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Charkhi Dadri News: बिजली की प्रतिदिन 100 फॉल्ट का शिकायतें, पेयजल आपूर्ति हो रही प्रभावित
Fri, 24 Jul 2026 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 24 Jul 2026 01:34 AM IST
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पावर सब स्टेशन दादरी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। बारिश और नमी से शहर की बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। बिजली निगम को प्रतिदिन बिजली की तारों में फॉल्ट से जुड़ी करीब 100 शिकायतें मिल रही हैं। शहर के विभिन्न वार्डों और बाजारों में बार-बार बिजली गुल होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। जलघरों से बूस्टिंग स्टेशनों में बिजली न मिलने के कारण पानी नहीं भरा जा रहा जिससे निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। शहर में 21 वार्ड व बड़ा बाजार है। शहर में करीब 20 हजार उपभोक्ता हैं। शहर में 15 फीडर के जरिये बिजली आपूर्ति की जाती है।
उपकरण खराब होने का खतरा
शहर के 21 वार्डों में बिजली की आंख-मिचौली बनी रहती है। कई स्थानों पर बार-बार बिजली कटने से घरेलू उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। बाजारों में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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बूस्टिंग स्टेशन पर निर्भर जलघर
बिजली संकट का असर नगर की पेयजल व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। जलघर और बूस्टिंग स्टेशन बिजली पर निर्भर हैं। बिजली न मिलने से मोटर समय पर नहीं चल पा रहीं जिससे बूस्टिंग स्टेशन नहीं भर पाते हैं। इसके चलते कई क्षेत्रों में निर्धारित समय पर पानी नहीं पहुंच रहा है। कुछ कॉलोनियों में लोगों को कम दबाव से पानी मिल रहा है जबकि कई स्थानों पर जलापूर्ति में देरी हो रही है। इससे लोगों में निगम और संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी बनी हुई है।
वायर हो रही शॉर्ट
बारिश के कारण बिजली की तारों में नमी आ रही है। कई स्थानों पर वायर शॉर्ट होने से फीडरों पर बार-बार फॉल्ट आ रहे हैं। फॉल्ट मिलते ही बिजली आपूर्ति को सुरक्षा की दृष्टि से बंद करना पड़ता है और कर्मचारियों की टीमें मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य करती हैं। निगम अधिकारियों का मानना है बारिश के मौसम में फॉल्ट बढ़ना सामान्य स्थिति है फिर भी शिकायतों का यथाशीघ्र समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थायी समाधान की मांग
उधर शहरवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बन जाती है और स्थायी समाधान नहीं हो पाता है। लोगों ने मांग की है कि जर्जर बिजली लाइनों को बदला जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और जलघरों और बूस्टिंग स्टेशनों के लिए वैकल्पिक बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बिजली बाधित होने पर भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो। नागरिकों का कहना है कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सेवाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। जलघरों से बूस्टिंग स्टेशनों में बिजली न मिलने के कारण पानी नहीं भरा जा रहा जिससे निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। शहर में 21 वार्ड व बड़ा बाजार है। शहर में करीब 20 हजार उपभोक्ता हैं। शहर में 15 फीडर के जरिये बिजली आपूर्ति की जाती है।
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उपकरण खराब होने का खतरा
शहर के 21 वार्डों में बिजली की आंख-मिचौली बनी रहती है। कई स्थानों पर बार-बार बिजली कटने से घरेलू उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। बाजारों में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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बूस्टिंग स्टेशन पर निर्भर जलघर
बिजली संकट का असर नगर की पेयजल व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। जलघर और बूस्टिंग स्टेशन बिजली पर निर्भर हैं। बिजली न मिलने से मोटर समय पर नहीं चल पा रहीं जिससे बूस्टिंग स्टेशन नहीं भर पाते हैं। इसके चलते कई क्षेत्रों में निर्धारित समय पर पानी नहीं पहुंच रहा है। कुछ कॉलोनियों में लोगों को कम दबाव से पानी मिल रहा है जबकि कई स्थानों पर जलापूर्ति में देरी हो रही है। इससे लोगों में निगम और संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी बनी हुई है।
वायर हो रही शॉर्ट
बारिश के कारण बिजली की तारों में नमी आ रही है। कई स्थानों पर वायर शॉर्ट होने से फीडरों पर बार-बार फॉल्ट आ रहे हैं। फॉल्ट मिलते ही बिजली आपूर्ति को सुरक्षा की दृष्टि से बंद करना पड़ता है और कर्मचारियों की टीमें मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य करती हैं। निगम अधिकारियों का मानना है बारिश के मौसम में फॉल्ट बढ़ना सामान्य स्थिति है फिर भी शिकायतों का यथाशीघ्र समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थायी समाधान की मांग
उधर शहरवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बन जाती है और स्थायी समाधान नहीं हो पाता है। लोगों ने मांग की है कि जर्जर बिजली लाइनों को बदला जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और जलघरों और बूस्टिंग स्टेशनों के लिए वैकल्पिक बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बिजली बाधित होने पर भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो। नागरिकों का कहना है कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सेवाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।