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590 करोड़ का गबन: एसीबी ने गलत फ्रीज हुए खातों पर मांगे प्रतिवेदन, 48 घंटे में होगी समीक्षा
Sat, 07 Mar 2026 01:37 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:37 PM IST
सार
एसीबी के अनुसार जांच के दौरान आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े कई खातों में संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए थे। इसके चलते कई खाताधारकों के बैंक खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया या उनमें राशि होल्ड कर दी गई है।
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आईडीएफसी बैंक
- फोटो : फाइल
विस्तार
590 करोड़ रुपये के गबन मामले की जांच कर रही राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने नया कदम उठाया है। जांच के दौरान जिन बैंक खातों को संदिग्ध लेन-देन के आधार पर फ्रीज किया गया था, उनमें यदि किसी का खाता गलती से फ्रीज हो गया है तो उसे राहत देने के लिए ब्यूरो ने आमजन से प्रतिवेदन मांगे हैं।
एसीबी के अनुसार जांच के दौरान आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े कई खातों में संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए थे। इसके चलते कई खाताधारकों के बैंक खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया या उनमें राशि होल्ड कर दी गई है। हालांकि ब्यूरो का कहना है कि जांच के दौरान कुछ खाते ऐसे भी हो सकते हैं जिनका इस धोखाधड़ी से सीधा संबंध न हो।
ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति, व्यापारी या फर्म अपना लिखित प्रतिवेदन राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भेज सकते हैं। इसके लिए ब्यूरो ने टोल-फ्री व्हाट्सएप नंबर 941-7891064 जारी किया है, जिस पर खाताधारक अपना पक्ष और जरूरी दस्तावेज भेज सकते हैं।
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एसीबी ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त प्रतिवेदनों की गंभीरता से जांच की जाएगी और 48 घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति को उसके आवेदन पर हुई कार्रवाई की जानकारी दे दी जाएगी। ब्यूरो ने लोगों से सही जानकारी देने और जांच में सहयोग करने की अपील भी की है।
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एसीबी के अनुसार जांच के दौरान आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े कई खातों में संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए थे। इसके चलते कई खाताधारकों के बैंक खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया या उनमें राशि होल्ड कर दी गई है। हालांकि ब्यूरो का कहना है कि जांच के दौरान कुछ खाते ऐसे भी हो सकते हैं जिनका इस धोखाधड़ी से सीधा संबंध न हो।
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ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति, व्यापारी या फर्म अपना लिखित प्रतिवेदन राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भेज सकते हैं। इसके लिए ब्यूरो ने टोल-फ्री व्हाट्सएप नंबर 941-7891064 जारी किया है, जिस पर खाताधारक अपना पक्ष और जरूरी दस्तावेज भेज सकते हैं।
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एसीबी ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त प्रतिवेदनों की गंभीरता से जांच की जाएगी और 48 घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति को उसके आवेदन पर हुई कार्रवाई की जानकारी दे दी जाएगी। ब्यूरो ने लोगों से सही जानकारी देने और जांच में सहयोग करने की अपील भी की है।