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Charkhi Dadri News: तकनीकी कमी से यूरिया के लिए लग रही लबीं कतार
Wed, 03 Dec 2025 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 03 Dec 2025 02:02 AM IST
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यूरिया खाद मिलने के बाद वाहन में रखते हुए किसान।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में रबी सीजन के बीच यूरिया खाद की किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि मंगलवार को पुरानी अनाज मंडी स्थित जमींदारा सोसाइटी में यूरिया पुलिस की मौजूदगी में यूरिया खाद वितरित की गई। रविवार को जिले में 12000 बैग यूरिया खाद पहुंची थी, जिसमें से 2550 बैग जमींदारा सोसाइटी को मिले थे।
इसके बाद साेमवार को करीब 800 बैग यूरिया के वितरित किए गए थे। वहीं मंगलवार को 1200 बैग किसानों को बांटे गए। वितरण के दौरान किसानों के बीच धक्का मुक्की, हंगामा और अव्यवस्था दिखाई दी।
कभी इंटरनेट धीमा हो रहा है तो कभी फिंगर प्रिंट नहीं मैच हो रहे हैं। किसान 6 बजे लाइन में लगे किसानों को दोपहर लगभग 1 बजे जाकर खाद मिल पाया। कई किसान बिना खाद लिए ही थक कर घर लौट गए।
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किसानों को यूरिया के बैग ऑनलाइन एंट्री के बाद दिए जा रहे हैं, ऐसे में कई बार इंटरनेट धीमा होने के कारण टोकन कटने में लंबा समय लगता है। इसके अलावा किसानों के फिंगर प्रिंट काम करके घिस जाते है, जिसके कारण उनकी केवाईसी होने में काफी दिक्कतें आती है। एक टोकन कटने में पांच मिनट से भी अधिक समय लग जाता है, जिसके कारण किसानों को घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।
प्रति एकड़ 1, अधिकतम दिए जा रहे 5 बैग : खाद वितरण केंद्र पर सीमित स्टॉक के कारण प्रति किसान सिर्फ प्रति एकड़ एक बैग देने का नियम लगाया गया है। जिस किसान का जितना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर है, उसी के मुताबिक बैग दिए जा रहे है। एक किसान को अधिकतम 5 बैग दिए जा रहे हैं।
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इसके बाद साेमवार को करीब 800 बैग यूरिया के वितरित किए गए थे। वहीं मंगलवार को 1200 बैग किसानों को बांटे गए। वितरण के दौरान किसानों के बीच धक्का मुक्की, हंगामा और अव्यवस्था दिखाई दी।
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कभी इंटरनेट धीमा हो रहा है तो कभी फिंगर प्रिंट नहीं मैच हो रहे हैं। किसान 6 बजे लाइन में लगे किसानों को दोपहर लगभग 1 बजे जाकर खाद मिल पाया। कई किसान बिना खाद लिए ही थक कर घर लौट गए।
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किसानों को यूरिया के बैग ऑनलाइन एंट्री के बाद दिए जा रहे हैं, ऐसे में कई बार इंटरनेट धीमा होने के कारण टोकन कटने में लंबा समय लगता है। इसके अलावा किसानों के फिंगर प्रिंट काम करके घिस जाते है, जिसके कारण उनकी केवाईसी होने में काफी दिक्कतें आती है। एक टोकन कटने में पांच मिनट से भी अधिक समय लग जाता है, जिसके कारण किसानों को घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।
प्रति एकड़ 1, अधिकतम दिए जा रहे 5 बैग : खाद वितरण केंद्र पर सीमित स्टॉक के कारण प्रति किसान सिर्फ प्रति एकड़ एक बैग देने का नियम लगाया गया है। जिस किसान का जितना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर है, उसी के मुताबिक बैग दिए जा रहे है। एक किसान को अधिकतम 5 बैग दिए जा रहे हैं।