फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Boring will be made for rain water harvesting in 42 government schools

42 राजकीय स्कूलों में वर्षा जल संचयन के लिए बनेंगे बोरिंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 May 2022 11:57 PM IST
विज्ञापन
Boring will be made for rain water harvesting in 42 government schools
शहर के शहीद दलबीर सिंह राजकीय स्कूल परिसर। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। राजकीय स्कूलों में जल संरक्षण के तहत जमीन में 18 फीट गहरी बोरिंग की जाएगी। आसपास के पानी को इस बोरिंग में डाला जाएगा। इसके लिए प्रति स्कूल बजट जारी कर दिया गया है। विभाग की योजना है कि 30 जून तक धरातल पर इस प्रोजेक्ट को परा करवा दिया। योजना के तहत कुछ स्कूलों में काम पूरा हो चुका है जबकि जो बचे हैं, उनमें जल्द यह कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

गत मानसून सीजन में जिले में 563 एमएम बारिश हुई थी जो सामान्य रही। इस बार भी मौसम विभाग ने अच्छी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के दौरान 98 प्रतिशत तक बारिश सामान्य श्रेणी में आती है। पिछले साल मानसून सीजन में बढ़िया बारिश होने पर जिले का भूमिगत जलस्तर काफी बढ़ा है। शहर का जलस्तर गत नवंबर माह में 1.05 मीटर दर्ज हुआ था। सबसे ऊपर जलस्तर गांव सरुपगढ़ का 0.6 मीटर दर्ज हुआ था। अगर इस बार भी मानसून की बारिश बढ़िया हो जाती है तो रेतीले एरिया बाढड़ा में भी जलस्तर में सुधार होने की संभावना है।
विज्ञापन

सरकार की ओर से वर्षा जल संचयन के लिए समय-समय पर विशेष नीतियां तैयार की जा रही हैं। सरकारी कार्यालयों व भवन परिसर में जल संचयन पर बल दिया जा रहा है ताकि जमीन वाटर रिचार्ज हो सके। इसी कड़ी में गांवों में सोख्ता गड्ढे बनाए गए हैं। ताकि गांवों में एकत्र बारिश का पानी इन गड्ढों के जरिये जमीन में चला जाए जिससे भूमिगत जलस्तर बढ़ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

खेतों के लिए भी है योजना
किसान खेत में 30 गुना व 15 फीट का गड्ढा बनाकर वर्षा जल संचयन कर सकता है। इसी प्रकार अब राजकीय स्कूलों में भी वर्षा जल संचयन के लिए प्रारूप बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट पर फिलहाल काम चल रहा है। 42 राजकीय स्कूलों में से काफी संस्थाओं में काम पूरा हो चुका है। शेष स्कूलों में 30 जून से पहले काम पूरा करने की योजना है। जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रथम सप्ताह में प्रदेश में मानसून आगमन का समय है।

इस प्रोजेक्ट को जल्दी ही पूरा किया जाना है। कुछ काम पूरा हो चुकी है। प्रत्येक स्कूल के लिए ग्रांट अलग से जारी कर रखी है। वर्षा जल संचयन के लिए सरकार ही नहीं प्रत्येक नागरिक को इसमें सहयोग करना चाहिए ताकि जमीनी वाटर रिचार्ज हो सके।
-कुलदीप फौगाट, जिला शिक्षा परियोजना अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed