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Charkhi Dadri News: 17 स्वास्थ्य केंद्रों में जनरेटर नहीं, बिजली गुल होते ही बढ़ जाती है परेशानी

Thu, 25 Jul 2024 07:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 25 Jul 2024 07:19 AM IST
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17 health centres do not have generators
चरखी दादरी। जिले के 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जनरेटर न होने के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। फिलहाल इन केंद्रों पर बत्ती गुल होने पर सेवाओं को जारी रखने की कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। हालांकि इन्वर्टर जरूर रखे गए हैं, लेकिन ये इंतजाम नाकाफी हैं। मरीजों को राहत दिलाने के लिए इन सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को जनरेटर की जरूरत है। जिला अस्पताल के जनरेटर के लिए तेल की कमी है।
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घोषित और अघोषित कटौती के कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। इसकी बानगी तीन दिन पहले ही सिविल अस्पताल में देखने के लिए मिली थी। यहां तकनीकी खराबी के कारण दो घंटे तक बिजली गुल रही। इस कारण मरीज ओपीडी पर्ची तक नहीं बनवाए पाए। करीब दो घंटे के लंबे इंतजार के बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने पर उन्होंने पर्ची बनवाकर अपना उपचार करवाया।
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दादरी जिले में सिविल अस्पताल समेत मातृ शिशु अस्पताल (एमसीएच), तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर बिजली कटौती के कारण ओपीडी समेत अन्य सेवाएं प्रभावित हैं। इन सभी 17 अस्पतालों में जनरेटर सुविधा नहीं है। सिविल अस्पताल और एमसीएच के जनरेटर चालू नहीं हैं। दिन में होने वाली कटौती से स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं की ‘सेहत’ बिगड़ गई है। उमस भरी गर्मी में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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- दो स्वास्थ्य केंद्र ही हॉट लाइन से जुड़े
जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्रों में से सिविल अस्पताल और बौंदकलां का सीएचसी ही हॉटलाइन से जुड़े हैं। शेष 15 अस्पताल हॉट लाइन से जुड़े नहीं हैं, जबकि इनमें जनरेटर की व्यवस्था भी नहीं है। ये सभी स्वास्थ्य केंद्र पूर्णतया बिजली निगम की आपूर्ति पर निर्भर हैं। इन दिनों बिजली किल्लत के कारण लगातार कटौती करनी पड़ रही है। इसका असर इन सभी अस्पतालों की सेवाओं पर पड़ रहा है।

- फरवरी 2022 में भेजी गई थी मांग
करीब ढाई साल पहले फरवरी 2022 में स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन के पास 15 जनरेटर की मांग भेजी थी। प्रशासन ने रेडक्रॉस फंड से जनरेटर खरीदने का आश्वासन दिया था, लेकिन जनरेटर नहीं खरीदे जा सके जबकि यहां बिजली कटौती से गर्मी में मरीजों को परेशानी हो रही है।


- रोजाना 2,200 से ज्यादा रहती है ओपीडी
जिले के अस्पतालों में रोजाना 2,200 से ज्यादा ओपीडी रहती है। यहां आंकड़ा सिविल अस्पताल में करीब 1,200, 12 पीएचसी में 500, तीनों सीएचसी में 300 और एमसीएच में 200 तक रहता है। इस लिहाज से बिजली कटौती के कारण जिले में मरीजों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


- 15 डिलिवरी हट की सेवाओं पर भी पड़ रहा असर

बिजली कटों का असर जिले के 15 स्वास्थ्य केंद्रों पर बनाए गए डिलिवरी हट की सेवाओं पर भी पड़ रहा है। एक माह में इन केंद्रों में करीब 15 प्रसव होते हैं। कई बार तो प्रसव के दौरान ही बिजली गुल हो जाती है। अधिक देर तक कटौती होने पर यहां लगे इन्वर्टर भी सीटी मारने लगते हैं।


- ओपीडी पर्ची से लेकर डॉक्टर की रिपोर्ट तक ऑनलाइन

स्वास्थ्य विभाग सिविल अस्पताल को हाईटेक बना चुका है। यहां पिछले करीब तीन साल से यहां ओपीडी पर्ची से जांच रिपोर्ट तक ऑनलाइन ही दी जाती है। सिविल अस्पताल के सभी कक्ष में कंप्यूटर के साथ इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है। लंबे समय तक बत्ती गुल रहने से यहां ऑनलाइन सेवा भी प्रभावित हो रही है।




जनरेटर की मांग हमने भेजी है। जल्द ही जनरेटर मिलने की उम्मीद है। इसके तुरंत बद हम सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जनरेटर सुविधा शुरू कर देंगे। - डॉ. नरेश, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी।
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