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रामनगर एसटीपी को समसपुर एसटीपी से जोड़ेगा विभाग, सर्वे शुरू
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Department will connect Ramnagar STP with Samaspur STP, survey started
- फोटो : CharkhiDadri
शहर की सीवर लाइनों के दूषित पानी को ड्रेन नंबर आठ तक पहुंचाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग रामनगर-कपूरी और समसपुर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) को जोड़ेगा। इसके लिए अंडरग्राउंड लोहे की पाइप लाइन बिछाई जाएगी और रामनगर एसटीपी का पानी समसपुर एसटीपी के जरिये ड्रेन नंबर आठ तक पहुंचेगा। रामनगर-कपूरी एसटीपी से आगे पानी निकासी का प्रबंध न होने से चार वार्डों के करीब 25 हजार लोग परेशानियां झेल रहे थे। दोनों एसटीपी को जोड़ने के लिए विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 15 इंची पाइप लाइन करीब पांच किलोमीटर की लंबाई में बिछाई जाएगी।
शहर में दो एसटीपी हैं। इनके जरिये दूषित पानी की निकासी की जाती है। रामनगर-कपूरी के समीप बने एसटीपी में शहर का करीब 40 प्रतिशत दूषित पानी जाता है। दिल्ली बाइपास स्थित एसटीपी में 60 प्रतिशत पानी पहुंचता है। दोनों एसटीपी फिलहाल दो साल से सही ढंग से वर्किंग में नहीं होने से आसपास खेती करने वाले किसानों को परेशानी होती रही है। खासकर बारिश में एसटीपी स्टोरेज टैंक भर जाने पर दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे शहर की सीवर लाइनें भी ब्लॉक हो जाती हैं।
जिस समय ये दोनों एसटीपी बने उस समय तो किसान मशीनों से ट्रीट किए पानी को सिंचाई में प्रयोग करते थे, लेकिन अब इस पानी की खपत नहीं हो पा रही है। खेतों में लगातार पानी भरे रहने की वजह से उपजाऊ शक्ति कमजोर होने लगी है। इसे लेकर गांव समसपुर के लोग कई बार रोष प्रकट कर चुके हैं।
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ड्रेन नंबर आठ में पानी डालने की है योजना
जनस्वास्थ्य विभाग कपूरी-रामनगर एसटीपी को दिल्ली बाइपास स्थित एसटीपी से कनेक्ट किया जाएगा। कपूरी- रामनगर से दिल्ली बाइपास एसटीपी तक 15 इंची मेन लाइन बिछाई जाएगी। वहां से यह दूषित पानी ड्रेन आठ में डाला जाएगा। ड्रेन आठ तक करीब 25 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाए जाने केे लिए पहले ही 37.50 करोड़ के टेंडर हो चुके हैं। कपूरी एसटीपी से करीब पांच किलोमीटर लंबी लाइन लाइन बधवाना नहर के साथ-साथ बिछाई जाएगी। दिल्ली बाइपास एसटीपी के लिए तो अब जगह की भी कमी बनी हुई है। यहां बने स्टोरेज टैंक का आधा हिस्सा एनएच-152 डी में आ चुका है, जिससे अब यहां जगह काफी कम पड़ गई है।
70 फीसदी आबादी सीवर समस्या से परेशान
शहर की आबादी 90 हजार से पार है। 21 वार्डों में करीब 100 से अधिक जगहों पर सीवर ब्लॉकेज की समस्या निरंतर बनी रहती है। हालांकि पिछले एक माह में विभाग 150 से अधिक ब्लॉकेज खुलवा भी चुका है, लेकिन एसटीपी तक कम पानी पहुंचने के कारण सीवर लाइनें बैक मार रही हैं। इस समय शहर की 70 फीसदी आबादी सीवर समस्या से परेशान है और लोग समस्या को लेकर रोष प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
तीन साल से नहीं चली रामनगर एसटीपी की मोटर
रामनगर एसटीपी की मुख्य 36 इंची लाइन आठ जगह से क्षतिग्रस्त है। पिछले तीन साल से एसटीपी वर्किंग में नहीं है। इस एसटीपी से जुड़े चार वार्डों के लोग अपने स्तर पर ही समीप खाली प्लॉटों या जगहों पर दूषित पानी की निकासी कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की दावा है कि जल्द ही मुख्य लाइन को बदल दिया जाएगा और इस प्रक्रिया पर काम शुरू जल्द हो जाएगा।
पांच-पांच एमएलडी है दोनों एसटीपी की क्षमता
रामनगर-कपूरी और समसपुर एसटीपी की क्षमता पांच-पांच एमएलडी है। दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट की स्टोरेज क्षमता भी बढ़ाने की दरकार है। इस समय मुख्य 36 इंची लाइनों से पूरे पानी का उठान नहीं हो पा रहा है और इसके कारण कई जगहों पर सीवर मैनहोल बैक मार रहे हैं।
सीवर व्यवस्था में सुधार के लिए हम निरंतर प्रयासरत्त हैं। जल्द ही स्थायी समाधान के प्रोजेक्टों को सिरे चढ़ाया जाएगा। दोनों एसटीपी को आपस में जोड़ने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही वार्डों में बनीं सीवर समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा।
शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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शहर में दो एसटीपी हैं। इनके जरिये दूषित पानी की निकासी की जाती है। रामनगर-कपूरी के समीप बने एसटीपी में शहर का करीब 40 प्रतिशत दूषित पानी जाता है। दिल्ली बाइपास स्थित एसटीपी में 60 प्रतिशत पानी पहुंचता है। दोनों एसटीपी फिलहाल दो साल से सही ढंग से वर्किंग में नहीं होने से आसपास खेती करने वाले किसानों को परेशानी होती रही है। खासकर बारिश में एसटीपी स्टोरेज टैंक भर जाने पर दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे शहर की सीवर लाइनें भी ब्लॉक हो जाती हैं।
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जिस समय ये दोनों एसटीपी बने उस समय तो किसान मशीनों से ट्रीट किए पानी को सिंचाई में प्रयोग करते थे, लेकिन अब इस पानी की खपत नहीं हो पा रही है। खेतों में लगातार पानी भरे रहने की वजह से उपजाऊ शक्ति कमजोर होने लगी है। इसे लेकर गांव समसपुर के लोग कई बार रोष प्रकट कर चुके हैं।
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ड्रेन नंबर आठ में पानी डालने की है योजना
जनस्वास्थ्य विभाग कपूरी-रामनगर एसटीपी को दिल्ली बाइपास स्थित एसटीपी से कनेक्ट किया जाएगा। कपूरी- रामनगर से दिल्ली बाइपास एसटीपी तक 15 इंची मेन लाइन बिछाई जाएगी। वहां से यह दूषित पानी ड्रेन आठ में डाला जाएगा। ड्रेन आठ तक करीब 25 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाए जाने केे लिए पहले ही 37.50 करोड़ के टेंडर हो चुके हैं। कपूरी एसटीपी से करीब पांच किलोमीटर लंबी लाइन लाइन बधवाना नहर के साथ-साथ बिछाई जाएगी। दिल्ली बाइपास एसटीपी के लिए तो अब जगह की भी कमी बनी हुई है। यहां बने स्टोरेज टैंक का आधा हिस्सा एनएच-152 डी में आ चुका है, जिससे अब यहां जगह काफी कम पड़ गई है।
70 फीसदी आबादी सीवर समस्या से परेशान
शहर की आबादी 90 हजार से पार है। 21 वार्डों में करीब 100 से अधिक जगहों पर सीवर ब्लॉकेज की समस्या निरंतर बनी रहती है। हालांकि पिछले एक माह में विभाग 150 से अधिक ब्लॉकेज खुलवा भी चुका है, लेकिन एसटीपी तक कम पानी पहुंचने के कारण सीवर लाइनें बैक मार रही हैं। इस समय शहर की 70 फीसदी आबादी सीवर समस्या से परेशान है और लोग समस्या को लेकर रोष प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
तीन साल से नहीं चली रामनगर एसटीपी की मोटर
रामनगर एसटीपी की मुख्य 36 इंची लाइन आठ जगह से क्षतिग्रस्त है। पिछले तीन साल से एसटीपी वर्किंग में नहीं है। इस एसटीपी से जुड़े चार वार्डों के लोग अपने स्तर पर ही समीप खाली प्लॉटों या जगहों पर दूषित पानी की निकासी कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की दावा है कि जल्द ही मुख्य लाइन को बदल दिया जाएगा और इस प्रक्रिया पर काम शुरू जल्द हो जाएगा।
पांच-पांच एमएलडी है दोनों एसटीपी की क्षमता
रामनगर-कपूरी और समसपुर एसटीपी की क्षमता पांच-पांच एमएलडी है। दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट की स्टोरेज क्षमता भी बढ़ाने की दरकार है। इस समय मुख्य 36 इंची लाइनों से पूरे पानी का उठान नहीं हो पा रहा है और इसके कारण कई जगहों पर सीवर मैनहोल बैक मार रहे हैं।
सीवर व्यवस्था में सुधार के लिए हम निरंतर प्रयासरत्त हैं। जल्द ही स्थायी समाधान के प्रोजेक्टों को सिरे चढ़ाया जाएगा। दोनों एसटीपी को आपस में जोड़ने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही वार्डों में बनीं सीवर समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा।
शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग