{"_id":"5d81284c8ebc3e93a629a0f6","slug":"councilors-began-to-sit-on-indefinite-strike-due-to-stalled-sewer-and-water-problem-charkhidadri-news-rtk5185829159","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठप सीवर और पानी की समस्या से परेशानी, पार्षदों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठप सीवर और पानी की समस्या से परेशानी, पार्षदों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
विज्ञापन
शहर में रोष प्रदर्शन करते पार्षद ।
- फोटो : CharkhiDadri
शहर की सीवर व पेयजल की समस्या को लेकर नगर के पार्षदों ने मंगलवार को लघु सचिवालय में अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया। धरने पर एससी व एक्सईएन ने पहुंचकर पार्षदों को आश्वासन दिया, लेकिन वे नहीं माने और धरने पर डटे रहे। धरने को बार एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है।
मंगलवार सुबह नगर परिषद कार्यालय परिसर में नगर परिषद के पार्षद एकत्र हुए। पार्षदों ने एकत्र होकर शहर में रोष प्रर्दशन किया। नप कार्यालय से रोष प्रकट करते हुए पार्षद शहर के लघु सचिवालय पहुंचे और सचिवालय परिसर में धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे नप वाइस चेयरमैन दीपक श्योराण, पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र चरखी, आनंद महराणा व वीरेेंद्र पप्पू आदि ने कहा कि शहर की सीवरेज व्यवस्था पिछले छह माह से ठप पड़ी है। सीवरेज लाइनें ब्लॉक हैं और आए दिन बैक मार रही हैं। इस बार तो बारिश भी ज्यादा नहीं हुई फिर भी सीवरेज व्यवस्था का बुरा हाल हैै। लाइनें रुकी होने की वजह से घरों का सीवर का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे वे मार जाती हैं।
विज्ञापन
टूटे पड़े हैं सीवर ढक्कन
पार्षदों का कहना है कि शहर में सीवर के ढक्कन टूटे पड़े हैं। जहां सीवर की नई लाइनें बिछाई गई हैं वहां कनेक्शन नहीं किए गए हैं, जिससे और भी समस्या बनी हुई है। सीवर के टूटे ढक्कन आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं।
बूस्टिंग स्टेशन और जलघरों में अटी पड़ी है गाद
पार्षदों का कहना है कि शहर के सभी पेयजल बूस्टिंग स्टेशन व जलघरों में गाद का जमाव हो गया है। इससे शहर में शुद्ध पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। शहरवासी दूषित पानी पीने को विवश हैं। वाटर टैंकों की नियमित रूप से सफाई की जानी चाहिए, ताकि पेयजल जनित बीमारियों से लोगों को छुटकारा मिल सके। लोगों को मजबूरीवश अपने घरों में आरओ फिल्टर लगवाने पड़ रहे हैं, जिससे लोगों पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है।
नई पाइप लाइन कनेक्ट नहीं की
पार्षदों का कहना है कि पिछले दिनों जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के विभिन्न भागों में नई पानी की लाइनें बिछाई थी। वे आज तक मेन लाइनों से कनेक्ट नहीं की गई हैं, जिससे लोगों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे पानी का का संकट बना रहता है।
एसडीओ और जेई पहुंचे मौके पर
धरना शुरू होनेे के कुछ समय बाद ही जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ चंदाराम व जेई सतेंद्र धरना स्थल पर पहुंचे। लेकिन पार्षदों ने उनकी एक नहीं सुनी। ऐसे में उनको बैरंग लौटना पड़ा।
शाम के समय पहुंचे एक्सइएन और एससी
शाम साढ़े चार बजे जनस्वास्थ्य विभाग के एससी राजेंद्र सिंह और कार्यकारी अभियंता विक्रमजीत सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। धरने पर बैठे पार्षदों ने इन अधिकारियों से कहा कि विभाग का जेई तो उनके फोन तक रिसीव नहीं करता। पार्षदों ने इन अधिकारियों से कहा कि जब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो जाता वे धरने पर डटे रहेंगे। अधिकारियों के दो दिन में समाधान करने के आश्वासन के बाद भी पार्षद नहीं माने। वे अपनी मांगों पर अडिग रहे, इस पर एससी और एक्सईएन को भी लौटना पड़ा।
वकीलों ने दिया धरने को समर्थन
धरने पर बैठे पार्षदों को वकीलों ने भी अपना समर्थन दिया। इसके अलावा भाजपा नेता सोमवीर सांगवान भी धरना स्थल पर पहुंचे और पार्षदों से धरना समाप्त करने की अपील। उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान करवा देंगे लेकिन पार्षद धरने पर बैठे रहे।
ये पार्षद रहे मौजूद
धरने पर नगर परिषद वाइस चेयरमैन दीपक श्योराण, पार्षद कुलदीप गांधी, पार्षद वीरेंद्र पप्पू, पार्षद बख्शी सैनी, पार्षद पार्वती देवी, पार्षद आनंद महराणा, पार्षद विनोद कुमार, पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र चरखी, सतबीर चौहान, दीपक चौहान, प्रतिनिधि विक्रम श्योराण व प्रवीन सैनी आदि मौजूद रहे। इनके अलावा धरने पर रणधीर घिकाड़ा व कन्नी प्रधान सूरजभान सांगवान भी पहुंचे।
पार्षदों की मांग जायज है
नप चेयरमैन संजय छपारिया ने कहा कि पार्षदों की यह समस्या जायज है। उनकी पार्षदों से अपील है कि वे धरना समाप्त कर मिल-बैठकर इस समस्या का हल निकालें तो ही अच्छा रहेगा। जनस्वास्थ्य विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह ने कहा कि
शहर के विभिन्न भागों में सीवर की ठप लाइनों को खोलने के लिए मशीन लगवा दी है। जल्द ही शहरवासियों व पार्षदों की इस समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। विभाग के संबंधित जेई जो पार्षदों के फोन रिसीव नहीं करते उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह नगर परिषद कार्यालय परिसर में नगर परिषद के पार्षद एकत्र हुए। पार्षदों ने एकत्र होकर शहर में रोष प्रर्दशन किया। नप कार्यालय से रोष प्रकट करते हुए पार्षद शहर के लघु सचिवालय पहुंचे और सचिवालय परिसर में धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
धरने पर बैठे नप वाइस चेयरमैन दीपक श्योराण, पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र चरखी, आनंद महराणा व वीरेेंद्र पप्पू आदि ने कहा कि शहर की सीवरेज व्यवस्था पिछले छह माह से ठप पड़ी है। सीवरेज लाइनें ब्लॉक हैं और आए दिन बैक मार रही हैं। इस बार तो बारिश भी ज्यादा नहीं हुई फिर भी सीवरेज व्यवस्था का बुरा हाल हैै। लाइनें रुकी होने की वजह से घरों का सीवर का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे वे मार जाती हैं।
विज्ञापन
टूटे पड़े हैं सीवर ढक्कन
पार्षदों का कहना है कि शहर में सीवर के ढक्कन टूटे पड़े हैं। जहां सीवर की नई लाइनें बिछाई गई हैं वहां कनेक्शन नहीं किए गए हैं, जिससे और भी समस्या बनी हुई है। सीवर के टूटे ढक्कन आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं।
बूस्टिंग स्टेशन और जलघरों में अटी पड़ी है गाद
पार्षदों का कहना है कि शहर के सभी पेयजल बूस्टिंग स्टेशन व जलघरों में गाद का जमाव हो गया है। इससे शहर में शुद्ध पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। शहरवासी दूषित पानी पीने को विवश हैं। वाटर टैंकों की नियमित रूप से सफाई की जानी चाहिए, ताकि पेयजल जनित बीमारियों से लोगों को छुटकारा मिल सके। लोगों को मजबूरीवश अपने घरों में आरओ फिल्टर लगवाने पड़ रहे हैं, जिससे लोगों पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है।
नई पाइप लाइन कनेक्ट नहीं की
पार्षदों का कहना है कि पिछले दिनों जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के विभिन्न भागों में नई पानी की लाइनें बिछाई थी। वे आज तक मेन लाइनों से कनेक्ट नहीं की गई हैं, जिससे लोगों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे पानी का का संकट बना रहता है।
एसडीओ और जेई पहुंचे मौके पर
धरना शुरू होनेे के कुछ समय बाद ही जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ चंदाराम व जेई सतेंद्र धरना स्थल पर पहुंचे। लेकिन पार्षदों ने उनकी एक नहीं सुनी। ऐसे में उनको बैरंग लौटना पड़ा।
शाम के समय पहुंचे एक्सइएन और एससी
शाम साढ़े चार बजे जनस्वास्थ्य विभाग के एससी राजेंद्र सिंह और कार्यकारी अभियंता विक्रमजीत सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। धरने पर बैठे पार्षदों ने इन अधिकारियों से कहा कि विभाग का जेई तो उनके फोन तक रिसीव नहीं करता। पार्षदों ने इन अधिकारियों से कहा कि जब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो जाता वे धरने पर डटे रहेंगे। अधिकारियों के दो दिन में समाधान करने के आश्वासन के बाद भी पार्षद नहीं माने। वे अपनी मांगों पर अडिग रहे, इस पर एससी और एक्सईएन को भी लौटना पड़ा।
वकीलों ने दिया धरने को समर्थन
धरने पर बैठे पार्षदों को वकीलों ने भी अपना समर्थन दिया। इसके अलावा भाजपा नेता सोमवीर सांगवान भी धरना स्थल पर पहुंचे और पार्षदों से धरना समाप्त करने की अपील। उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान करवा देंगे लेकिन पार्षद धरने पर बैठे रहे।
ये पार्षद रहे मौजूद
धरने पर नगर परिषद वाइस चेयरमैन दीपक श्योराण, पार्षद कुलदीप गांधी, पार्षद वीरेंद्र पप्पू, पार्षद बख्शी सैनी, पार्षद पार्वती देवी, पार्षद आनंद महराणा, पार्षद विनोद कुमार, पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र चरखी, सतबीर चौहान, दीपक चौहान, प्रतिनिधि विक्रम श्योराण व प्रवीन सैनी आदि मौजूद रहे। इनके अलावा धरने पर रणधीर घिकाड़ा व कन्नी प्रधान सूरजभान सांगवान भी पहुंचे।
पार्षदों की मांग जायज है
नप चेयरमैन संजय छपारिया ने कहा कि पार्षदों की यह समस्या जायज है। उनकी पार्षदों से अपील है कि वे धरना समाप्त कर मिल-बैठकर इस समस्या का हल निकालें तो ही अच्छा रहेगा। जनस्वास्थ्य विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह ने कहा कि
शहर के विभिन्न भागों में सीवर की ठप लाइनों को खोलने के लिए मशीन लगवा दी है। जल्द ही शहरवासियों व पार्षदों की इस समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। विभाग के संबंधित जेई जो पार्षदों के फोन रिसीव नहीं करते उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।