चरखी दादरी। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सांविधानिक अधिकारों की बहाली की मांग के लिए भारत मुक्ति मोर्चा ने वीरवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ओडिशा के कटक में होने वाले संगठन के राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति रद्द किए जाने पर रोष जताया। इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने शहर में रोष प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेद सिंह व मास्टर श्याम सुख मिसरी ने प्रशासन पर आरोप लगाए। उमेद सिंह ने कहा कि बामसेफ के 42वें और भारत मुक्ति मोर्चा के 15वें राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए सभी कानूनी औपचारिकताएं दो महीने पहले ही पूरी कर ली गई थीं। उमेद सिंह ने कहा कि अंतिम समय पर अनुमति रद्द करना न केवल मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि यह ओबीसी, एससी, एसटी और मूल निवासी समाज की एकजुटता को तोड़ने की कोशिश है। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने अनुमति को तत्काल बहाल किए जाने, कार्यक्रम रद्द होने के कारण संगठन और कार्यकर्ताओं को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई करने, ओबीसी की जाति आधारित जनगणना के मुद्दे को दबाने की कथित साजिश की जांच किसी निष्पक्ष न्यायाधीश से कराए जाने की मांग की। डाॅ. उमेद सिंह ने कहा कि यह विरोध केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि आंदोलन के तीसरे चरण में 22 जनवरी को जिला मुख्यालयों पर रैली और शक्ति प्रदर्शन होगा। चतुर्थ चरण में 22 फरवरी को नागपुर आरएसएस मुख्यालय पर देशव्यापी रैली और घेराव किया जाएगा। इस मौके पर आनंद घसोला, सूरत सिंह, दीपक कुमार, मामन, अमित कुमार, वीरेंद्र, श्याम सुख, सुनील यादव, यशवंती मौजूद रहे।