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उपायुक्त ने मुआवजा बढ़वाने के लिए मांगा 15 दिन का समय
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चरखी दादरी। खातीवास गांव में ग्रीन कॉरिडोर (एनएच 152-डी) के निर्माण के लिए अधिगृहीत जमीन का मुआवजा बढ़ाने का मामला अभी सुलझा नहीं है। मामले को लेकर खातीवास गांव के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, खाप प्रतिनिधियों की उपायुक्त प्रदीप गोदारा के साथ एक घंटे तक बैठक चली। जिसमें उपायुक्त ने मुख्यालय अधिकारियों, सरकार के प्रतिनिधियों से पत्र व्यवहार कर मुआवजा बढ़वाने के लिए 15 दिन का समय मांगा। जिस पर प्रतिनिधि सदस्य सहमत हुए। प्रतिनिधि सदस्यों ने बाद में बाहर आने के बाद चेतावनी दी कि 15 दिन में कोई संतोषजनक हल नहीं निकाला और मुआवजा नहीं बढ़ाया तो सभी खापों की पंचायत कर सख्त निर्णय लिया जाएगा।
मंगलवार को दोपहर एक बजे खातीवास गांव के ग्रामीण संघर्ष समिति के प्रधान अनूप सिंह के नेतृत्व में उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के अलावा फौगाट खाप प्रधान बलवंत सिंह फौगाट, शमशेर सिंह, नत्थु और सीताराम, अधिवक्ता रमेश दलाल बैठक में पहुंचे। उपायुक्त प्रदीप गोदारा के अलावा एसडीएम वीरेंद्र सिंह शामिल हुए। बैठक में किसानों की मांगों खासकर अधिगृहीत जमीन का मुआवजा बढ़ाने और किसानों को खेतों में जाने के लिए रास्ता देने पर विचार विमर्श किया गया। करीब एक घंटे तक प्रशासनिक अधिकारियों, ग्रामीणों और खाप प्रतिनिधियों में बैठक चली। जिस पर 15 दिन में मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला। आश्वासन के बाद ग्रामीण संतुष्ट नजर आए।
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भारत माला परियोजना का हिस्सा है एनएच 152 डी -
एनएच-152 डी केंद्र सरकार की भारत माला परियोजना का हिस्सा है। प्रदेश के सात जिलों से गुजरने वाले इस नेशनल हाईवे का काम खातीवास में 70 एकड़ जमीन पर कब्जा न मिलने के चलते रुका हुआ था। यह 70 एकड़ जमीन 439 ग्रामीणों की है। सरकार की ओर से 2018 में ग्रीन कॉरिडोर नेशनल हाईवे 152डी के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था। किसानों ने उचित मुआवजा नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। चिड़िया मार्ग नजदीक रामनगर में धरना दिया।
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35-40 लाख प्रति एकड़ की मांग कर रहे ग्रामीण -
ग्रामीणों के अनुसार सरकार द्वारा जमीन की प्रति एकड़ 10 लाख रुपये राशि निर्धारित की गई। बाद में इसे 18 लाख रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ाया गया। किसान 35 से 40 लाख रुपये प्रति एकड़ की मांग कर रहे हैं। बीते शुक्रवार को एनएचएआई अधिकारी पूरे प्रशासनिक अमले और पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे थे और अधिगृहीत जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू की थी। जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया तो पुलिस ने विरोध करने वालों को हिरासत में लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को लेकर उपायुक्त से बैठक करवाने का आश्वासन दिया था।
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15 दिन में समाधान नहीं तो लेंगे सख्त फैसला -
एनएच 152डी के लिए खातीवास गांव के 439 किसानों की 70 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है। जिसका मुआवजा किसानों को उचित नहीं मिला। उचित मुआवजे की किसान मांग कर रहे हैं। उपायुक्त के साथ एक घंटे तक हुई बैठक और वार्ता सकारात्मक रही। उपायुक्त ने जमीन का मुआवजा बढ़वाने के लिए 15 दिन का समय मांगा है। यदि 15 दिन में उचित फैसला लेकर किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है तो सभी खापों को एकत्रित कर सख्त निर्णय लिया जाएगा। 15 दिन सभी किसान उपायुक्त के आश्वासन पर शांत रहकर इंतजार करेंगे।
- अनूप सिंह, अध्यक्ष, खातीवास धरना संयोजक कमेटी।
फोटो 08
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मंगलवार को दोपहर एक बजे खातीवास गांव के ग्रामीण संघर्ष समिति के प्रधान अनूप सिंह के नेतृत्व में उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के अलावा फौगाट खाप प्रधान बलवंत सिंह फौगाट, शमशेर सिंह, नत्थु और सीताराम, अधिवक्ता रमेश दलाल बैठक में पहुंचे। उपायुक्त प्रदीप गोदारा के अलावा एसडीएम वीरेंद्र सिंह शामिल हुए। बैठक में किसानों की मांगों खासकर अधिगृहीत जमीन का मुआवजा बढ़ाने और किसानों को खेतों में जाने के लिए रास्ता देने पर विचार विमर्श किया गया। करीब एक घंटे तक प्रशासनिक अधिकारियों, ग्रामीणों और खाप प्रतिनिधियों में बैठक चली। जिस पर 15 दिन में मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला। आश्वासन के बाद ग्रामीण संतुष्ट नजर आए।
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भारत माला परियोजना का हिस्सा है एनएच 152 डी -
एनएच-152 डी केंद्र सरकार की भारत माला परियोजना का हिस्सा है। प्रदेश के सात जिलों से गुजरने वाले इस नेशनल हाईवे का काम खातीवास में 70 एकड़ जमीन पर कब्जा न मिलने के चलते रुका हुआ था। यह 70 एकड़ जमीन 439 ग्रामीणों की है। सरकार की ओर से 2018 में ग्रीन कॉरिडोर नेशनल हाईवे 152डी के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था। किसानों ने उचित मुआवजा नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। चिड़िया मार्ग नजदीक रामनगर में धरना दिया।
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35-40 लाख प्रति एकड़ की मांग कर रहे ग्रामीण -
ग्रामीणों के अनुसार सरकार द्वारा जमीन की प्रति एकड़ 10 लाख रुपये राशि निर्धारित की गई। बाद में इसे 18 लाख रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ाया गया। किसान 35 से 40 लाख रुपये प्रति एकड़ की मांग कर रहे हैं। बीते शुक्रवार को एनएचएआई अधिकारी पूरे प्रशासनिक अमले और पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे थे और अधिगृहीत जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू की थी। जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया तो पुलिस ने विरोध करने वालों को हिरासत में लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को लेकर उपायुक्त से बैठक करवाने का आश्वासन दिया था।
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15 दिन में समाधान नहीं तो लेंगे सख्त फैसला -
एनएच 152डी के लिए खातीवास गांव के 439 किसानों की 70 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है। जिसका मुआवजा किसानों को उचित नहीं मिला। उचित मुआवजे की किसान मांग कर रहे हैं। उपायुक्त के साथ एक घंटे तक हुई बैठक और वार्ता सकारात्मक रही। उपायुक्त ने जमीन का मुआवजा बढ़वाने के लिए 15 दिन का समय मांगा है। यदि 15 दिन में उचित फैसला लेकर किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है तो सभी खापों को एकत्रित कर सख्त निर्णय लिया जाएगा। 15 दिन सभी किसान उपायुक्त के आश्वासन पर शांत रहकर इंतजार करेंगे।
- अनूप सिंह, अध्यक्ष, खातीवास धरना संयोजक कमेटी।
फोटो 08