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हरियाणा में कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह को नोटिस: व्हिप उल्लंघन पर 30 दिन में मांगा जवाब, सदस्यता पर संकट
Wed, 16 Sep 2026 02:40 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:40 PM IST
सार
जरनैल सिंह को 16 अप्रैल को राज्यसभा चुनाव से जुड़ी कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जा चुका है। अब व्हिप उल्लंघन के मामले में विधानसभा सदस्यता पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
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जरनैल सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा विधानसभा में रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक भरत भूषण बत्तरा ने उन्हें व्हिप का कथित उल्लंघन करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जरनैल सिंह को 30 दिन के भीतर बिंदुवार और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ अपना जवाब देना होगा।
नोटिस के अनुसार 27 अगस्त से 1 सितंबर तक चले विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक दल ने तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया था। इसमें सभी विधायकों को सदन में मौजूद रहने और अधीरन प्रस्ताव का समर्थन करने का निर्देश दिया गया था।
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आरोप है कि मुख्य सचेतक की ओर से सचेतक इंदुराज नरवाल ने यह व्हिप जरनैल सिंह को व्यक्तिगत रूप से देने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने इसे लेने और स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
सदन में मौजूद रहे, लेकिन प्रस्ताव के समर्थन में नहीं खड़े हुए
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि प्रस्ताव पर मतदान के दौरान कांग्रेस के अन्य विधायक समर्थन में खड़े हुए, जबकि जरनैल सिंह सदन में मौजूद होने के बावजूद समर्थन में खड़े नहीं हुए।
इसके अलावा फोटो और वीडियो साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा गया है कि वे सदन के भीतर पोस्टर और प्लैकार्ड लेकर सत्ता पक्ष की ओर गए और मंत्री कृष्ण बेदी, खेल मंत्री गौरव गौतम समेत सत्तापक्ष के सदस्यों के साथ कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए।
पहले ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित
जरनैल सिंह को इससे पहले 16 अप्रैल को राज्यसभा चुनाव से जुड़ी कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जा चुका है। अब व्हिप उल्लंघन के मामले में विधानसभा सदस्यता पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
नोटिस में कहा गया है कि यदि विधायक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उनकी विधानसभा सदस्यता से अयोग्यता के लिए याचिका दायर करने पर विचार किया जाएगा। नोटिस की प्रतिलिपि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को भी भेजी गई है।
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नोटिस में संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जरनैल सिंह को 30 दिन के भीतर बिंदुवार और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ अपना जवाब देना होगा।
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नोटिस के अनुसार 27 अगस्त से 1 सितंबर तक चले विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक दल ने तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया था। इसमें सभी विधायकों को सदन में मौजूद रहने और अधीरन प्रस्ताव का समर्थन करने का निर्देश दिया गया था।
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आरोप है कि मुख्य सचेतक की ओर से सचेतक इंदुराज नरवाल ने यह व्हिप जरनैल सिंह को व्यक्तिगत रूप से देने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने इसे लेने और स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
सदन में मौजूद रहे, लेकिन प्रस्ताव के समर्थन में नहीं खड़े हुए
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि प्रस्ताव पर मतदान के दौरान कांग्रेस के अन्य विधायक समर्थन में खड़े हुए, जबकि जरनैल सिंह सदन में मौजूद होने के बावजूद समर्थन में खड़े नहीं हुए।
इसके अलावा फोटो और वीडियो साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा गया है कि वे सदन के भीतर पोस्टर और प्लैकार्ड लेकर सत्ता पक्ष की ओर गए और मंत्री कृष्ण बेदी, खेल मंत्री गौरव गौतम समेत सत्तापक्ष के सदस्यों के साथ कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए।
पहले ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित
जरनैल सिंह को इससे पहले 16 अप्रैल को राज्यसभा चुनाव से जुड़ी कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जा चुका है। अब व्हिप उल्लंघन के मामले में विधानसभा सदस्यता पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
नोटिस में कहा गया है कि यदि विधायक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उनकी विधानसभा सदस्यता से अयोग्यता के लिए याचिका दायर करने पर विचार किया जाएगा। नोटिस की प्रतिलिपि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को भी भेजी गई है।