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हरियाणा कैबिनेट के फैसले: 26 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र, लैंड पूलिंग में भू-मालिकों को मिलेगा आधा हिस्सा
Tue, 03 Nov 2026 02:25 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 03 Nov 2026 02:25 PM IST
सार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ये अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल सात एजेंडे रखे गए और सभी को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में फैसलों की जानकारी दी।
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हरियाणा कैबिनेट की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर बुलाया जाएगा। इसमें संविधान के महत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चर्चा होगी। वहीं, प्रदेश में विकास परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
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सरकार की नई लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 के तहत जमीन देने वाले भू-मालिकों को परियोजना के कुल बिक्री योग्य क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, जबकि बाकी 50 प्रतिशत विकास एजेंसी को दिया जाएगा। भू-मालिकों को जमीन के बदले विकसित प्लॉट देने के साथ चार साल तक प्रति एकड़ सालाना एक लाख रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता भी मिलेगी।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ये अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल सात एजेंडे रखे गए और सभी को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में फैसलों की जानकारी दी।
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भू-मालिकों को आवासीय, संस्थागत और औद्योगिक प्लॉट
नई लैंड पूलिंग पॉलिसी का उद्देश्य विकास परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। इसके तहत स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार कुल बिक्री योग्य क्षेत्र का आधा हिस्सा भू-मालिकों और आधा विकास एजेंसी को मिलेगा। भू-मालिकों के हिस्से में पात्रता के अनुसार कुछ हिस्सा वाणिज्यिक साइट के रूप में भी दिया जाएगा।
नीति में विकसित प्लॉट का न्यूनतम आकार भी तय किया गया है। आवासीय प्लॉट कम से कम 100 वर्ग मीटर, संस्थागत प्लॉट 500 वर्ग मीटर और औद्योगिक प्लॉट 250 वर्ग मीटर का होगा। लैंड एंटाइटलमेंट सर्टिफिकेट धारक अपने प्रमाणपत्र आपस में जोड़कर बड़े आकार के प्लॉट के लिए संयुक्त रूप से आवेदन कर सकेंगे।
चार साल तक मिलेगी आर्थिक सहायता
जमीन देने वाले भू-मालिकों को आर्थिक राहत देने के लिए प्रति एकड़ प्रति वर्ष एक लाख रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि भूमि के योगदान के अनुपात में सेल डीड के पंजीकरण की तारीख से चार साल तक देय होगी।
टीडीआर प्रमाणपत्र से प्रदेश में बढ़ेंगे इस्तेमाल के विकल्प
कैबिनेट ने 16 नवंबर 2021 को अधिसूचित ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) नीति में संशोधन को भी मंजूरी दी है। अब टीडीआर प्रमाणपत्र का इस्तेमाल उसी डेवलपमेंट प्लान के अलावा प्रदेश की किसी भी कम संभावित विकास योजना में किया जा सकेगा। पहले इसका इस्तेमाल केवल उसी डेवलपमेंट प्लान तक सीमित था, जिसके लिए प्रमाणपत्र जारी किया गया था।
टीडीआर प्रमाणपत्र के मूल्यांकन का फार्मूला भी बदला गया है। अब जमीन का मूल्यांकन आवेदन जमा करने की तारीख पर लागू औसत कलेक्टर दर के आधार पर होगा। जिस स्थान पर टीडीआर का इस्तेमाल किया जाना है, वहां की जमीन का मूल्यांकन भी इसी आधार पर होगा। यह नया फार्मूला उन लंबित आवेदनों पर भी लागू होगा, जिनमें टीडीआर उपयोग प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति नहीं दी गई है और उपयोग के लिए सैद्धांतिक मंजूरी भी नहीं मिली है।
ट्रैवल एजेंटों के लिए पंजीकरण अनिवार्य
प्रदेश में युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, अवैध भर्ती, मानव तस्करी और डंकी रूट जैसी गतिविधियों से बचाने के लिए सरकार ने हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम, 2026 को मंजूरी दी है। अब नए और पहले से कारोबार कर रहे सभी ट्रैवल एजेंटों को पंजीकरण कराना होगा।
हर कार्यालय और शाखा के साथ प्रत्येक सेवा श्रेणी के लिए अलग पंजीकरण जरूरी होगा। इसमें पासपोर्ट सेवाएं, टूर एवं ट्रैवल एजेंसी, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी और टिकटिंग सेवाएं शामिल हैं। पुलिस सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद सक्षम प्राधिकारी 30 दिन के भीतर प्रमाणपत्र जारी करेगा। इसकी वैधता तीन साल होगी। पंजीकृत एजेंटों की जिला वार सूची अंत्योदय सरल पोर्टल और गृह एवं पुलिस विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के भर्ती नियम बदले
कैबिनेट ने हरियाणा एजुकेशनल कॉलेज कैडर (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1986 में संशोधन को मंजूरी दी है। अब जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के पद पर सीधी भर्ती और पदोन्नति के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित या जीव विज्ञान विषयों के साथ 10+2 पास होना जरूरी होगा।
सीधी भर्ती के लिए मान्यता प्राप्त कॉलेज में लैबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच साल का अनुभव अनिवार्य होगा। पदोन्नति के लिए भी 10+2 या समकक्ष योग्यता और नियमित नियुक्ति के बाद लैबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच साल का अनुभव निर्धारित किया गया है। सीधी भर्ती की आयु सीमा 18 से 42 वर्ष होगी।
629 गौशालाओं को 86.95 करोड़ रुपये का अनुदान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में गौशालाओं के संरक्षण और विकास के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। गौशालाओं को चारे और शेड निर्माण के लिए अनुदान दिया जाता है। इसी कड़ी में गत दिवस प्रदेश की 629 गौशालाओं को 86 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई।