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लापरवाही: गुडाना का लाइसेंस लेकर संचालक बेरला में चला रहा था आरा मशीन
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फोटो 14 बेरला स्थित आरा मशीन पर जांच करते संयुक्त टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की अगुवाई में गुप्तचर और वन विभाग की टीम ने बेरला स्थित एक आरा मशीन पर दबिश दी। इस दौरान यहां 39 हरे पेड़ मिले। इस पर संज्ञान लेते हुए वन विभाग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान आरा मशीन संचालक ने टीम के समक्ष जो लाइसेंस पेश किया उसके अनुसार यह मशीन गुडाना गांव में होनी चाहिए थी जबकि इसे बेरला में चलाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को गुप्त सूचना मिली थी कि बेरला स्थित एक आरा मशीन पर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। यहां हरे पेड़ काटकर भेजे जा रहे हैं जिन्हें साफ कर लकड़ियों का संग्रह किया जा रहा है। इस आधार पर वीरवार सुबह मुख्यमंत्री उड़नदस्ता चरखी दादरी पहुंचा। उड़नदस्ते ने गुप्तचर और वन विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर गुडाना निवासी जयबीर की बेरला स्थित आरा मशीन पर दबिश दी। टीम ने यहां साढ़े 12 से ढाई बजे तक दो घंटे जांच की और उस दौरान कई खामियां यहां पाई गईं।
दबिश देने पहुंची टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि आरा मशीन को चेक करने पर जांडी, सिरस, नीम, तूत, शीशम, रुहिड़ा व अलनथस आदि के कुल 39 हरे पेड़ मिले। इन्हें साफ करके लकड़ियों का संग्रह किया गया था। इस पर स्थानीय वन विभाग की टीम ने पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम 1900 की धारा 4/5 के तहत वन अपराध रिपोर्ट भरी। इसके अतिरिक्त इस आरा मशीन का लाइसेंस भी चेक किया गया। लाइसेंस मुताबिक यह आरा मशीन गांव गुडाना में लगी होनी चाहिए थी लेकिन यह बेरला में पाई गई जो नियमानुसार गलत है।
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जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को गुप्त सूचना मिली थी कि बेरला स्थित एक आरा मशीन पर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। यहां हरे पेड़ काटकर भेजे जा रहे हैं जिन्हें साफ कर लकड़ियों का संग्रह किया जा रहा है। इस आधार पर वीरवार सुबह मुख्यमंत्री उड़नदस्ता चरखी दादरी पहुंचा। उड़नदस्ते ने गुप्तचर और वन विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर गुडाना निवासी जयबीर की बेरला स्थित आरा मशीन पर दबिश दी। टीम ने यहां साढ़े 12 से ढाई बजे तक दो घंटे जांच की और उस दौरान कई खामियां यहां पाई गईं।
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दबिश देने पहुंची टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि आरा मशीन को चेक करने पर जांडी, सिरस, नीम, तूत, शीशम, रुहिड़ा व अलनथस आदि के कुल 39 हरे पेड़ मिले। इन्हें साफ करके लकड़ियों का संग्रह किया गया था। इस पर स्थानीय वन विभाग की टीम ने पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम 1900 की धारा 4/5 के तहत वन अपराध रिपोर्ट भरी। इसके अतिरिक्त इस आरा मशीन का लाइसेंस भी चेक किया गया। लाइसेंस मुताबिक यह आरा मशीन गांव गुडाना में लगी होनी चाहिए थी लेकिन यह बेरला में पाई गई जो नियमानुसार गलत है।
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