{"_id":"6674a009fc34bd3cea05c5c6","slug":"drinking-water-problem-not-resolved-in-jhojhu-kalan-chc-even-after-20-years-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-119209-2024-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: 20 साल बाद भी झोझूकलां सीएचसी में दूर नहीं हुई पेयजल समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: 20 साल बाद भी झोझूकलां सीएचसी में दूर नहीं हुई पेयजल समस्या
Fri, 21 Jun 2024 03:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 21 Jun 2024 03:02 AM IST
विज्ञापन
सीएचसी के मित्र कक्ष के बाहर रखा कैंपर। संवाद
मनुकांत रोहिल्ला
झोझूकलां। दो दशक बीतने के बाद भी झोझूकलां सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) से पेयजल की समस्या दूर नहीं हुई है। सप्लाई के दौरान ट्यूबवेल का खारा पानी आ रहा है, जबकि वाटर कूलर भी एक साल से काम नहीं कर रहा। ऐसे में स्टाफ को घर से पानी लाना पड़ता है। वहीं वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कैंपर रखवाकर काम चलाया जा रहा है।
झोझूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन जिला स्वास्थ्य विभाग ने तीन साल पहले ही छह करोड़ की लागत से तैयार करवाया है। भवन निर्माण के बाद क्षेत्र के लोगों को सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओंं में सुधार होने की उम्मीद थी। अब अगर धरातल की बात करें तो सीएचसी के अंदर पेयजल सप्लाई में मीठा पानी तक नहीं पहुंच पा रहा। इसके चलते स्टाफ के साथ मरीजों व तीमारदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संवाददाता ने सीएचसी पहुंचकर पेयजल संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सामने आया कि सीएचसी में पेयजल आपूर्ति तो की जा रही है, लेकिन पानी खारा आता है जिसे पीया नहीं किया जा सकता। इस समस्या के समाधान के लिए स्टाफ सदस्य कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी भी नतीजा सिफर है।
विज्ञापन
पानी उपचारित संयंत्र लगाने की मांग नहीं चढ़ी परवान
सूत्रों की मानें तो स्थानीय स्टाफ ने विभाग से पेयजल समस्या को दूर करने के लिए सीएचसी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट यानी पानी उपचारित संयंत्र लगवाने की मांग की हुई है। ये मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। एक बार इस संबंध में रिमाइंडर भी डाला जा चुका है।
80-90 रहती है दैनिक ओपीडी
झोझूकलां सीएचसी पर आस-पास के करीब 15 गांव निर्भर हैं। यहां की दैनिक ओपीडी करीब 80 से 90 रहती है। इसके अलावा विभिन्न शिफ्ट में यहां 55 कर्मचारी भी अपनी सेवाएं देते हैं।
मरीज बोले- पानी की भारी किल्लत, आ रहीं दिक्कतें
- झोझूकलां सीएचसी में पानी की सुविधा नहीं है। इतना ही नहीं यहां शौचालय में पानी खत्म है, जिसके चलते मरीज व तीमारदारों के परेशानी झेलनी पड़ रही है। - कौशल्या देवी, तीमारदार
मेरी डिलीवरी होनी है और मंगलवार रात से झोझूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हूं। यहां पानी का प्रबंध नहीं है और विभाग को समस्या का समाधान करना चाहिए। - प्रीता कुमारी, मरीज
वर्सन:
आपूर्ति में खारा पानी आने के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल की समस्या बनी हुई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कैंपर रखवाकर काम चलाया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत करवा चुके हैं और जल्द समाधान होने की उम्मीद है। - डॉ. राहुल, एमओ, झोझूकलां सीएचसी
विज्ञापन
झोझूकलां। दो दशक बीतने के बाद भी झोझूकलां सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) से पेयजल की समस्या दूर नहीं हुई है। सप्लाई के दौरान ट्यूबवेल का खारा पानी आ रहा है, जबकि वाटर कूलर भी एक साल से काम नहीं कर रहा। ऐसे में स्टाफ को घर से पानी लाना पड़ता है। वहीं वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कैंपर रखवाकर काम चलाया जा रहा है।
झोझूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन जिला स्वास्थ्य विभाग ने तीन साल पहले ही छह करोड़ की लागत से तैयार करवाया है। भवन निर्माण के बाद क्षेत्र के लोगों को सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओंं में सुधार होने की उम्मीद थी। अब अगर धरातल की बात करें तो सीएचसी के अंदर पेयजल सप्लाई में मीठा पानी तक नहीं पहुंच पा रहा। इसके चलते स्टाफ के साथ मरीजों व तीमारदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
संवाददाता ने सीएचसी पहुंचकर पेयजल संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सामने आया कि सीएचसी में पेयजल आपूर्ति तो की जा रही है, लेकिन पानी खारा आता है जिसे पीया नहीं किया जा सकता। इस समस्या के समाधान के लिए स्टाफ सदस्य कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी भी नतीजा सिफर है।
विज्ञापन
पानी उपचारित संयंत्र लगाने की मांग नहीं चढ़ी परवान
सूत्रों की मानें तो स्थानीय स्टाफ ने विभाग से पेयजल समस्या को दूर करने के लिए सीएचसी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट यानी पानी उपचारित संयंत्र लगवाने की मांग की हुई है। ये मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। एक बार इस संबंध में रिमाइंडर भी डाला जा चुका है।
80-90 रहती है दैनिक ओपीडी
झोझूकलां सीएचसी पर आस-पास के करीब 15 गांव निर्भर हैं। यहां की दैनिक ओपीडी करीब 80 से 90 रहती है। इसके अलावा विभिन्न शिफ्ट में यहां 55 कर्मचारी भी अपनी सेवाएं देते हैं।
मरीज बोले- पानी की भारी किल्लत, आ रहीं दिक्कतें
- झोझूकलां सीएचसी में पानी की सुविधा नहीं है। इतना ही नहीं यहां शौचालय में पानी खत्म है, जिसके चलते मरीज व तीमारदारों के परेशानी झेलनी पड़ रही है। - कौशल्या देवी, तीमारदार
मेरी डिलीवरी होनी है और मंगलवार रात से झोझूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हूं। यहां पानी का प्रबंध नहीं है और विभाग को समस्या का समाधान करना चाहिए। - प्रीता कुमारी, मरीज
वर्सन:
आपूर्ति में खारा पानी आने के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल की समस्या बनी हुई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कैंपर रखवाकर काम चलाया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत करवा चुके हैं और जल्द समाधान होने की उम्मीद है। - डॉ. राहुल, एमओ, झोझूकलां सीएचसी