फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   By becoming self-reliant, Rajesh gave employment to three more people

Charkhi Dadri News: आत्मनिर्भर बन राजेश ने तीन और लोगों को दिया रोजगार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Jan 2023 11:52 PM IST
विज्ञापन
By becoming self-reliant, Rajesh gave employment to three more people
तैयार किया गया लकड़ी का दरवाजा दिखाता राजेश। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। आर्थिक तंगी से पार न पाने पर हमें हताश होने की बजाय सही मदद का विकल्प तलाशना चाहिए। इसकी बानगी निमड़-बड़ेसरा निवासी राजेश कुमार ने पेश की है। राजेश ने मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार योजना का लाभ उठाकर न केवल खुद की जिंदगी बदल ली, बल्कि तीन और लोगों को रोजगार दे दिया। योजना के तहत पांच लाख का लोन मिलने से राजेश की फर्नीचर की दुकान चल पड़ी।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना धीरे-धीरे दादरी जिला में परवान चढ़ रही है। इसकी बानगी निमड़-बड़ेसरा निवासी राजेश कुमार की जिंदगी में आए बदलाव को देखकर भी पता चल रही है। बाढड़ा खंड निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उसकी फर्नीचर की दुकान है और पहले वो लकड़ियां काटने से लेकर उन्हें जोड़कर फ्रेम तैयार करने तक का काम हाथ से ही करता था। उसकी माली हालत इतनी बेहतर नहीं थी कि वो आधुनिक मशीनें और कटर खरीद सके।
विज्ञापन

कहीं से पता चलने पर मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत उसने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में आवेदन कर दिया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग ने राजेश कुमार के आवेदन को मंजूर कर उसे पंजाब नेशनल बैंक बेरला भिजवा दिया। करीब दस महीने पहले बैंक ने उसे पांच लाख रुपये का ऋण दे दिया। यह लोन मिलने पर राजेश ने अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए नई रंधा मशीन खरीद ली। पहले वह लोगों के घर-घर जाकर काम करता था, अब उसने जांगड़ा फर्नीचर हाउस के नाम से गांव में दुकान कर ली है और उसके पास फिलहाल तीन वर्कर काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- कर्मचारियों की तनख्वाह और लोन की किस्त चुका रहा आसानी से
राजेश कुमार ने बताया कि आर्थिक सहायता मिलने से उसने प्लेन, कटर मशीन व अन्य उपकरण खरीदे। ऋण रकम का सदुपयोग करने से वो नियमित रूप से अपने बैंक की किस्त जमा करवा रहा है और समय पर तीनों वर्करों को तनख्वाह भी दे रहा है। इसके अलावा वो अपने परिवार का मासिक खर्च भी आराम से निकाल लेता है। राजेश ने बताया कि इस लोन पर उसे 1.75 लाख की सब्सिडी भी मिली।
- अब तक जिले में 1.13 करोड़ राशि के ऋण हुए स्वीकृत
जिला एमएसएमई सेंटर की उप निदेशक नीलिमा ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में जिला के बीस से अधिक युवा इस साल में लोन हासिल कर अपना कारोबार चला रहे हैं। इस स्कीम में एक करोड़ 13 लाख 26 हजार राशि के लोन स्वीकृत हो चुके हैं, जिसमें से 67.99 लाख की राशि आवंटित कर दी गई है।

आत्मनिर्भर युवा पीढ़ी दूसरे कारीगरों को भी काम दे रही है और निमड़ बड़ेसरा निवासी राजेश इसका उदाहरण है। सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अगर ऋण राशि का सदुपयोग किया जाए तो जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है। एमएसएमई युवाओं को लोन के अलावा प्रशिक्षण भी दिलवाता है।
-नीलिमा, उप निदेशक, जिला एमएसएमई सेंटर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed