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Charkhi Dadri News: शहर में मिले 47 हजार अवैध पेयजल कनेक्शन, अब नोटिस भेजेगा विभाग
Sun, 19 Jan 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 19 Jan 2025 01:04 AM IST
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चंपापुरी जलघर में बना पानी भंडारण टैंक।
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग ने नगर में 47 हजार अवैध पेयजल कनेक्शन धारकों को नोटिस भेजने की तैयार कर ली है। जल्द ही नोटिस भेजने का काम शुरू होगा। नोटिस में एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इस समयावधि में कनेक्शन वैध नहीं करवाने पर काटने की मुहिम शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग 115 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम कर रहा है। इसके तहत पानी के समान वितरण के लिए अवैध कनेक्शन धारकों का भी पता लगाया गया। विभाग ने सितंबर माह में नगर में पेयजल कनेक्शनों की सर्वे का कार्य पूरा किया था। विभाग की टीमों ने नगर में करीब 73 हजार कनेक्शनों की सूची जारी की है जिनमें से 47 हजार से अधिक कनेक्शन अवैध पाए गए हैं। सूची के हिसाब से शहर में 26 हजार कनेक्शन वैध हैं। सर्वे के तहत कनेक्शन धारक का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर व कनेक्शन नंबर दर्ज किया गया था। अब सर्वे का काम पूरा हो चुका है।
मेन लाइनों में कनेक्शन होने की वजह से पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है जिससे वैध पेयजल कनेक्शन धारकों को पानी नहीं मिल पाता है। इतना ही नहीं सरकारी राजस्व का भी नुकसान होता है। विभाग के लिए पेयजल की बकाया राशि वसूलना भी सिरदर्द बना हुआ है। शहर व गांवों में पिछले कई दशक से लोग पानी निशुल्क पीते आ रहे हैं। लोग अपनी मर्जी से मेन लाइन व लोकल लाइन में कनेक्शन करते आ रहे हैं।
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एक घर में दो कनेक्शन भी मिले
कनेक्शन लेने के लिए विभाग से अनुमति तक भी नहीं ली जाती है। एक घर में दो कनेक्शन भी लोगों ने लगा रखे हैं। ऐसे मेें ग्रामीण क्षेत्र से विभाग को सरकारी राजस्व के रूप में मुश्किल से 10 प्रतिशत ही मिल रहा है। शहर में भी इस समय अवैध पेयजल कनेक्शनों की भरमार है।
विभाग बार- बार करता रहा है अपील
चार साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर व गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध करने का काम शुरू किया था ताकि राजस्व में बढ़ोतरी की जा सके और पानी की बर्बादी भी रोकी जा सके। इसके लिए सक्षम युवाओं की मदद से शहर व गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इसके तहत 31 अक्तूबर 2018 तक 6322 पेयजल कनेक्शन वैध किए गए थे। उसके बाद इस अभियान पर विराम लग गया था।
10 प्रतिशत उपभोक्ता ही नियमित भर रहे बिल
अब विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर में पानी पहुंचाने के लिए अवैध पेयजल कनेक्शन काटने की मुहिम पर ध्यान दे रखा है। जिनके पेयजल कनेक्शन वैध हैं वे भी नियमित रूप से पेयजल बिल जमा नहीं कर रहे हैं। मुश्किल से केवल 10 प्रतिशत उपभोक्ता ही नियमित रूप से पानी का बिल जमा करवा रहे हैं। गांवों में पेयजल बिल की राशि 40 और शहर में 120 रुपये प्रतिमाह है, यह राशि भी लोग जमा नहीं करवा रहे हैं। अब विभाग ने सारा डाटा ऑनलाइन कर कनेक्शनधारकों को पेयजल बिल मैसेज मोबाइल के जरिये भेजने शुरू कर रखे हैं।
विभाग ने अवैध पेयजल कनेक्शन धारकों की सूची तैयार कर ली है। अब इनको नोटिस भेजकर एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। उसके बाद कनेक्शन काटने का कार्य शुरू होगा। शहर में 73 हजार से ज्यादा पेयजल कनेक्शन सर्वे में मिले हैं। इनमें से 47 हजार अवैध पाए गए हैं।
-मोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग 115 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम कर रहा है। इसके तहत पानी के समान वितरण के लिए अवैध कनेक्शन धारकों का भी पता लगाया गया। विभाग ने सितंबर माह में नगर में पेयजल कनेक्शनों की सर्वे का कार्य पूरा किया था। विभाग की टीमों ने नगर में करीब 73 हजार कनेक्शनों की सूची जारी की है जिनमें से 47 हजार से अधिक कनेक्शन अवैध पाए गए हैं। सूची के हिसाब से शहर में 26 हजार कनेक्शन वैध हैं। सर्वे के तहत कनेक्शन धारक का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर व कनेक्शन नंबर दर्ज किया गया था। अब सर्वे का काम पूरा हो चुका है।
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मेन लाइनों में कनेक्शन होने की वजह से पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है जिससे वैध पेयजल कनेक्शन धारकों को पानी नहीं मिल पाता है। इतना ही नहीं सरकारी राजस्व का भी नुकसान होता है। विभाग के लिए पेयजल की बकाया राशि वसूलना भी सिरदर्द बना हुआ है। शहर व गांवों में पिछले कई दशक से लोग पानी निशुल्क पीते आ रहे हैं। लोग अपनी मर्जी से मेन लाइन व लोकल लाइन में कनेक्शन करते आ रहे हैं।
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एक घर में दो कनेक्शन भी मिले
कनेक्शन लेने के लिए विभाग से अनुमति तक भी नहीं ली जाती है। एक घर में दो कनेक्शन भी लोगों ने लगा रखे हैं। ऐसे मेें ग्रामीण क्षेत्र से विभाग को सरकारी राजस्व के रूप में मुश्किल से 10 प्रतिशत ही मिल रहा है। शहर में भी इस समय अवैध पेयजल कनेक्शनों की भरमार है।
विभाग बार- बार करता रहा है अपील
चार साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर व गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध करने का काम शुरू किया था ताकि राजस्व में बढ़ोतरी की जा सके और पानी की बर्बादी भी रोकी जा सके। इसके लिए सक्षम युवाओं की मदद से शहर व गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इसके तहत 31 अक्तूबर 2018 तक 6322 पेयजल कनेक्शन वैध किए गए थे। उसके बाद इस अभियान पर विराम लग गया था।
10 प्रतिशत उपभोक्ता ही नियमित भर रहे बिल
अब विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर में पानी पहुंचाने के लिए अवैध पेयजल कनेक्शन काटने की मुहिम पर ध्यान दे रखा है। जिनके पेयजल कनेक्शन वैध हैं वे भी नियमित रूप से पेयजल बिल जमा नहीं कर रहे हैं। मुश्किल से केवल 10 प्रतिशत उपभोक्ता ही नियमित रूप से पानी का बिल जमा करवा रहे हैं। गांवों में पेयजल बिल की राशि 40 और शहर में 120 रुपये प्रतिमाह है, यह राशि भी लोग जमा नहीं करवा रहे हैं। अब विभाग ने सारा डाटा ऑनलाइन कर कनेक्शनधारकों को पेयजल बिल मैसेज मोबाइल के जरिये भेजने शुरू कर रखे हैं।
विभाग ने अवैध पेयजल कनेक्शन धारकों की सूची तैयार कर ली है। अब इनको नोटिस भेजकर एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। उसके बाद कनेक्शन काटने का कार्य शुरू होगा। शहर में 73 हजार से ज्यादा पेयजल कनेक्शन सर्वे में मिले हैं। इनमें से 47 हजार अवैध पाए गए हैं।
-मोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग