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Charkhi Dadri News: 60 प्रतिशत हुई ड्रेनों की सफाई, शेष काम 30 जून तक होगा पूरा

Sat, 17 Jun 2023 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 17 Jun 2023 12:11 AM IST
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60 percent cleaning of drains done, remaining work will be completed by June 30
चरखी दादरी। जिले में ड्रेनों की सफाई का काम 60 प्रतिशत पूरा हो गया है। 30 जून से पहले विभाग सभी ड्रेनों की सफाई करवाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। मानसून सीजन में ड्रेनें ही जलभराव से राहत दिलाने का प्रमुख विकल्प मानी जाती हैं। आवासीय बस्ती व खेतों से पानी का उठान कर ड्रेनों में डाला जाता है और बाद में ड्रेनों का पानी नहरों तक पहुंचाया जाता है। अमर उजाला ने 9 मई के संस्करण में ड्रेनों की सफाई न होने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
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चरखी दादरी जिले में 16 मेन ड्रेनें हैं जिनके जरिये बारिश के पानी की निकासी की जाती है। जिला के करीब 15 से ज्यादा ऐसे गांव हैं जहां हर साल बारिश सीजन में जलभराव होता है। इन गांवों में प्रमुख रूप से चरखी, पांडवान, बिरही कलां, छपार, रासीवास, मिसरी, जयश्री, कमोद, रावलधी, बौंदकलां, खातीवास, लोहरवाड़ा, समसपुर, मोरवाला, झींझर, अचीना, बिगोवा, मोरवाला, सरुपगढ़, सातौर, कन्हेटी, भागवी, इमलोटा व भागवी शामिल हैं। इन गांवों में ज्यादा मात्रा में जलभराव होता है जिससे फसलों में नुकसान पहुंचता है।
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सिंचाई विभाग ने इन क्षेत्रों में कच्ची ड्रेनों का निर्माण करवा रखा है ताकि मानसून सीजन में पानी की निकासी हो सके। विभाग हर साल मानसून सीजन से पहले इन ड्रेनों की सफाई करवाता है ताकि पानी के प्रवाह में रुकावट न आए और नियमित रूप से पानी का उठान होता रहे। इस समय विभाग इन ड्रेनों की सफाई करवाने में जुटा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक सफाई का कार्य 60 प्रतिशत पूरा हो गया है। 30 जून तक सभी ड्रेनों की सफाई पूरी होने की उम्मीद है। मशीन आदि के जरिये सफाई का काम चल रहा है। ड्रेन कच्ची होने की वजह से मिट्टी आदि का जमाव हो जाता है। घास उग जाती है जिससे पानी का प्रवाह रुक जाता है। इन ड्रेनों के जरिये जिले के तकरीबन सभी क्षेत्रों को कवर कर लिया जाता है।
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- इन नहरों में डाला जाता है पानी

खेतों में भरे बारिश के पानी का उठान कर पहले ड्रेनों में डाला जाता है। इसके बाद इन ड्रेनोंं का पानी लोहारू कैनाल, बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, लोहारू फीडर, कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी, बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी आदि में डाला जाता है।





30 जून से पहले सभी ड्रेनों की सफाई का काम पूरा हो जाएगा। जलभराव की स्थिति में ड्रेनों से ही पानी की निकासी हो पाती है। गांवों से पानी का उठान कर इन ड्रेनों में और ड्रेनों से नहरों में पानी पहुंचता है।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग


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