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Chandigarh-Haryana News: हरियाणा में गन्ने के भाव 550 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
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15 सितंबर तक सौंपे जाएंगे मांग पत्र, अक्तूबर में गन्ना किसानों का राज्यस्तरीय सम्मेलन होगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गन्ना किसान कमेटी व किसान सभा हरियाणा ने प्रदेश में गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की मांग की है। मंगलवार को एक ऑनलाइन बैठक में 550 रुपये प्रति क्विंटल भाव की मांग उठाई गई। किसानों ने फैसला लिया कि इस मांग को लेकर 15 सितंबर तक सभी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशकों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। हरियाणा किसान सभा के राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि चीनी के भाव में अत्यधिक वृद्धि हो रही है। इसके बावजूद गन्ना किसानों को उनकी फसल का पूरा और उचित भाव नहीं मिल रहा है। गन्ना मुख्य नकदी फसल है। पूरी कीमत न मिलने से किसान कर्जदार होते जा रहे हैं और गन्ने की खेती छोड़ने को मजबूर हैं। बैठक में कहा गया कि सहकारिता मंत्री को भी ज्ञापन दिया जाएगा। अक्तूबर में गन्ना किसानों का राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यदि सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो पिराई सत्र के दौरान आंदोलन को तेज किया जाएगा।
बैठक से किसान नेता पुष्पेंद्र त्यागी (दिल्ली), बलवान सिंह (रोहतक), किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल, दरियाव सिंह (पलवल), धर्मचंद (पलवल) ज्ञान सिंह (इंद्री), अशोक अरोड़ा (करनाल), जसबीर सिंह (कैथल), महिपाल (यमुनानगर), राजपाल (पानीपत), वेदपाल (जींद) वर्चुअली जुड़े।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गन्ना किसान कमेटी व किसान सभा हरियाणा ने प्रदेश में गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की मांग की है। मंगलवार को एक ऑनलाइन बैठक में 550 रुपये प्रति क्विंटल भाव की मांग उठाई गई। किसानों ने फैसला लिया कि इस मांग को लेकर 15 सितंबर तक सभी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशकों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। हरियाणा किसान सभा के राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि चीनी के भाव में अत्यधिक वृद्धि हो रही है। इसके बावजूद गन्ना किसानों को उनकी फसल का पूरा और उचित भाव नहीं मिल रहा है। गन्ना मुख्य नकदी फसल है। पूरी कीमत न मिलने से किसान कर्जदार होते जा रहे हैं और गन्ने की खेती छोड़ने को मजबूर हैं। बैठक में कहा गया कि सहकारिता मंत्री को भी ज्ञापन दिया जाएगा। अक्तूबर में गन्ना किसानों का राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यदि सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो पिराई सत्र के दौरान आंदोलन को तेज किया जाएगा।
बैठक से किसान नेता पुष्पेंद्र त्यागी (दिल्ली), बलवान सिंह (रोहतक), किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल, दरियाव सिंह (पलवल), धर्मचंद (पलवल) ज्ञान सिंह (इंद्री), अशोक अरोड़ा (करनाल), जसबीर सिंह (कैथल), महिपाल (यमुनानगर), राजपाल (पानीपत), वेदपाल (जींद) वर्चुअली जुड़े।
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