढड़ा से बाहर तैनात किसी अधिकारी से करवाने का अनुरोध किया, जिसे डीसी ने स्वीकार करते हुए जांच अधिकारी बदल दिया है।
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फर्मों ने जमा करवाए थे करीब 34 लाख
एसडीएम ने ग्राम सचिव और फर्म संचालकों को गबन राशि जमा करवाने के आदेश दिए थे। इसके बाद दो फर्मों ने ग्राम पंचायतों के खातों में करीब 34 लाख रुपये जमा करवाए थे। हालांकि पांच फर्मों ने एसडीएम के आदेश के बाद भी गबन राशि जमा करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।