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दादरी में नहीं बना एंबुलेंस कंट्रोल रूम, भिवानी में घनघना रहे फोन
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सिविल अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस।
- फोटो : CharkhiDadri
भिवानी से अलग हुए जिले को साढ़े चार साल से अधिक समय हो चुका है। इतनी लंबी समयावधि बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग जिले में एंबुलेंस कंट्रोल रूम स्थापित नहीं कर पाया है। ऐसे में दादरी की एंबुलेंस सेवा अब भी भिवानी से ही उपलब्ध है। एंबुलेंस मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने पर घंटी भिवानी कंट्रोल रूम में बजती है और वहां से ही जिले के एंबुलेंस चालकों को इसकी सूचना दी जाती है। कई बार तो इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है, जिसके चलते मरीज की जान पर बन आती है।
जिला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस सेवा सुचारु रूप से चलाई जा रही हैं, लेकिन एंबुलेंस कंट्रोल रूम की कमी खल रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास 15 एंबुलेंस हैं, जबकि इनके अलावा दो अत्याधुनिक एंबुलेंस जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से स्वास्थ्य विभाग को मुहैया करवाई गई हैं। ये एंबुलेंस वेंटिलेटर समेत अन्य सुविधाओं से लैस हैं। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त बाढड़ा, बौंद, झोझू कलां, गोपी, सांवड़ आदि सभी अस्पतालों के लिए एंबुलेंस गाड़ियां 24 घंटे मुस्तैद खड़ी रहती हैं। यह गाड़ी प्राइवेट अस्पताल के लिए लाइफ सपोर्ट सिस्टम, समय व दूरी के अनुसार सात से 15 रुपये प्रति किलोमीटर पर उपलब्ध होती है। अभी इसका नियंत्रण कक्ष भिवानी नागरिक अस्पताल में है और इसे दादरी बनवाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
इन कैटेगरी को मिलता है निशुल्क एंबुलेंस सेवा का लाभ
गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशु, सड़क दुर्घटना में घायल मरीज, आपात स्थिति में सरकारी अस्पताल के लिए, नेत्रदान के समय, स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व सैनिक, झोपड़ पट्टी में रहने वाले लोग और बीपीएल परिवारों के लिए एंबुलेंस की सेवा निशुल्क मुहैया करवाई जाती है।
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तीन एंबुलेंस हैं बिना लाइफ सपोर्ट सुविधा के
जिला रेडक्रॉस सोसायटी ने भी स्वास्थ्य विभाग को दो नई अत्याधुनिक उपकरणों से लैस एंबुलेंस दी हैं। इन्हें मिलाकर अब 17 एंबुलेंस हो गई हैं। पहले से मौजूद 15 गाड़ियों में से तीन बिना लाइफ सपोर्ट के हैं और बाकी 12 वाहन सभी सुविधाओं से युक्त हैं।
लोग बोले- भिवानी फोन के झंझट में 20 से 30 मिनट हो जाते हैं खराब
दादरी निवासी रूपांश, संदीप, अमित आदि का कहना है कि एंबुलेंस का कंट्रोल रूम अभी तक भिवानी होने के कारण कई बार मरीजों को परेशानी होती है। आप जब भी 108 नंबर डायल करेंगे तो पहले फोन भिवानी सिविल अस्पताल के एंबुलेंस कंट्रोल रूम वाले उठाएंगे, उसके बाद वे दादरी अस्पताल में एंबुलेंस चालक को फोन करते हैं। इससे 20 से 30 मिनट इसी काम में खराब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस का कंट्रोल रूम जिस दिन दादरी आएगा, तभी इस सेवा का सही लाभ आम जनता को मिलेगा।
वर्जन::
दादरी में एंबुलेंस कंट्रोल रूम बनाने के लिए हम उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा चुके हैं। जल्द ही दादरी में कंट्रोल रूम स्थापित हो जाएगा और इसके बाद एंबुलेंस सुविधा और बेहतर होगी।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ
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जिला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस सेवा सुचारु रूप से चलाई जा रही हैं, लेकिन एंबुलेंस कंट्रोल रूम की कमी खल रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास 15 एंबुलेंस हैं, जबकि इनके अलावा दो अत्याधुनिक एंबुलेंस जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से स्वास्थ्य विभाग को मुहैया करवाई गई हैं। ये एंबुलेंस वेंटिलेटर समेत अन्य सुविधाओं से लैस हैं। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त बाढड़ा, बौंद, झोझू कलां, गोपी, सांवड़ आदि सभी अस्पतालों के लिए एंबुलेंस गाड़ियां 24 घंटे मुस्तैद खड़ी रहती हैं। यह गाड़ी प्राइवेट अस्पताल के लिए लाइफ सपोर्ट सिस्टम, समय व दूरी के अनुसार सात से 15 रुपये प्रति किलोमीटर पर उपलब्ध होती है। अभी इसका नियंत्रण कक्ष भिवानी नागरिक अस्पताल में है और इसे दादरी बनवाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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इन कैटेगरी को मिलता है निशुल्क एंबुलेंस सेवा का लाभ
गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशु, सड़क दुर्घटना में घायल मरीज, आपात स्थिति में सरकारी अस्पताल के लिए, नेत्रदान के समय, स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व सैनिक, झोपड़ पट्टी में रहने वाले लोग और बीपीएल परिवारों के लिए एंबुलेंस की सेवा निशुल्क मुहैया करवाई जाती है।
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तीन एंबुलेंस हैं बिना लाइफ सपोर्ट सुविधा के
जिला रेडक्रॉस सोसायटी ने भी स्वास्थ्य विभाग को दो नई अत्याधुनिक उपकरणों से लैस एंबुलेंस दी हैं। इन्हें मिलाकर अब 17 एंबुलेंस हो गई हैं। पहले से मौजूद 15 गाड़ियों में से तीन बिना लाइफ सपोर्ट के हैं और बाकी 12 वाहन सभी सुविधाओं से युक्त हैं।
लोग बोले- भिवानी फोन के झंझट में 20 से 30 मिनट हो जाते हैं खराब
दादरी निवासी रूपांश, संदीप, अमित आदि का कहना है कि एंबुलेंस का कंट्रोल रूम अभी तक भिवानी होने के कारण कई बार मरीजों को परेशानी होती है। आप जब भी 108 नंबर डायल करेंगे तो पहले फोन भिवानी सिविल अस्पताल के एंबुलेंस कंट्रोल रूम वाले उठाएंगे, उसके बाद वे दादरी अस्पताल में एंबुलेंस चालक को फोन करते हैं। इससे 20 से 30 मिनट इसी काम में खराब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस का कंट्रोल रूम जिस दिन दादरी आएगा, तभी इस सेवा का सही लाभ आम जनता को मिलेगा।
वर्जन::
दादरी में एंबुलेंस कंट्रोल रूम बनाने के लिए हम उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा चुके हैं। जल्द ही दादरी में कंट्रोल रूम स्थापित हो जाएगा और इसके बाद एंबुलेंस सुविधा और बेहतर होगी।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ