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Charkhi Dadri News: 20 तकनीकी सत्रों में 244 शोधपत्र किए प्रस्तुत
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अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल कॉलेज प्राचार्य एवं समिति पदाधिकारी।
चरखी दादरी। जनता महाविद्यालय के भौतिक शास्त्र विभाग एवं रिसर्च प्लेटो पब्लिशर्स की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन संभाषण के साथ वीरवार को समापन हो गया। कार्यक्रम के संयोजक जनता महाविद्यालय दादरी के भौतिक शास्त्र विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. जयवीर सिंह रहे।उन्होंने बताया कि सामग्री विज्ञान और उपकरणों के वर्तमान रुझान आईसीआरएमटीडी विषय पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे दिन प्रमुख रूप से 20 तकनीकी सत्रों में 244 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
अमेरिका के सहरसा चोलंगी ने क्रिप्टोग्राफिक एडवांसमेंट पर अपना व्याख्यान दिया। पोलैंड के श्रीमाशीष पांडे ने ग्राफ्टिंग प्लाज्मा के महत्व पर अपनी बात रखी। जापान के वैज्ञानिक यशु एनुकमा ने थर्मल एवं इलेक्ट्रिकल परफॉर्मेंस के मॉड्यूल पर चर्चा की। नाइजीरिया के विद्वान एजाज बिलोनी ने वेस्ट वाटर से अमोक्सिसिल्लिन बनाने के बारे में जानकारी दी।
अजरबेजान के कबजमा लोका ने मॉडिफाइड फाइबर कंक्रीट कंपोजिशन विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। संयोजक डॉ. जयवीर सिंह ने बताया कि तीन दिनों के दौरान 25 देशों के 600 वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं यूनिवर्सिटी और कॉलेज के शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुल 37 सत्रों का आयोजन किया गया।
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इसमें उद्घाटन सत्र में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रही। प्रबंध समिति के महासचिव राधेश्याम ऐरन विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यमान रहे। समापन सत्र में डॉ. मनजीत ने अपना समापन अभिभाषण दिया। आयोजन में प्रबंध समिति के अध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता, महासचिव राधेश्याम ऐरन उप प्रधान अशोक गोयल, वित्त सचिव सुरेश अग्रवाल ने कॉलेज परिवार के इन प्रयासों की सराहना की। आयोजन समिति के डॉ. नीरज गर्ग, शिवकांत, डॉ. सुनीता, डॉ. शमीना, जितेंद्र नरवाल, प्रोफेसर छाजू राम, प्रोफेसर अमरजीत ,डॉ. विपिनपाल व डॉ. अरुण कुमार की प्रमुख भूमिका रही।
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अमेरिका के सहरसा चोलंगी ने क्रिप्टोग्राफिक एडवांसमेंट पर अपना व्याख्यान दिया। पोलैंड के श्रीमाशीष पांडे ने ग्राफ्टिंग प्लाज्मा के महत्व पर अपनी बात रखी। जापान के वैज्ञानिक यशु एनुकमा ने थर्मल एवं इलेक्ट्रिकल परफॉर्मेंस के मॉड्यूल पर चर्चा की। नाइजीरिया के विद्वान एजाज बिलोनी ने वेस्ट वाटर से अमोक्सिसिल्लिन बनाने के बारे में जानकारी दी।
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अजरबेजान के कबजमा लोका ने मॉडिफाइड फाइबर कंक्रीट कंपोजिशन विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। संयोजक डॉ. जयवीर सिंह ने बताया कि तीन दिनों के दौरान 25 देशों के 600 वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं यूनिवर्सिटी और कॉलेज के शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुल 37 सत्रों का आयोजन किया गया।
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इसमें उद्घाटन सत्र में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रही। प्रबंध समिति के महासचिव राधेश्याम ऐरन विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यमान रहे। समापन सत्र में डॉ. मनजीत ने अपना समापन अभिभाषण दिया। आयोजन में प्रबंध समिति के अध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता, महासचिव राधेश्याम ऐरन उप प्रधान अशोक गोयल, वित्त सचिव सुरेश अग्रवाल ने कॉलेज परिवार के इन प्रयासों की सराहना की। आयोजन समिति के डॉ. नीरज गर्ग, शिवकांत, डॉ. सुनीता, डॉ. शमीना, जितेंद्र नरवाल, प्रोफेसर छाजू राम, प्रोफेसर अमरजीत ,डॉ. विपिनपाल व डॉ. अरुण कुमार की प्रमुख भूमिका रही।