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24 दिन बाद नहरों में पहुंचा 900 क्यूसेक पानी
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चरखी दादरी। पेयजल संकट से जूझ रहे जिलावासियों के लिए राहत की खबर है। जिले की नहरों में 24 दिन के बाद पानी आ गया है। नहरों में 15 दिन के लिए 900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो इंडेंट से 70 क्यूसेक कम है। वहीं, जनस्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर खाली जलघरों के टैंकों को भरना शुरू कर दिया है। फिलहाल बधवाना नहर में पानी कम मात्रा में छोड़े जाने से शहर के कपूरी जलघर में पानी नही डाला जा रहा है।
शहर में इस समय बोरिंग ट्यूबवेल के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जो पीने के लाया नहीं है। लोग 400 रुपये में पानी का टैंकर खरीदने को विवश हैं। अब जिले की मेन लोहारू कैनाल और बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी छोड़ा गया है। इससे लोगों को राहत मिलेगी। लोहारू कैनाल से नगर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। बधवाना डिस्टीब्यूटरी में पानी काफी कम मात्रा में छोड़े जाने से शहर के कपूरी-रामनगर जलघर में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जलघरों में पानी पहुंचाने के लिए जनस्वास्थ्य और सिंचाई विभाग अधिकारी निगरानी में जुटे हैं। नहरों की साइटों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि पानी की बर्बादी न होने पाए।
बधवाना नहर में चल रहा 120 क्यूसेक पानी
बधवाना नहर में इस समय 120 क्यूसेक पानी चल रहा है, जबकि इसकी क्षमता 175 क्यूसेक तक है। इस नहर में पानी की मात्रा बढ़ाए जाने की सख्त जरूरत है ताकि शहर का जलघर पानी से भरा जा सके। ग्रामीण क्षेत्र के भी सब जलघर खाली पड़े हैं। गांवों के लोग खेतों में बने ट्यूबवेल, हैंडपंप व टैंकर आदि के जरिए पानी की आपूर्ति करने को विवश हैं। गांवों में भी विभाग एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति करता आ रहा है।
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970 क्यूसेक का भेजा था इंडेंट
सिंचाई विभाग ने 970 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा था, जबकि 900 क्यूसेक मिला है। सिंचाई विभाग अधिकारियों का मानना है कि रबी की फसलों की कटाई का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में खेतों में सिंचाई के लिए पानी की खपत इस बार भी कम ही है। अधिकारियों का कहना है कि पानी को अंतिम छोर तक पहुंचाया जाएगा ताकि प्रत्येक गांव के जलघर व तालाबों में पानी डाला जा सके।
वर्जन::
जिला की नहरों में पानी पहुंच गया है। जलघरों में पानी भरा जा रहा है। 900 क्यूसेक पानी मिला है। 10 दिन में सभी जलघरों में पानी भर दिया जाएगा। जोहड़ों में भी पानी डाले जाने की कोशिश की जा रही है। एक भी जलघर खाली नहीं रहेगा।
राहुल छिल्लर, एसडीओ, सिंचाई विभाग
पानी से लबालब लोहारू कैनाल।
फोटो 05
बधवाना नहर में छोड़ा गया कम पानी।
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शहर में इस समय बोरिंग ट्यूबवेल के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जो पीने के लाया नहीं है। लोग 400 रुपये में पानी का टैंकर खरीदने को विवश हैं। अब जिले की मेन लोहारू कैनाल और बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी छोड़ा गया है। इससे लोगों को राहत मिलेगी। लोहारू कैनाल से नगर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। बधवाना डिस्टीब्यूटरी में पानी काफी कम मात्रा में छोड़े जाने से शहर के कपूरी-रामनगर जलघर में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जलघरों में पानी पहुंचाने के लिए जनस्वास्थ्य और सिंचाई विभाग अधिकारी निगरानी में जुटे हैं। नहरों की साइटों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि पानी की बर्बादी न होने पाए।
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बधवाना नहर में चल रहा 120 क्यूसेक पानी
बधवाना नहर में इस समय 120 क्यूसेक पानी चल रहा है, जबकि इसकी क्षमता 175 क्यूसेक तक है। इस नहर में पानी की मात्रा बढ़ाए जाने की सख्त जरूरत है ताकि शहर का जलघर पानी से भरा जा सके। ग्रामीण क्षेत्र के भी सब जलघर खाली पड़े हैं। गांवों के लोग खेतों में बने ट्यूबवेल, हैंडपंप व टैंकर आदि के जरिए पानी की आपूर्ति करने को विवश हैं। गांवों में भी विभाग एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति करता आ रहा है।
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970 क्यूसेक का भेजा था इंडेंट
सिंचाई विभाग ने 970 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा था, जबकि 900 क्यूसेक मिला है। सिंचाई विभाग अधिकारियों का मानना है कि रबी की फसलों की कटाई का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में खेतों में सिंचाई के लिए पानी की खपत इस बार भी कम ही है। अधिकारियों का कहना है कि पानी को अंतिम छोर तक पहुंचाया जाएगा ताकि प्रत्येक गांव के जलघर व तालाबों में पानी डाला जा सके।
वर्जन::
जिला की नहरों में पानी पहुंच गया है। जलघरों में पानी भरा जा रहा है। 900 क्यूसेक पानी मिला है। 10 दिन में सभी जलघरों में पानी भर दिया जाएगा। जोहड़ों में भी पानी डाले जाने की कोशिश की जा रही है। एक भी जलघर खाली नहीं रहेगा।
राहुल छिल्लर, एसडीओ, सिंचाई विभाग
पानी से लबालब लोहारू कैनाल।
फोटो 05
बधवाना नहर में छोड़ा गया कम पानी।