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रेहड़ियों के सर्वे से संतुष्ट नहीं नप अधिकारी, जमीनी हकीकत जांचने के लिए भेजीं जाएंगी टीमें
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शहर में अलग-अलग जगह लगने वाली रेहड़ियों को एक जगह लाने के लिए जो सर्वे किया गया था, उससे नगर परिषद के अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। सर्वे करने वाली एक निजी कंपनी के अनुसार शहर में रेहड़ी धारकों की संख्या 655 है। इधर, नप अधिकारियों का कहना है कि शहर में 450 से अधिक रेहड़ियां नहीं हैं। नप अधिकारियों के इस तर्क को देखते हुए जिला प्रशासन ने जमीनी पड़ताल करने के निर्देश दे दिए हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और शुक्रवार से टीमें अपना काम शुरू कर देंगी।
शहर की मुख्य सड़कों पर लगने वाली रेहड़ियों को एक जगह लाने के लिए सरकार ने एक निजी कंपनी से करीब एक साल पहले सर्वे करवाया था। अब इस सर्वे से नगर परिषद अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। डीसी धर्मवीर सिंह द्वारा गत दिनों ली गई बैठक में नप अधिकारियों ने इस सर्वे रिपोर्ट पर सवालिया निशान लगाए हैं। इस पर डीसी ने नगर परिषद को जमीनी हकीकत जांचने के लिए अपनी टीमें भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि नप टीमों द्वारा किए गए फील्ड वर्क की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। बता दें कि स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी के तहत यह सर्वे पूरे प्रदेश में कराया गया था।
इस समय दादरी शहर में रेहड़ी धारकों के लिए कोई जगह सुनिश्चित नहीं है। रेहड़ी धारक मनमर्जी से शहर की मुख्य सड़कों पर ही अपनी रेहड़ियां लगा रहे हैं। खासकर बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड, रेलवे रोड व पुरानी सब्जी मंडी आदि जगहों पर रेहड़ियां लगाई जा रही हैं। मुख्य सड़कों पर रेहड़ियां खड़ी होने से इसका असर ट्रैफिक व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। सड़कों पर रेहड़ियां और इनके आगे वाहन खड़े होने से सड़कों की चौड़ाई घटकर आधी ही रह गई है। नप सूत्रों की मानें तो जिला उपायुक्त धर्मवीर सिंह ने गत दिनों ही स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी की बैठक ली थी। इसमें नगर परिषद अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में एक्सईएन सुंदर श्योराण ने उपायुक्त को बताया कि कंपनी ने शहर का सर्वे कर जो रिपोर्ट सौंपी है, वो सही नहीं है। टीम ने शहर में रेहड़ियों की संख्या 655 बताई है, जबकि नप के आंकड़ों अनुसार रेहड़ियों की तादाद 450 से अधिक नहीं है। इस पर उपायुक्त ने एक्सईएन को अपनी टीमें भेजकर जमीनी हकीकत जांचने के आदेश दे दिए हैं।
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दो टीमें गठित, खुद जुटाएंगी डाटा
एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि शहर में रेहड़ियों की संख्या का पता लगाने के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में दो-दो कर्मचारी शामिल हैं। इन्हें शहर की सड़कों पर जाकर रेहड़ियों की संख्या का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ये टीमें अपनी रिपोर्ट नप अधिकारियों को सौंपेंगी और अधिकारी इसे जिला प्रशासन के सामने पेश करेंगे।
पांच वेंडिंग जोन का भी होगा दोबारा निरीक्षण
रेहड़ी धारकों को स्थान मुहैया कराने के लिए पांच जगह फाइनल की गई हैं। इन पांचों जगहों का दोबारा से निरीक्षण किया जाएगा। इनमें एक जगह ढाणी फाटक ओवरब्रिज के समीप, दूसरी नगर परिषद कार्यालय के समीप खाली जमीन है। इनके अलावा तीन और जगह शहर में चिह्नित की गई है। अब नगर परिषद टीमें इन पांचों जगहों का दोबारा से निरीक्षण करेंगी।
नगर परिषद के एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि सर्वे के बाद जो रिपोर्ट हमें सौंपी गई थी वो नगर परिषद के आंकड़े से मेल नहीं खा रही है। मैंने इसलिए सर्वे रिपोर्ट पर आपत्ति जाहिर की थी। हमारी टीमें जल्द ही शहर में लगने वाली रेहड़ियां की अपने स्तर पर सर्वे करेंगी और यह रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।
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शहर की मुख्य सड़कों पर लगने वाली रेहड़ियों को एक जगह लाने के लिए सरकार ने एक निजी कंपनी से करीब एक साल पहले सर्वे करवाया था। अब इस सर्वे से नगर परिषद अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। डीसी धर्मवीर सिंह द्वारा गत दिनों ली गई बैठक में नप अधिकारियों ने इस सर्वे रिपोर्ट पर सवालिया निशान लगाए हैं। इस पर डीसी ने नगर परिषद को जमीनी हकीकत जांचने के लिए अपनी टीमें भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि नप टीमों द्वारा किए गए फील्ड वर्क की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। बता दें कि स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी के तहत यह सर्वे पूरे प्रदेश में कराया गया था।
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इस समय दादरी शहर में रेहड़ी धारकों के लिए कोई जगह सुनिश्चित नहीं है। रेहड़ी धारक मनमर्जी से शहर की मुख्य सड़कों पर ही अपनी रेहड़ियां लगा रहे हैं। खासकर बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड, रेलवे रोड व पुरानी सब्जी मंडी आदि जगहों पर रेहड़ियां लगाई जा रही हैं। मुख्य सड़कों पर रेहड़ियां खड़ी होने से इसका असर ट्रैफिक व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। सड़कों पर रेहड़ियां और इनके आगे वाहन खड़े होने से सड़कों की चौड़ाई घटकर आधी ही रह गई है। नप सूत्रों की मानें तो जिला उपायुक्त धर्मवीर सिंह ने गत दिनों ही स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी की बैठक ली थी। इसमें नगर परिषद अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में एक्सईएन सुंदर श्योराण ने उपायुक्त को बताया कि कंपनी ने शहर का सर्वे कर जो रिपोर्ट सौंपी है, वो सही नहीं है। टीम ने शहर में रेहड़ियों की संख्या 655 बताई है, जबकि नप के आंकड़ों अनुसार रेहड़ियों की तादाद 450 से अधिक नहीं है। इस पर उपायुक्त ने एक्सईएन को अपनी टीमें भेजकर जमीनी हकीकत जांचने के आदेश दे दिए हैं।
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दो टीमें गठित, खुद जुटाएंगी डाटा
एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि शहर में रेहड़ियों की संख्या का पता लगाने के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में दो-दो कर्मचारी शामिल हैं। इन्हें शहर की सड़कों पर जाकर रेहड़ियों की संख्या का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ये टीमें अपनी रिपोर्ट नप अधिकारियों को सौंपेंगी और अधिकारी इसे जिला प्रशासन के सामने पेश करेंगे।
पांच वेंडिंग जोन का भी होगा दोबारा निरीक्षण
रेहड़ी धारकों को स्थान मुहैया कराने के लिए पांच जगह फाइनल की गई हैं। इन पांचों जगहों का दोबारा से निरीक्षण किया जाएगा। इनमें एक जगह ढाणी फाटक ओवरब्रिज के समीप, दूसरी नगर परिषद कार्यालय के समीप खाली जमीन है। इनके अलावा तीन और जगह शहर में चिह्नित की गई है। अब नगर परिषद टीमें इन पांचों जगहों का दोबारा से निरीक्षण करेंगी।
नगर परिषद के एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि सर्वे के बाद जो रिपोर्ट हमें सौंपी गई थी वो नगर परिषद के आंकड़े से मेल नहीं खा रही है। मैंने इसलिए सर्वे रिपोर्ट पर आपत्ति जाहिर की थी। हमारी टीमें जल्द ही शहर में लगने वाली रेहड़ियां की अपने स्तर पर सर्वे करेंगी और यह रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।