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Charkhi Dadri News: बेकाबू सांड़ ने लोगों को उठा-उठाकर पटका, पूर्व सरपंच समेत चार घायल
Wed, 29 May 2024 04:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 29 May 2024 04:47 AM IST
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झोझूकलां के कलियाणा गांव में एक सांड़ बेकाबू हो गया।
चरखी दादरी/झोझूकलां। कलियाणा गांव में एक सांड़ बेकाबू हो गया। दो दिन के अंदर सांड़ ने पूर्व सरपंच समेत चार लोगों को घायल कर दिया। उसने एक ग्रामीण के सीने में 7 इंच तक सींग घुसा दिया। इससे उसकी पसलियां टूट गईं और फिलहाल वो रोहतक पीजीआई में उपचाराधीन है। गोरक्षकों की टीम को सांड़ काबू करने में एक घंटा लग गया। दिमाग में गर्मी चढ़ने की आशंका है।
कलियाणा निवासी ग्रामीण प्रदीप और गोरक्षक रिंपी फौगाट ने बताया कि दो दिन से कलियाणा गांव में एक सांड़ ग्रामीणों पर हमला कर रहा था। पहले उसने गांव के पूर्व सरपंच घीसाराम पर हमला किया। उनके साथ जा रहे लाला को भी उठाकर पटक दिया। इससे दोनों घायल हो गए। इसके बाद सांड़ ने कृष्ण पर कलियाणा बाईपास के पास हमला कर दिया। फिर गांव के जोहड़ के पास ग्रामीण जगबीर पर हमला किया। इस प्रकार दो दिन के अंदर हिंसक सांड़ ने चार लोगों को घायल कर दिया। सांड़ के लगातार हो रहे हमलों से परेशान ग्रामीणों ने गोरक्षकों को इसकी सूचना दी।
इसके बाद दादरी से छह सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम कलियाणा गांव पहुंची। वहां ग्रामीणों की मदद से सांड़ को बमुश्किल काबू किया गया। इस काम में करीब एक घंटा लग गया। इसके बाद सांड़ को बेहोश कर पशु एंबुलेंस से कमोद स्थित पशु अस्पताल ले जाया गया। सांड़ के काबू आने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि इससे पहले ग्रामीण दो दिन भय के साए में रहे।
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- जगबीर पर किया हमला, पसली टूटी
ग्रामीणों के अनुसार ग्रामीण जगबीर तालाब के पास से गुजर रहा था। उसी दौरान सांड़ ने हमला कर दिया। सांड़ ने सामने से सीने में सात इंच गहराई तक सींग घुसा दिए। इससे जगबीर की पसली टूट गई। उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया और मंगलवार शाम तक उसका वहां उपचार चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सांड़ ने जगबीर को सबसे गहरी चोट मारी। ग्रामीणों के अनुसार ये सांड़ दो दिन से ही गांव में आया था। उसे बाहर लाकर यहां छोड़ने की आशंका जताई गई है।
- गर्मी के कारण हिंसक हुआ सांड़, पशु अस्पताल में उपचाराधीन : रिंपी फौगाट
पिछले करीब डेढ़ दशक से भी अधिक समय से गोसेवा में लगे रिंपी फौगाट ने अपनी टीम समेत मौके पर पहुंचकर सांड़ को 20 ग्रामीणों की मदद से एक घंटे बाद काबू किया। पशु चिकित्सक के हवाले से रिंपी ने बताया कि दिमाग में गर्मी चढ़ने के कारण सांड़ हिंसक हो गया और चार ग्रामीणों को घायल कर दिया। सांड़ को बिना कोई क्षति पहुंचाए काबू कर लिया गया है। कमोद पशु अस्पताल में सांड़ को छोड़ा गया है। वहां विशेषज्ञ उसके स्वभाव पर नजर रख रहे हैं।
भीषण गर्मी में पशु आक्रामक हो जाते हैं। ऐसे में हमला कर सकते हैं। खासकर इनसे बचकर चलना चाहिए। - डॉ सुभाष जांगड़ा, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग।
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कलियाणा निवासी ग्रामीण प्रदीप और गोरक्षक रिंपी फौगाट ने बताया कि दो दिन से कलियाणा गांव में एक सांड़ ग्रामीणों पर हमला कर रहा था। पहले उसने गांव के पूर्व सरपंच घीसाराम पर हमला किया। उनके साथ जा रहे लाला को भी उठाकर पटक दिया। इससे दोनों घायल हो गए। इसके बाद सांड़ ने कृष्ण पर कलियाणा बाईपास के पास हमला कर दिया। फिर गांव के जोहड़ के पास ग्रामीण जगबीर पर हमला किया। इस प्रकार दो दिन के अंदर हिंसक सांड़ ने चार लोगों को घायल कर दिया। सांड़ के लगातार हो रहे हमलों से परेशान ग्रामीणों ने गोरक्षकों को इसकी सूचना दी।
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इसके बाद दादरी से छह सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम कलियाणा गांव पहुंची। वहां ग्रामीणों की मदद से सांड़ को बमुश्किल काबू किया गया। इस काम में करीब एक घंटा लग गया। इसके बाद सांड़ को बेहोश कर पशु एंबुलेंस से कमोद स्थित पशु अस्पताल ले जाया गया। सांड़ के काबू आने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि इससे पहले ग्रामीण दो दिन भय के साए में रहे।
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- जगबीर पर किया हमला, पसली टूटी
ग्रामीणों के अनुसार ग्रामीण जगबीर तालाब के पास से गुजर रहा था। उसी दौरान सांड़ ने हमला कर दिया। सांड़ ने सामने से सीने में सात इंच गहराई तक सींग घुसा दिए। इससे जगबीर की पसली टूट गई। उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया और मंगलवार शाम तक उसका वहां उपचार चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सांड़ ने जगबीर को सबसे गहरी चोट मारी। ग्रामीणों के अनुसार ये सांड़ दो दिन से ही गांव में आया था। उसे बाहर लाकर यहां छोड़ने की आशंका जताई गई है।
- गर्मी के कारण हिंसक हुआ सांड़, पशु अस्पताल में उपचाराधीन : रिंपी फौगाट
पिछले करीब डेढ़ दशक से भी अधिक समय से गोसेवा में लगे रिंपी फौगाट ने अपनी टीम समेत मौके पर पहुंचकर सांड़ को 20 ग्रामीणों की मदद से एक घंटे बाद काबू किया। पशु चिकित्सक के हवाले से रिंपी ने बताया कि दिमाग में गर्मी चढ़ने के कारण सांड़ हिंसक हो गया और चार ग्रामीणों को घायल कर दिया। सांड़ को बिना कोई क्षति पहुंचाए काबू कर लिया गया है। कमोद पशु अस्पताल में सांड़ को छोड़ा गया है। वहां विशेषज्ञ उसके स्वभाव पर नजर रख रहे हैं।
भीषण गर्मी में पशु आक्रामक हो जाते हैं। ऐसे में हमला कर सकते हैं। खासकर इनसे बचकर चलना चाहिए। - डॉ सुभाष जांगड़ा, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग।