फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Agriculture Minister told BDPO: What is the difference between measles numbers 255 and 256?

बीडीपीओ से बोले कृषि मंत्री : खसरा नंबर 255 और 256 का क्या लफड़ा है?

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 12:39 AM IST
विज्ञापन
Agriculture Minister told BDPO: What is the difference between measles numbers 255 and 256?
चरखी दादरी। लघु सचिवालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में कृषि मंत्री ने 61 मिनट के अंदर करीब 15 परिवादों की सुनवाई की। पहला परिवाद इमलोटा ग्राम पंचायत की करीब 500 गज जमीन पर अवैध कब्जे का रखा गया। शिकायतकर्ता महिला ने कृषि मंत्री जेपी दलाल से कहा कि अधिकारी कोर्ट में मामला विचाराधीन होने की बात कहकर ग्रीवांस कमेटी को गुमराह कर रहे हैं, जबकि कोर्ट ने खसरा नंबर 256 पर स्टे दिया है जबकि उनका मामला खरा नंबर 255 का है। इस पर कृषिमंत्री ने बीडीपीओ से जवाब तलब करते हुए कहा कि कोर्ट स्टे मामले में खसरा नंबर 255 व 256 का क्या लफड़ा है?
विज्ञापन

पहले दो बार हुई गहमा-गहमी, इस बार ध्यान से सुना मामला -
दरअसल, इमलोटा निवासी एवं भाजपा महिला मंडल अध्यक्ष शकुंतला ने ग्राम पंचायत इमलोटा की 500 गज जमीन पर एक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा करने की शिकायत कष्ट निवारण समिति की बैठक में तीसरी बार रखी। पहली दो बार जहां शिकायतकर्ता और कृषि मंत्री के बीच गहमा-गहमी हुई तो इस बार कृषि मंत्री ने उनका परिवाद ध्यान से सुना। हालांकि परिवाद सुनने से पहले कृषि मंत्री ने परिवादी भाई-बहन से कहा कि पिछली बार तो आप गुस्से में लग रहे थे। इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए परिवादी से अपनी शिकायत रखने को कहा। इस पर परिवादी महिला ने बताया कि ग्राम पंचायत और पंचायत विभाग के अधिकारी इस मामले की पैरवी सही से नहीं कर रहे। छह साल की लड़ाई के बाद कोर्ट ने उनके ग्राम पंचायत के हक में फैसला सुनाया लेकिन एक साल बीतने पर कब्जा नहीं छुड़ाया है। इस पर कृषि मंत्री ने परिवादी का पक्ष सुनने के बाद बीडीपीओ का पक्ष जाना और फिर एसडीएम को पैमाइश कर अगली बैठक में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए।
विज्ञापन

दूसरा, परिवाद रामबास निवासी वेदकौर से संबंधित रखा गया। राजस्व विभाग से संबंधित इस परिवाद में फरियादी ने बताया कि अधिकारियों व पटवारी ने मिलीभगत कर पड़ोसियों को उनकी जगह पर कब्जा दिला दिया। इस मामले को कृषि मंत्री ने अगली बैठक के लिए लंबित रखा और अधिकारियों को फरियादी की मदद करने के निर्देश दिए। तीसरा, परिवाद डुडीवाला नंदकरण निवासी अजय, सज्जन, सुरेंद्र व अन्य ग्रामीणों ने रखा। इसमें 2021 के बाजरा और कपास की उचित बीमा राशि न देने का आरोप लगाया। इस पर कृषि मंत्री ने कृषि विभाग के डीडीए को रिपोर्ट तैयार कर सौंपने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

चौथा परिवाद चरखी निवासी जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य राजरानी सांगवान ने रखा। उन्होंने बताया कि भिवानी रोड से चरखी गांव तक रास्ता निर्माण होना था। आधे रास्ते का निर्माण करवा दिया गया है जबकि आधा अधूरा है। इस पर अपना पक्ष रखते हुए पंचायती राज एक्सईएन ने बताया कि 1490 फुट का यह रास्ता बनना था जिसमें से 1300 फुट का निर्माण हो चुका है और 190 फुट का अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि रास्ते के लिए 20 लाख का फंड आया था जो खर्च हो चुका है और अब चार लाख का एस्टिमेट और भेजा गया है। इस पर कृषि मंत्री ने जल्द रास्ते का निर्माण करवाने का आदेश दिया।
पांचवां परिवाद झोझूकलां क्षेत्र से संबंधित रहा। इसमें बताया गया कि गुडाना क्षेत्र में करीब 50 मुसलमान परिवार रहते हैं और देहांत के बाद दफनाने के लिए कब्रिस्तान नहीं है। इस पर बीडीपीओ ने कहा कि इसके लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव पास कर दिया गया है। छठा परिवाद शहर निवासी अधिवक्ता रामकिशन शर्मा का रहा। उन्होंने सीवर समस्याओं की शिकायत की थी। परिवादी तो बैठक में हाजिर नहीं हुआ, लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग एक्सईएन एसके त्यागी ने बताया कि विभाग ने समस्या का समाधान करवा दिया है और अब शहर में कुछ ही जगहों पर जलभराव की समस्या है, जिसे जल्द दूर करवा दिया जाएगा।
- डांडमा निवासी व्यक्ति का परिवाद रखा लंबित
कष्ट निवारण समिति की बैठक में सातवां परिवाद डांडमा निवासी सतबीर ने रखा। उसने धोखे में रखकर जमीन की रजिस्टरी करवाने का आरोप लगाया। इस पर अधिकारियों से चर्चा करने के बाद कृषि मंत्री ने इस परिवाद को अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया। उन्होंने परिवादी को आश्वस्त किया कि हरसंभव मदद आपकी की जाएगी।

- बैठक में की शिकायत तो दो साल बाद खाते में पहुंची गेहूं की राशि
पिछली कष्ट निवारण समिति की बैठक में फौगाट निवासी कुलदीप ने खरीद एजेंसी के खिलाफ 38 क्विंटल गेहूं की पेमेंट न करने संबंधी शिकायत रखी थी। इस शिकायत को इस बैठक में भी रखा गया। बैठक में परिवादी तो हाजिर नहीं हुआ, लेकिन खरीद एजेंसी अधिकारी ने बताया कि भुगतान राशि किसान के खाते में डाल दी गई है।
-----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed