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Charkhi Dadri News: हड़ताल खत्म, कचरा नहीं... तीन दिन बाद भी शहर में लगे ढेर
Wed, 16 Sep 2026 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:25 AM IST
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नगर परिषद के पीछे स्थित लगा कचरे का ढेर।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। सफाई कर्मचारियों की 37 दिन लंबी हड़ताल खत्म होने के तीन दिन बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है। हड़ताल के दौरान जगह-जगह जमा हुआ कचरा अब भी कई प्रमुख स्थानों पर लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है। मातृ-शिशु अस्पताल के बाहर, छोटी बाजारी, पुराना बस स्टैंड स्थित मटका चौक, नगर परिषद के पीछे और चंपापुरी स्थित रोहतक रोड समेत कई स्थानों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर नजर आ रहे हैं। इससे लोगों को दुर्गंध के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
हड़ताल समाप्त होने के बाद शनिवार से 187 सफाई कर्मचारियों ने काम संभाला था। कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख कचरा प्वाइंटों से कचरा उठाने के साथ सभी 21 वार्डों में घर-घर से कचरा एकत्र करने का काम शुरू किया। रविवार को भी गलियों और वार्डों में सफाई अभियान चलाया गया। इसके बावजूद हड़ताल के दौरान अधिक मात्रा में कचरा जमा होने वाले कई स्थान अभी पूरी तरह साफ नहीं हो पाए हैं।
अस्पताल के बाहर कचरे के ढेर, मरीजों को परेशानी
मातृ-शिशु अस्पताल के बाहर जमा कचरे के कारण मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्वास्थ्य केंद्र के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर होना जरूरी है, लेकिन अस्पताल के बाहर ही कचरे के ढेर लगे होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कचरे से दुर्गंध फैलने के साथ आवारा पशु भी इसके आसपास मंडराते रहते हैं। अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों का कहना है कि यहां नियमित सफाई के साथ लंबे समय से जमा कचरे को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाना चाहिए।
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बाजार और मुख्य मार्गों पर भी कचरा बना परेशानी
छोटी बाजारी, पुराना बस स्टैंड स्थित मटका चौक और नगर परिषद के पीछे कचरा जमा होने से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। वहीं चंपापुरी में रोहतक रोड के आसपास भी कचरे के ढेर पड़े हुए हैं। मुख्य मार्ग के नजदीक कचरा जमा होने से यहां से गुजरने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि हड़ताल खत्म होने के बाद सफाई व्यवस्था तेजी से सामान्य होने की उम्मीद थी, लेकिन अभी कई प्रमुख स्थानों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
प्राथमिकता से हो पुराने कचरे का उठान
हड़ताल के 37 दिनों में शहर में बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया था। अब कर्मचारी काम पर लौट चुके हैं लेकिन सामान्य सफाई के साथ हड़ताल के दौरान जमा पुराने कचरे को उठाना भी नगर परिषद के सामने बड़ी चुनौती है। शहरवासियों का कहना है कि नियमित घर-घर कचरा उठाने के साथ ऐसे सभी कचरा प्वाइंट चिह्नित कर विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि जल्द से जल्द शहर को पूरी तरह साफ किया जा सके। लोगों ने नगर परिषद से अस्पताल, बाजार और मुख्य मार्गों पर जमा कचरे को प्राथमिकता के आधार पर उठवाने की मांग की है।
वर्सन:
शहर में कही भी कचरा नगर आने पर इसका फोटो कर नगर परिषद की वेबसाइट पर भेज दे वहीं हमने सभी सफाई दरोगा को शहर के हर प्वाइंट से कचरा उठाने के आदेश जारी किए है। अगले दो दिनों में पूरा शहर साफ व स्वच्छ नजर आने लगेंगा।- वाशु सांगवान, कार्यवाहक मुख्य सफाई निरीक्षक एवं जेई, नगर परिषद।
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हड़ताल समाप्त होने के बाद शनिवार से 187 सफाई कर्मचारियों ने काम संभाला था। कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख कचरा प्वाइंटों से कचरा उठाने के साथ सभी 21 वार्डों में घर-घर से कचरा एकत्र करने का काम शुरू किया। रविवार को भी गलियों और वार्डों में सफाई अभियान चलाया गया। इसके बावजूद हड़ताल के दौरान अधिक मात्रा में कचरा जमा होने वाले कई स्थान अभी पूरी तरह साफ नहीं हो पाए हैं।
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अस्पताल के बाहर कचरे के ढेर, मरीजों को परेशानी
मातृ-शिशु अस्पताल के बाहर जमा कचरे के कारण मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्वास्थ्य केंद्र के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर होना जरूरी है, लेकिन अस्पताल के बाहर ही कचरे के ढेर लगे होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कचरे से दुर्गंध फैलने के साथ आवारा पशु भी इसके आसपास मंडराते रहते हैं। अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों का कहना है कि यहां नियमित सफाई के साथ लंबे समय से जमा कचरे को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाना चाहिए।
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बाजार और मुख्य मार्गों पर भी कचरा बना परेशानी
छोटी बाजारी, पुराना बस स्टैंड स्थित मटका चौक और नगर परिषद के पीछे कचरा जमा होने से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। वहीं चंपापुरी में रोहतक रोड के आसपास भी कचरे के ढेर पड़े हुए हैं। मुख्य मार्ग के नजदीक कचरा जमा होने से यहां से गुजरने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि हड़ताल खत्म होने के बाद सफाई व्यवस्था तेजी से सामान्य होने की उम्मीद थी, लेकिन अभी कई प्रमुख स्थानों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
प्राथमिकता से हो पुराने कचरे का उठान
हड़ताल के 37 दिनों में शहर में बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया था। अब कर्मचारी काम पर लौट चुके हैं लेकिन सामान्य सफाई के साथ हड़ताल के दौरान जमा पुराने कचरे को उठाना भी नगर परिषद के सामने बड़ी चुनौती है। शहरवासियों का कहना है कि नियमित घर-घर कचरा उठाने के साथ ऐसे सभी कचरा प्वाइंट चिह्नित कर विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि जल्द से जल्द शहर को पूरी तरह साफ किया जा सके। लोगों ने नगर परिषद से अस्पताल, बाजार और मुख्य मार्गों पर जमा कचरे को प्राथमिकता के आधार पर उठवाने की मांग की है।
वर्सन:
शहर में कही भी कचरा नगर आने पर इसका फोटो कर नगर परिषद की वेबसाइट पर भेज दे वहीं हमने सभी सफाई दरोगा को शहर के हर प्वाइंट से कचरा उठाने के आदेश जारी किए है। अगले दो दिनों में पूरा शहर साफ व स्वच्छ नजर आने लगेंगा।- वाशु सांगवान, कार्यवाहक मुख्य सफाई निरीक्षक एवं जेई, नगर परिषद।