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24 दिन बाद नहरों में पहुंचा पानी, जलघरों के टैंकों को भरने की प्रक्रिया शुरू

Sun, 15 Mar 2020 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2020 11:24 PM IST
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Canal Water reached in Charkhi Dadari after 24 Days
चंपापुरी जलघर के टैंक में जमा काई। - फोटो : CharkhiDadri
जिले की नहरों में 24 दिन बाद पानी पहुंचा है। अब गर्मी का मौसम आने पर सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य के लिए सभी 58 जलघर और 65 तालाबों में पानी भरना चुनौती से कम नहीं है। इस समय शहर के दोनों जलघर खाली पड़े हैं। जिले को 600 क्यूसेक पानी इस बार मिला है। टैंक खाली होने पर शहर में बोरिंग ट्यूबवेल के जरिए पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। शहर के लोगों ने जलघरों में बने स्टोरेज टैंकों की सफाई भी करवाने की मांग की है, ताकि स्वच्छ पेयजल मिल सके।
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जिले की नहरों में शुक्रवार रात को पानी छोड़ दिया गया। सिंचाई विभाग ने 600 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा था। सिंचाई विभाग अधिकारियों का मानना है कि अब रबी की फसलों में सिंचाई की इतनी जरूरत नहीं है, इसलिए 200 क्यूसेक पानी कम मंगवाया गया है। इस पानी से जलघर और तालाबों में पानी की आपूर्ति आसानी से हो जाएगी। जिले में 58 जलघर हैं और करीब 65 तालाब हैं। तालाबों के जरिए मवेशियों के लिए पानी उपलब्ध होता है। इसके साथ ही शहर के 21 वार्डों के 70 हजार लोग इसी नहरी पानी पर निर्भर हैं।
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गर्मी का मौसम आ गया है। अब पानी की खपत आए दिन बढ़ना स्वाभाविक है। शहर और गांवों के जलघर इस समय खाली पड़े हैं। अगर सिंचाई विभाग व जनस्वास्थ्य विभाग ने तालमेल के साथ दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ इस पानी का सही प्रकार से प्रबंधन करते हुए सदुपयोग नहीं किया तो आने वाले कुछ ही दिनों में पेयजल को लेकर विकट स्थिति बन सकती है। क्योंकि इसके बाद 24 दिन में नहरी पानी मिलेगा, जबकि जलघरों की स्टोरेज क्षमता मात्र 12 दिन ही है।
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90 बोरिंग ट्यूबवेलों से हो रही सप्लाई
जिले में इस समय 90 बोरिंग ट्यूबवेेल के जरिए भी पेयजल की सप्लाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग ने कई गांवों में यह ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं। इन गांवों में जलघरों की कमी है। ट्यूबवेल भी लगातार जल दोहन के चलते बीच-बीच में जवाब दे जाते हैं। इस पर विभाग को फिर से नया बोरिंग करना पड़ता है। जिले की मेन लोहारू कैनाल में पानी पहुंच गया है। शनिवार को बधवाना डिस्टीब्यूटरी में भी पानी छोड़ा जाना है। इन दोनो नहरों से शहर के दोनो जलघरों में पानी डाला जाता है।
3750 लाख लीटर है स्टोरेज क्षमता
लोहारू कैनाल से मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाले जाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस मेन जलघर में चार वाटर स्टोरेज टैंक बने हैं, जबकि दूसरे रामनगर जलघर में दो वाटर टैंक बने हुए हैं। शहर में पेयजल की स्टोरेज क्षमता 3750 लाख लीटर है, जबकि रोजाना प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी सप्लाई के लिए 7500 लाख लीटर पानी चाहिए।

जनस्वास्थ्य विभाग के जेई सतविंद्र सिंह ने कहा कि जलघर के वाटर टैंकों में पानी डालना शुरू कर दिया है। पंप एवं मोटर के जरिए पानी डाला जा रहा है। 16 दिन में शहर के वाटर टैंक भर दिए जाएंगे। पानी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
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