फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Embezzlement case: Case registered against clerk, police asked for investigation and record

गबन मामला : लिपिक पर केस दर्ज, पुलिस ने जांच के लिए मांगा और रिकॉर्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 12:38 AM IST
विज्ञापन
Embezzlement case: Case registered against clerk, police asked for investigation and record
चरखी दादरी। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान की बजाय करोड़ों रुपये अपने दो खातों में डालने के मामले में पुलिस ने लिपिक सुनील पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार चल रहा है और उसका 12वें दिन भी सुराग नहीं लग पाया है। दूसरी ओर इस मामले की जांच शुरू करने के लिए पुलिस ने जनस्वास्थ्य विभाग से जांच का और रिकॉर्ड मांगा है। पुलिस के अनुसार जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकायत के साथ जांच का सारा रिकॉर्ड मुहैया नहीं करवाया गया है। शिकायत में यह ब्योरा भी नहीं है कि कितने करोड़ की राशि का गबन किया गया है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि जन स्वास्थ्य विभाग के लिपिक द्वारा सेवानिवृत्त और मौजूदा कर्मचारियों की भुुगतान राशि का गबन करने का मामला मंगलवार को उजागर हुआ था। कर्मचारियों ने गबन राशि करीब ढाई करोड़ रुपये बताई थी, तो विभागीय अधिकारियों द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में यह राशि करोड़ों में बताई गई थी। शिकायत की जांच करते हुए पुलिस ने बुधवार को इस संबंध में आरोपी लिपिक सुनील के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार शिकायत के साथ विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट का पूरा ब्योरा मुहैया नहीं करवाया है। शिकायत में जहां करोड़ों रुपयों का गबन करने की बात कही गई तो वहीं, राशि का जो ब्योरा दिया गया है, वो लाखों में ही है। ऐसे में पुलिस ने जन स्वास्थ्य विभाग से गबन राशि का और ब्योरा मांगा है। यह ब्योरा मुहैया करवाते ही पुलिस जांच को आगे बढ़ाएगी। फिलहाल विभाग की तरफ से यह भी जानकारी नहीं दी गई है कि लिपिक ने कितनी राशि पीएनबी के दोनों खातों में डाली। हालांकि जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जिन खातों में राशि डाली गई थी, उन्हें फ्रिज करवा चुके हैं।
विज्ञापन

जांच के लिए बनाई गई थी कमेटी, फिर भी सौंपा अधूरा रिकॉर्ड
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की शिकायत आने के बाद जांच के लिए एक विभागीय कमेटी बनाई थी जिसमें दो एसडीओ, मंडल लेखाधिकारी और उप अधीक्षक को शामिल किया गया। कमेटी ने 20 सितंबर को जांच रिपोर्ट सौंप दी थी। इसकी जिक्र भी पुलिस शिकायत में है, लेकिन विभाग की ओर से जांच रिपोर्ट में सामने आए गबन की पूरी जानकारी अब तक नहीं दी गई है जो कई सवाल खड़े कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अन्य कर्मचारी व अधिकारी पर भी शक की सुई
इस मामले में पुलिस ने सुनील पर केस दर्ज कर लिया है। इस गबन में अन्य कर्मचारी या अधिकारी के शामिल होने का भी अंदेशा है। पुलिस भी इस बात को जहन में रखते हुए जांच आगे बढ़ाएगी। अकेले लिपिक के इस तरह और इतनी बड़ी राशि का गबन करने की बात पुलिस को भी हजम नहीं हो रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तक तक जाकर सच्चाई का पता लगाया जाएगा।

इस संबंध में फिलहाल लिपिक सुनील पर केस दर्ज किया गया है। जांच के लिए हमने कुछ और रिकॉर्ड विभाग से मांगा है। अगर किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता इस मामले में सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग ने शिकायत के साथ फिलहाल जो गबन राशि का ब्योरा दिया है वह अधूरा है।
- वजीर रेढ्ढू, इंस्पेक्टर एवं सिटी थाना प्रभारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed