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Charkhi Dadri News: जिले के युवाओं ने खेल मैदान से लेकर इसरो तक फहराई पताका
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फोटो 39 वैज्ञानिक अमित।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। दादरी जिला के युवा खेलों के साथ अन्य क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिमा की छाप छोड़ रहे हैं। जिले के दो युवा तो अपनी कड़ी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बलबूते इसरो में वैज्ञानिक तक बने हैं। इनमें एक युवा बिगोवा निवासी सचिन जाखड़ तो दूसरा डुडीवाला किशनपुरा निवासी अमित शर्मा है। ग्रामीण परिवेश से जुड़ाव होने के बावजूद इन दोनों ने अपनी मजबूत इच्छा शक्ति से यह मुकाम पाया है। इस सफलता की बदौलत वो जिले के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं। युवा दिवस पर पेश है विशेष रिपोर्ट...
पिता किसान तो अमित ने वैज्ञानिक बन बढ़ाया गांव और जिले का मान
कड़ी मेहनत के बलबूते डुडीवाला किशनपुरा निवासी किसान सज्जन सिंह का बेटा अमित शर्मा का गत मई माह में इसरो में बतौर वैज्ञानिक चयन हुआ। अमित ने इसके बाद गत सात जून को विक्रम साराभाई सेंटर में ज्वाइनिंग की थी। अमित शर्मा ने को विज्ञान विषय शुरूआत से काफी पसंद था। उनके मन में हमेशा कुछ जानने की जिज्ञासा बनी रहती थी। इसके चलते गांव के स्कूल से दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ग्यारहवीं कक्षा में विज्ञान विषय चुना। बारहवीं कक्षा में अच्छे नंबर लाने के बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई एनआईटी कुरुक्षेत्र से पूरी की। वर्ष 2017 में मेकेनिकल ब्रांच से बीटेक की और इसके बाद भी उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखी। साथ ही वैज्ञानिक पद की भर्ती परीक्षा में भाग लेते रहे। वर्ष 2019 के प्रयास में उन्हें सफलता हासिल की।
पढ़ाई के साथ सचिन ने पूरा किया वैज्ञानिक बनने का सपना
गांव बिगोवा निवासी सचिन का गत अप्रैल माह में इसरो में वैज्ञानिक के पद पर चयन हुआ। सचिन के पिता कुलदीप सिंह जाखड़ ने बताया कि सचिन ने ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल से बारहवीं तक की शिक्षा ग्रहण की। बारहवीं के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी की शिक्षा ग्रहण की और आईआईटी दिल्ली में एमएससी (गणित) करने के बाद पीएचडी की। इसके साथ ही वो इसरो के लिए भी तैयारी करता रहा। सचिन के प्रयास रंग लाए और गत अप्रैल माह में उनका चयन भी हो गया। सचिन ने सात से आठ घंटे नियमित पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया।
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पिता किसान तो अमित ने वैज्ञानिक बन बढ़ाया गांव और जिले का मान
कड़ी मेहनत के बलबूते डुडीवाला किशनपुरा निवासी किसान सज्जन सिंह का बेटा अमित शर्मा का गत मई माह में इसरो में बतौर वैज्ञानिक चयन हुआ। अमित ने इसके बाद गत सात जून को विक्रम साराभाई सेंटर में ज्वाइनिंग की थी। अमित शर्मा ने को विज्ञान विषय शुरूआत से काफी पसंद था। उनके मन में हमेशा कुछ जानने की जिज्ञासा बनी रहती थी। इसके चलते गांव के स्कूल से दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ग्यारहवीं कक्षा में विज्ञान विषय चुना। बारहवीं कक्षा में अच्छे नंबर लाने के बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई एनआईटी कुरुक्षेत्र से पूरी की। वर्ष 2017 में मेकेनिकल ब्रांच से बीटेक की और इसके बाद भी उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखी। साथ ही वैज्ञानिक पद की भर्ती परीक्षा में भाग लेते रहे। वर्ष 2019 के प्रयास में उन्हें सफलता हासिल की।
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पढ़ाई के साथ सचिन ने पूरा किया वैज्ञानिक बनने का सपना
गांव बिगोवा निवासी सचिन का गत अप्रैल माह में इसरो में वैज्ञानिक के पद पर चयन हुआ। सचिन के पिता कुलदीप सिंह जाखड़ ने बताया कि सचिन ने ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल से बारहवीं तक की शिक्षा ग्रहण की। बारहवीं के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी की शिक्षा ग्रहण की और आईआईटी दिल्ली में एमएससी (गणित) करने के बाद पीएचडी की। इसके साथ ही वो इसरो के लिए भी तैयारी करता रहा। सचिन के प्रयास रंग लाए और गत अप्रैल माह में उनका चयन भी हो गया। सचिन ने सात से आठ घंटे नियमित पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया।

फोटो 40 वैज्ञानिक सचिन।- फोटो : CharkhiDadri
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