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Charkhi Dadri News: प्लॉट न देने और चेक बाउंस होने पर उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर को दिए राशि रिफंड करने के आदेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2026 11:24 PM IST
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Consumer Commission orders builder to refund amount for not delivering plot and cheque bouncing
चरखी दादरी। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने रियल एस्टेट सेक्टर में धोखाधड़ी और सेवा में कमी के एक मामले में एक कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने बिल्डर को शिकायतकर्ता महिला को ब्याज सहित राशि लौटाने और मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के गांव बेरला निवासी निशा रानी ने आयोग में दी शिकायत में बताया कि उन्होंने फरीदाबाद के सेक्टर 111-114 में एक आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए एक कंपनी के साथ 18 जुलाई 2022 को एक सहयोग समझौता किया था। इस समझौते के तहत उन्हें करीब 160 वर्ग गज का प्लॉट मिलना था जिसके लिए उन्होंने विभिन्न माध्यमों से कुल 17 लाख रुपये का भुगतान किया।
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उन्होंने शिकायत में बताया कि कंपनी ने विज्ञापनों और ब्रोशर के जरिए यह भरोसा दिलाया था कि उनके पास प्रोजेक्ट के लिए सभी आवश्यक वैधानिक मंजूरियां हैं और प्लॉट का आवंटन तुरंत कर दिया जाएगा। हालांकि 24 महीने बीत जाने के बाद भी न तो प्रोजेक्ट शुरू हुआ और न ही प्लॉट का आवंटन किया गया।
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जब शिकायतकर्ता ने कंपनी से रिफंड मांगा तो कंपनी ने 20 लाख रुपये और 20.46 लाख रुपये के दो पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए। इसके बाद कंपनी ने जानबूझ कर भुगतान रोक दिया जिसके कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर फरीदाबाद को धोखाधड़ी की शिकायत भी दी थी।

मामले की सुनवाई के दौरान दूसरे पक्ष से कोई भी प्रतिनिधि आयोग के समक्ष पेश नहीं हुआ। जिस पर आयोग ने कंपनी के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की। आयोग के अध्यक्ष मंजीत सिंह नरयाल ने अपने आदेश में कहा कि बिना मंजूरी के प्रोजेक्ट का प्रचार करना और रुपये वापस न करना अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी की श्रेणी में आता है। आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता को 20,46,499 रुपये की राशि पांच प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने के आदेश दिए। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए कंपनी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा कानूनी कार्रवाई के खर्च के रूप में भी पांच हजार रुपये का भुगतान करने के निर्देश दिए।
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