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Charkhi Dadri News: शहर में पाइपलाइन के कनेक्शन में देरी से गहराया पेयजल संकट
Wed, 20 May 2026 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 20 May 2026 01:37 AM IST
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पुराना झज्जर रोड पर मंगवाए गए टैंकर से पानी भरने वाली महिलाओं की भीड़।
चरखी दादरी। शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बिछाई गई नई पेयजल लाइन का कनेक्शन समय पर न होने से दो तिहाई आबादी को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पिछले चार दिनों से शहर के लगभग सभी हिस्सों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। लोगों को पानी के टैंकरों के भरोसे रहना पड़ रहा है। घरों के साथ-साथ स्कूलों और अस्पतालों में भी मजबूरन पानी के टैंकरों से काम चलाया जा रहा है।
संकट से पहले जहां शहर में रोजाना औसतन 50 पानी के टैंकरों की सप्लाई होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 350 तक पहुंच गई है, जिससे शहरवासियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। शहर के चंपापुरी स्थित मुख्य जलघर से उपभोक्ताओं को पर्याप्त पेयजल सप्लाई करने के लिए लाइन बिछाने का काम किया गया था।
इस दौरान विभाग के अधिकारियों ने पाइप लाइनों में कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू की, इस कारण दो तिहाई आबादी की चार दिनों से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। पिछले चार दिनों से पानी न आने के कारण शहर में हाहाकार मचा हुआ है। बढ़ती मांग के चलते अब अधिकतर क्षेत्रों में लोगों को पैसे देने पर भी पानी के टैंकर नसीब नहीं हो रहे हैं। गांव रावलधी निवासी एक टैंकर संचालक ने बताया कि चार दिन पहले जहां शहर में उनके स्तर पर खपत बेहद सीमित रहती थी, वहीं अब प्रति टैंकर संचालक को दिन में 10-10 चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सरकारी स्कूल में टैंकर पहुंचने के बाद विद्यार्थी खाली कैंपर लेकर दौड़ पड़ते हैं।
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शहरवासी बोले
पिछले चार दिनों से नल में एक बूंद भी पानी नहीं आया है। घर में खाना बनाने, बर्तन धोने और स्कूल जाने वाले बच्चों को नहाने तक के लिए पानी नहीं बचा। सुबह पानी का टैंकर मंगवाया था जिससे कॉलोनीवासियों को कुछ पानी मिलने के साथ टंकी भरवाई गई है। प्रशासन को काम शुरू करने से पहले पानी सप्लाई के पुख्ता प्रबंध करने चाहिए थे।
-माया देवी, गृहिणी
पानी की सप्लाई नहीं होने से पूरी दिनचर्या बिगड़ गई है। दुकान जाने से पहले सुबह का आधा समय पानी का जुगाड़ करने में ही निकल जाता है। टैंकर संचालक भी मजबूरी का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं। जो टैंकर पहले 500 रुपये तक मिलता था, वह अब संकट के कारण 800 रुपये में मिल रहा है। इससे जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
-मुकेश जैन, जैन मोहल्ला निवासी
पानी सप्लाई बंद होने के कारण घर के सभी जरूरी काम अटके हुए हैं। बर्तन साफ करने व नहाने के लिए पड़ोस से पानी लाना पड़ रहा है। पानी का टैंकर मंगवाने के लिए जब फोन किया गया तो उन्होंने समय न होने की बात कहकर टैंकर भेजने से साफ मना कर दिया।
-दिनेश रोहिल्ला, पुराना डाकघर क्षेत्र निवासी
परिवार की सभी महिलाएं सरदार झाडू सिंह चौक के समीप लगे हैंडपंप से पानी लाने में लगी हुई हैं। इसके बावजूद घर की जरूरत पूरी नहीं हो रही है। तपती धूप में सिर पर पानी ढोने के कारण बीमार होने की आशंका है। विभाग को यह काम गर्मी शुरू होने से पहले ही पूरा करवाना चाहिए था क्योंकि उन दिनों घरों में पानी की खपत कम होती है।
-दीपचंद, स्थानीय निवासी।
शहर के गांधी नगर, प्रेम नगर और चंपापुरी में पानी की सप्लाई शुरू कर दी है, वहीं काठ मंडी में देर शाम तक पानी की सप्लाई हो सकेगी। इसके अलावा सरदार झाडू सिंह चौक के समीप रात को लाइन का कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद चंपापुरी जलघर से जुड़ी सभी कॉलोनियों में पानी की सप्लाई सुचारु रूप से हो सकेगी।
-धीरेंद्र सिंह, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।
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संकट से पहले जहां शहर में रोजाना औसतन 50 पानी के टैंकरों की सप्लाई होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 350 तक पहुंच गई है, जिससे शहरवासियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। शहर के चंपापुरी स्थित मुख्य जलघर से उपभोक्ताओं को पर्याप्त पेयजल सप्लाई करने के लिए लाइन बिछाने का काम किया गया था।
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इस दौरान विभाग के अधिकारियों ने पाइप लाइनों में कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू की, इस कारण दो तिहाई आबादी की चार दिनों से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। पिछले चार दिनों से पानी न आने के कारण शहर में हाहाकार मचा हुआ है। बढ़ती मांग के चलते अब अधिकतर क्षेत्रों में लोगों को पैसे देने पर भी पानी के टैंकर नसीब नहीं हो रहे हैं। गांव रावलधी निवासी एक टैंकर संचालक ने बताया कि चार दिन पहले जहां शहर में उनके स्तर पर खपत बेहद सीमित रहती थी, वहीं अब प्रति टैंकर संचालक को दिन में 10-10 चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सरकारी स्कूल में टैंकर पहुंचने के बाद विद्यार्थी खाली कैंपर लेकर दौड़ पड़ते हैं।
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शहरवासी बोले
पिछले चार दिनों से नल में एक बूंद भी पानी नहीं आया है। घर में खाना बनाने, बर्तन धोने और स्कूल जाने वाले बच्चों को नहाने तक के लिए पानी नहीं बचा। सुबह पानी का टैंकर मंगवाया था जिससे कॉलोनीवासियों को कुछ पानी मिलने के साथ टंकी भरवाई गई है। प्रशासन को काम शुरू करने से पहले पानी सप्लाई के पुख्ता प्रबंध करने चाहिए थे।
-माया देवी, गृहिणी
पानी की सप्लाई नहीं होने से पूरी दिनचर्या बिगड़ गई है। दुकान जाने से पहले सुबह का आधा समय पानी का जुगाड़ करने में ही निकल जाता है। टैंकर संचालक भी मजबूरी का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं। जो टैंकर पहले 500 रुपये तक मिलता था, वह अब संकट के कारण 800 रुपये में मिल रहा है। इससे जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
-मुकेश जैन, जैन मोहल्ला निवासी
पानी सप्लाई बंद होने के कारण घर के सभी जरूरी काम अटके हुए हैं। बर्तन साफ करने व नहाने के लिए पड़ोस से पानी लाना पड़ रहा है। पानी का टैंकर मंगवाने के लिए जब फोन किया गया तो उन्होंने समय न होने की बात कहकर टैंकर भेजने से साफ मना कर दिया।
-दिनेश रोहिल्ला, पुराना डाकघर क्षेत्र निवासी
परिवार की सभी महिलाएं सरदार झाडू सिंह चौक के समीप लगे हैंडपंप से पानी लाने में लगी हुई हैं। इसके बावजूद घर की जरूरत पूरी नहीं हो रही है। तपती धूप में सिर पर पानी ढोने के कारण बीमार होने की आशंका है। विभाग को यह काम गर्मी शुरू होने से पहले ही पूरा करवाना चाहिए था क्योंकि उन दिनों घरों में पानी की खपत कम होती है।
-दीपचंद, स्थानीय निवासी।
शहर के गांधी नगर, प्रेम नगर और चंपापुरी में पानी की सप्लाई शुरू कर दी है, वहीं काठ मंडी में देर शाम तक पानी की सप्लाई हो सकेगी। इसके अलावा सरदार झाडू सिंह चौक के समीप रात को लाइन का कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद चंपापुरी जलघर से जुड़ी सभी कॉलोनियों में पानी की सप्लाई सुचारु रूप से हो सकेगी।
-धीरेंद्र सिंह, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।