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Charkhi Dadri: सेना भर्ती के नाम पर मांगे 15 लाख, नौ लाख लेने के बाद थमाया फर्जी चयन पत्र, तीन पर केस

Thu, 19 Oct 2023 10:54 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 19 Oct 2023 10:54 AM IST
सार

सतीश ने बताया कि मई 20202 में 9 लाख रुपये लेने के बाद उन्होंने जून में फर्जी चयन पत्र भेजे और बताया कि दोनों बच्चों का सेना में चयन हो गया है और उन्हें लेकर दिल्ली पहुंच जाना। तय तारीख पर जब सतीश ने दिल्ली पहुंचकर आईटीबीपी जवान सोमबीर को फोन किया तो उसने सिपाही भेजने की बात कही। इसके बाद फोन स्विच ऑफ आया।

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Case Registered against three for fraud on name of getting job in army
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चरखी दादरी के घसोला निवासी एक व्यक्ति ने आईटीबीपी जवान समेत तीन लोगों पर उसके परिवार के दो युवकों को नौकरी लगवाने के नाम पर नौ लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। सदन थाना पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ धारा 120-बी, 406, 420, 467, 468, 471 व 34 के तहत केस दर्ज कर लिया है। 

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घसोला निवासी सतीश ने बताया कि शहर निवासी कृष्ण उसका रिश्तेदार है। कृष्ण ने उसे बताया कि उसका साला सोमबीर आईटीबीपी जवान है और वह युवाओं को सेना में भर्ती करवाता है। इस काम के बदले साढ़े सात लाख रुपये लगेंगे। साढ़े चार लाख रुपये पहले और तीन लाख रुपये बाद में देने पड़ेंगे। सतीश ने बताया कि उसने उसके दो भतीजों को भर्ती करवाने की बात कृष्ण से कही तो उसने इस काम के 15 लाख रुपये मांगे। 
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तय सौदा अनुसार 9 लाख रुपये पहले और 6 लाख रुपये बाद में देने थे। सतीश के अनुसार 6 मई 2020 को उसने कृष्ण को 1.20 लाख रुपये दिए। 18 और 20 मई 2020 को भी एक-एक लाख रुपये दिए गए। इसके बाद उन्होंने कहा कि छोटी रकम देने से काम नहीं बनेगा। सतीश ने बताया कि इसके बाद उन्होंने 5.80 लाख रुपये ब्याज पर उठाए और कृष्ण के कहने पर दादरी में वो रुपये कृष्ण और जयभगवान को दे दिए।


जून में भेजा फर्जी चयन पत्र, निजी लैब में करवाया मेडिकल
सतीश ने बताया कि मई 20202 में 9 लाख रुपये लेने के बाद उन्होंने जून में फर्जी चयन पत्र भेजे और बातचीत के दौरान बताया कि दोनों बच्चों का सेना में चयन हो गया है और उन्हें लेकर दिल्ली पहुंच जाना। तय तारीख पर जब सतीश ने दिल्ली पहुंचकर आईटीबीपी जवान कोहलावास निवासी सोमबीर को फोन किया तो उसने सिपाही भेजने की बात कही। इसके बाद फोन स्विच ऑफ आया। अगले दिन बात हुई तो मेडिकल करवाने की बात कही। सतीश के अनुसार सोमबीर दोनों बच्चों को मेडिकल के लिए एक निजी लैब में ले गया।

रुपये लौटाने की पहले भरी हामी, फिर मुकरे
शिकायतकर्ता के अनुसार उनके फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद उन्होंने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने एक माह का समय मांगा। तय समय पर रुपये नहीं लौटाने पर वो गांव पहुंचे और ग्रामीणों की मौजूदगी में 10 दिन में रुपये लौटाने की बात कही और इसके बाद वो मुकर गए।

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