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Charkhi Dadri News: शिक्षा विभाग 20 को करेगा बाल वाटिकाओं में एफएलएन मेगा मॉनिटरिंग
Wed, 18 Dec 2024 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 18 Dec 2024 12:43 AM IST
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दस दिन पहले बालवाटिका शिक्षकों को दी गई थी ट्रेनिंग, अब निदेशालय ने दिए सभी जिलों में निरीक्षण के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला शिक्षा विभाग की ओर से 20 दिसंबर को जिले की बाल वाटिकाओं में एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) मेगा मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए विभाग ने 220 टीमें तैयार की हैं। ये टीमें अब जिले की 209 बालवाटिकाओं का निरीक्षण कर सुविधाओं की जांच करेंगी।
3 से 7 दिसंबर तक सभी बालवाटिका शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की ट्रेनिंग दी गई थी। इसमें उन्हें विद्यार्थियों को पढ़ाने के नए तरीके और प्रतिदिन उनकी कॉपी जांच की जानकारी दी गई। साथ ही विभाग ने सभी 209 प्राथमिक विद्यालयों को भी विद्यार्थियों के लिए उचित सुविधाएं प्रदान के आदेश दिए थे। अब विभाग बालवाटिका के तौर पर पहले चरण का निरीक्षण करेगा। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, बीआरपी, एबीआरसी, प्राचार्य आदि शामिल रहेंगे।
एक ही दिन सभी टीमें अपने स्कूल में जाकर निरीक्षण करेंगी और दिए गए तथ्यों के आधार पर जांच करेंगी। इसमें पाई जाने वाली सुविधाएं व खामियों को टीमें गूगल फॉर्म में भरकर डीएसई को प्रेषित करेंगी। अब दो दिन में सभी टीमों को निरीक्षण के लिए स्कूल आवंटित किए जाएंगे।
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विभाग की ओर से पहले से ही स्कूलों को सुविधाओं कमी का ब्योरा देने के आदेश दिए गए हैं। अब अगर स्कूलों में कमी पाई जाती है तो विभाग स्कूल प्राचार्यों से इसका जवाब तलब करेगा। साथ ही पढ़ाई में लापरवाही पाए जाने पर प्राचार्यों पर गाज गिर सकती है।
- इन पैमानों पर की जाएगी जांच
एफएलएन प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, विद्यार्थियों की पाठ्यसामग्री, शैक्षणिक स्तर, अभ्यास पुस्तिका, कक्ष दृश्य यानी इसमें पढ़ाई से संबंधित चित्र या कैलेंडर आदि लगाए गए हैं या नहीं, विद्यार्थियों के लिए पानी-शौचालय, बैठने के लिए भवन, डेस्क, चटाई आदि की व्यवस्था जांची जाएंगी। इसके साथ ही शिक्षकों को दी गई टीएलएम किट का कितना प्रयोग हुआ है और विद्यार्थियों ने कितना ज्ञान अर्जित किया, इसकी जानकारी भी शिक्षकों से ली जाएगी। इन पर खरे न उतरने वाले प्राचार्याें से विभाग जवाब मांगेगा।
वर्सन:
मॉनीटरिंग का उद्देश्य प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर जांचना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की अन्य सुविधाओं का भी अवलोकन किया जाएगा। विभाग की ओर से टीम तैयार की गई हैं। 20 दिसंबर को सभी टीम सुबह प्रार्थना सभा से लेकर छुट्टी होने तक स्कूलों में व्यवस्थाएं आदि जांचेंगी। इसमें निदेशालय अधिकारी भी शामिल रहेंगे।
-नवीन नारा, डीईईओ, शिक्षा विभाग
फोटो- 01
शहर के झाडू सिंह चौक स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पढ़ाई करते विद्यार्थी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला शिक्षा विभाग की ओर से 20 दिसंबर को जिले की बाल वाटिकाओं में एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) मेगा मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए विभाग ने 220 टीमें तैयार की हैं। ये टीमें अब जिले की 209 बालवाटिकाओं का निरीक्षण कर सुविधाओं की जांच करेंगी।
3 से 7 दिसंबर तक सभी बालवाटिका शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की ट्रेनिंग दी गई थी। इसमें उन्हें विद्यार्थियों को पढ़ाने के नए तरीके और प्रतिदिन उनकी कॉपी जांच की जानकारी दी गई। साथ ही विभाग ने सभी 209 प्राथमिक विद्यालयों को भी विद्यार्थियों के लिए उचित सुविधाएं प्रदान के आदेश दिए थे। अब विभाग बालवाटिका के तौर पर पहले चरण का निरीक्षण करेगा। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, बीआरपी, एबीआरसी, प्राचार्य आदि शामिल रहेंगे।
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एक ही दिन सभी टीमें अपने स्कूल में जाकर निरीक्षण करेंगी और दिए गए तथ्यों के आधार पर जांच करेंगी। इसमें पाई जाने वाली सुविधाएं व खामियों को टीमें गूगल फॉर्म में भरकर डीएसई को प्रेषित करेंगी। अब दो दिन में सभी टीमों को निरीक्षण के लिए स्कूल आवंटित किए जाएंगे।
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विभाग की ओर से पहले से ही स्कूलों को सुविधाओं कमी का ब्योरा देने के आदेश दिए गए हैं। अब अगर स्कूलों में कमी पाई जाती है तो विभाग स्कूल प्राचार्यों से इसका जवाब तलब करेगा। साथ ही पढ़ाई में लापरवाही पाए जाने पर प्राचार्यों पर गाज गिर सकती है।
- इन पैमानों पर की जाएगी जांच
एफएलएन प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, विद्यार्थियों की पाठ्यसामग्री, शैक्षणिक स्तर, अभ्यास पुस्तिका, कक्ष दृश्य यानी इसमें पढ़ाई से संबंधित चित्र या कैलेंडर आदि लगाए गए हैं या नहीं, विद्यार्थियों के लिए पानी-शौचालय, बैठने के लिए भवन, डेस्क, चटाई आदि की व्यवस्था जांची जाएंगी। इसके साथ ही शिक्षकों को दी गई टीएलएम किट का कितना प्रयोग हुआ है और विद्यार्थियों ने कितना ज्ञान अर्जित किया, इसकी जानकारी भी शिक्षकों से ली जाएगी। इन पर खरे न उतरने वाले प्राचार्याें से विभाग जवाब मांगेगा।
वर्सन:
मॉनीटरिंग का उद्देश्य प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर जांचना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की अन्य सुविधाओं का भी अवलोकन किया जाएगा। विभाग की ओर से टीम तैयार की गई हैं। 20 दिसंबर को सभी टीम सुबह प्रार्थना सभा से लेकर छुट्टी होने तक स्कूलों में व्यवस्थाएं आदि जांचेंगी। इसमें निदेशालय अधिकारी भी शामिल रहेंगे।
-नवीन नारा, डीईईओ, शिक्षा विभाग
फोटो- 01
शहर के झाडू सिंह चौक स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पढ़ाई करते विद्यार्थी। संवाद