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पार्षद से हाथापाई के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के ऑपरेटरों ने बंद की शहर की पेयजल आपूर्ति
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धरने पर बैठे जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी व समर्थन देने पहुंचे दो पार्षद।
- फोटो : CharkhiDadri
जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल ऑपरेटर और पार्षद महेश गुप्ता के बीच कहासुनी का खामियाजा शुक्रवार को शहरवासियों ने भुगतना पड़ा। पार्षद पर मारपीट का आरोप लगाते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। नाराज कर्मचारियों ने जलघर से शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित कर दी। पूरे दिन पेयजल आपूर्ति न होने से शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, पार्षद पर कार्रवाई की मांग की को लेकर एसडीओ ने पुलिस को पार्षद के खिलाफ शिकायत सौंप दी।
जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल ऑपरेटर रामरतन ने बताया कि उसकी ड्यूटी दिल्ली रोड बाईपास स्थित ट्यूबवेल पर है। वीरवार शाम पार्षद महेश गुप्ता और तीन अन्य लोग वहां आए। पार्षद ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर मारपीट की। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को जनस्वास्थ्य विभाग के 54 कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर चले गए । इमनें 36 की-मैन और 18 सीवर मैन शामिल हैं।
हड़ताल की वजह से सुबह दस बजे चंपापुरी मुख्य जलघर में लगीं दोनों मोटरों को कर्मचारियों ने बंद कर दिया और इसके साथ ही शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। कर्मचारी एक्सईएन कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए और पार्षद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिकारियों को शिकायत सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। एक्सईएन शशिकांत ने एसडीओ को इस संबंध में निर्देश दिए और दोपहर बाद एसडीओ ने मामले की शिकायत सिटी थाना पुलिस को सौंप दी। वहीं, पार्षद महेश गुप्ता ने मारपीट के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि वार्डवासी पेयजल संकट झेल रहे हैं जबकि उक्त ऑपरेटर समय पर कभी पानी नहीं छोड़ता।
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फिर दिखी राजनीति, तीन पार्षदों का धरने को समर्थन
नगर पार्षदों की राजनीति इस मामले के बाद फिर से उजागर हुई। कच्चे कर्मचारियों के धरने को तीन पार्षदों ने भी समर्थन दिया। पार्षद आनंद महराणा के अलावा बक्शी सैनी और पार्वती सैनी ने धरने को समर्थन दिया। इन पार्षदों ने भी महेश गुप्ता पर कार्रवाई की मांग की।
150 वॉल्व नहीं खुलीं, चार हजार घरों में नहीं पहुंचा पानी
सुबह साढ़े चार बजे जलघर और बूस्टिंग स्टेशनों से पेयजल आपूर्ति शुरू की जाती है। शुक्रवार को सुबह साढ़े चार से लेकर दस बजे तक पेयजल आपूर्ति की गई। ठीक दस बजे धरना शुरू करने से पहले कर्मचारियों ने पेयजल आपूर्ति को बाधित कर दिया। इसके चलते करीब 150 वॉल्व नहीं खुल पाई और चार हजार घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया।
ऑपरेटर और पार्षद के आरोप और प्रत्यारोप
बाक्स: पार्षद ने कॉलर पकड़कर दी धमकी: ऑपरेटर
ऑपरेटर रामरतन ने बताया कि वीरवार देर शात करीब साढ़े सात बजे वो ट्यूबवेल पर था। उसी दौरान पार्षद महेश गुप्ता और तीन लोग वहां आए। पार्षद ने कॉलर पकड़ा और दुर्व्यवहार करने के बाद मारपीट भी की। करीब दो माह पहले भी उक्त पार्षद ट्यूबवेल पर खुद का ताला जड़ गया था और यह दूसरी वारदात है।
रामरत्न, ट्यूबवेल ऑपरेटर
आरोप बेबुनियाद, मैंने नहीं की मारपीट: पार्षद महेश
वार्ड दो पार्षद महेश गुप्ता ने बताया कि दिल्ली रोड बाईपास ट्यूबवेल से गांधी नगर के बाहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति होती है। यहां तैनात ऑपरेटर रामरत्न से वार्डवासी परेशान हैं। वो कभी समय पर पानी नहीं छोड़ता और लोग टैंकर मंगवाने को विवश हैं। मेरी बुधवार शाम कहासुनी जरूर हुई थी लेकिन मैंने मारपीट नहीं की।
महेश गुप्ता, पार्षद, वार्ड-दो
यह मामला मेरे संज्ञान में भ्री आया है। एसडीओ ने मामले की शिकायत सिटी थाना पुलिस को सौंप दी है। हमने पार्षद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दोपहर तीन बजे ट्यूबवेल ऑपरेटर काम पर लौट गए।
शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल ऑपरेटर रामरतन ने बताया कि उसकी ड्यूटी दिल्ली रोड बाईपास स्थित ट्यूबवेल पर है। वीरवार शाम पार्षद महेश गुप्ता और तीन अन्य लोग वहां आए। पार्षद ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर मारपीट की। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को जनस्वास्थ्य विभाग के 54 कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर चले गए । इमनें 36 की-मैन और 18 सीवर मैन शामिल हैं।
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हड़ताल की वजह से सुबह दस बजे चंपापुरी मुख्य जलघर में लगीं दोनों मोटरों को कर्मचारियों ने बंद कर दिया और इसके साथ ही शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। कर्मचारी एक्सईएन कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए और पार्षद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिकारियों को शिकायत सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। एक्सईएन शशिकांत ने एसडीओ को इस संबंध में निर्देश दिए और दोपहर बाद एसडीओ ने मामले की शिकायत सिटी थाना पुलिस को सौंप दी। वहीं, पार्षद महेश गुप्ता ने मारपीट के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि वार्डवासी पेयजल संकट झेल रहे हैं जबकि उक्त ऑपरेटर समय पर कभी पानी नहीं छोड़ता।
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फिर दिखी राजनीति, तीन पार्षदों का धरने को समर्थन
नगर पार्षदों की राजनीति इस मामले के बाद फिर से उजागर हुई। कच्चे कर्मचारियों के धरने को तीन पार्षदों ने भी समर्थन दिया। पार्षद आनंद महराणा के अलावा बक्शी सैनी और पार्वती सैनी ने धरने को समर्थन दिया। इन पार्षदों ने भी महेश गुप्ता पर कार्रवाई की मांग की।
150 वॉल्व नहीं खुलीं, चार हजार घरों में नहीं पहुंचा पानी
सुबह साढ़े चार बजे जलघर और बूस्टिंग स्टेशनों से पेयजल आपूर्ति शुरू की जाती है। शुक्रवार को सुबह साढ़े चार से लेकर दस बजे तक पेयजल आपूर्ति की गई। ठीक दस बजे धरना शुरू करने से पहले कर्मचारियों ने पेयजल आपूर्ति को बाधित कर दिया। इसके चलते करीब 150 वॉल्व नहीं खुल पाई और चार हजार घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया।
ऑपरेटर और पार्षद के आरोप और प्रत्यारोप
बाक्स: पार्षद ने कॉलर पकड़कर दी धमकी: ऑपरेटर
ऑपरेटर रामरतन ने बताया कि वीरवार देर शात करीब साढ़े सात बजे वो ट्यूबवेल पर था। उसी दौरान पार्षद महेश गुप्ता और तीन लोग वहां आए। पार्षद ने कॉलर पकड़ा और दुर्व्यवहार करने के बाद मारपीट भी की। करीब दो माह पहले भी उक्त पार्षद ट्यूबवेल पर खुद का ताला जड़ गया था और यह दूसरी वारदात है।
रामरत्न, ट्यूबवेल ऑपरेटर
आरोप बेबुनियाद, मैंने नहीं की मारपीट: पार्षद महेश
वार्ड दो पार्षद महेश गुप्ता ने बताया कि दिल्ली रोड बाईपास ट्यूबवेल से गांधी नगर के बाहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति होती है। यहां तैनात ऑपरेटर रामरत्न से वार्डवासी परेशान हैं। वो कभी समय पर पानी नहीं छोड़ता और लोग टैंकर मंगवाने को विवश हैं। मेरी बुधवार शाम कहासुनी जरूर हुई थी लेकिन मैंने मारपीट नहीं की।
महेश गुप्ता, पार्षद, वार्ड-दो
यह मामला मेरे संज्ञान में भ्री आया है। एसडीओ ने मामले की शिकायत सिटी थाना पुलिस को सौंप दी है। हमने पार्षद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दोपहर तीन बजे ट्यूबवेल ऑपरेटर काम पर लौट गए।
शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग