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Charkhi Dadri News: हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में आज डॉक्टर हड़ताल पर
Thu, 25 Jul 2024 06:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 25 Jul 2024 06:57 AM IST
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चरखी दादरी का सिविल अस्पताल।
चरखी दादरी। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमएस) के आह्वान पर दादरी जिले के सभी 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सक वीरवार को हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान चिकित्सकों ने आपातकालीन सेवाएं भी बंद रखने का एलान किया है। वीरवार को मोर्चरी में पोस्टमार्टम भी नहीं किए जाएंगे। ऐसे में वीरवार को हड़ताल के कारण इन स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी प्रभावित रहने से करीब ढाई हजार मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है
एचसीएमएस के जिला महासचिव डॉ. आशीष मान ने बताया कि 18 जुलाई को संगठन और सरकार के बीच वार्ता हुई थी। इसमें सहमति बनी थी कि चार, नौ, 13 साल पर एसीपी, इन सर्विस पीजी बॉन्ड एक करोड़ से 50 लाख रुपये तक करने का नोटिफिकेशन 25 जुलाई से पहले आ जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके लिए एक सप्ताह पहले दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की गई थी। अब मजबूरीवश एसोसिएशन को पूर्णतया हड़ताल रखने का निर्णय लेना पड़ा।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी दिसंबर 2023 में एसोसिएशन ने हड़ताल की थी। तब भी सरकार के प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया था कि सभी मांगें जायज हैं। वे जल्द मान ली जाएंगी लेकिन सात माह बाद भी कोई मांग पूरी नहीं की गई।
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- ये हैं प्रमुख मांगें
डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन। गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से घटाकर 50 लाख रुपये की जाए। ग्रामीण अस्पतालों को दूरस्थ क्षेत्र घोषित कर पीजी कोटा बहाल हो। डॉक्टरों को पीजी कोटा मिले। विशेषज्ञ के लिए अतिरिक्त इंसेटिव। डॉक्टर की 10 साल में पदोन्नति। पीजी नीति जल्द बनाने की मांग।
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एचसीएमएस के जिला महासचिव डॉ. आशीष मान ने बताया कि 18 जुलाई को संगठन और सरकार के बीच वार्ता हुई थी। इसमें सहमति बनी थी कि चार, नौ, 13 साल पर एसीपी, इन सर्विस पीजी बॉन्ड एक करोड़ से 50 लाख रुपये तक करने का नोटिफिकेशन 25 जुलाई से पहले आ जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके लिए एक सप्ताह पहले दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की गई थी। अब मजबूरीवश एसोसिएशन को पूर्णतया हड़ताल रखने का निर्णय लेना पड़ा।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले भी दिसंबर 2023 में एसोसिएशन ने हड़ताल की थी। तब भी सरकार के प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया था कि सभी मांगें जायज हैं। वे जल्द मान ली जाएंगी लेकिन सात माह बाद भी कोई मांग पूरी नहीं की गई।
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- ये हैं प्रमुख मांगें
डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन। गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से घटाकर 50 लाख रुपये की जाए। ग्रामीण अस्पतालों को दूरस्थ क्षेत्र घोषित कर पीजी कोटा बहाल हो। डॉक्टरों को पीजी कोटा मिले। विशेषज्ञ के लिए अतिरिक्त इंसेटिव। डॉक्टर की 10 साल में पदोन्नति। पीजी नीति जल्द बनाने की मांग।