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Bhiwani News: सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रयोग से बचें युवा
Sat, 25 Jan 2025 10:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 25 Jan 2025 10:06 PM IST
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राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद प्राध्यापिकाएं व छ
भिवानी। राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से व्यक्तित्व विकास और सोशल मीडिया के अवगुण विषय पर अपराजिता कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम में 40 महिला प्राध्यापिका व छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय से बतौर मुख्य अतिथि हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. दीपक कुमारी व बतौर विशिष्ट अतिथि के तौर पर हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. महक ने शिरकत की।
प्राध्यापिका डॉ. दीपक कुमारी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी सोशल मीडिया का सबसे अधिक उपयोग करती है। इससे उनमें अवसाद के लक्षणों की संभावना अधिक होती है। सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से युवाओं में भावनात्मक कमी आती है। साथ ही, आत्म-सम्मान भी कम होने लगता है। वहीं, सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग करने से रिश्तों में भी अनबन होने लगी है।
कार्यक्रम में राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. भामा अग्रवाल, सीमा बुमरा, मंजू दिसोदिया, डॉ. रुपम कौशिक, डॉ. रेनू बाला, मोनिका, डॉ. बबीता तंवर सहित अनेक छात्राओं ने अपने विचार रखें। महिला प्राध्यापिकाओं ने कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया का कम प्रयोग करना चाहिए। सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग उनके शारीरिक, मानसिक व भौतिक विकास पर बूरा प्रभाव डालता है। सोशल मीडिया पर जो उनके लिए उपयोगी सामग्री हो, केवल उसी का प्रयोग करें।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थी वर्ग उनकी पढ़ाई में काम आने वाली जरूरी चीजों के लिए ही सोशल मीडिया का उपयोग करें। इसके उपयोग के लिए विद्यार्थी एक लिमिट तय करें। उसी के अनुरूप ही इसे कार्य में लाएं। सोशल मीडिया का गलत उपयोग न करें। लाभदायक उपयोग के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग विद्यार्थियों की काफी मदद करेगा।
सोशल मीडिया के उपयोग के लिए लड़कियों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण उनको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इससे उनकी गोपनीयता में कमी आती है। काफी बार निजी डेटा चोरी होने का खतरा रहता है।
उन्होंने बताया कि हर रोज साइबर अपराधों जैसे- हैकिंग और फिशिंग का खतरा भी बढ़ रहा है। आजकल सोशल मीडिया के माध्यम से धोखाधड़ी का चलन भी काफी बढ़ गया है, ये लोग ऐसे सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों की तलाश करते हैं। इसके बाद उन्हें आसानी से फंसाते हैं। युवाओं को अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाना और उसमें निखार लाना चाहिए। युवावस्था में हमें स्वामी विवेकानंद का अनुसरण करना चाहिए। व्यक्तित्व विकास एक एक सतत प्रक्रिया है। इसमें व्यक्तित्व विकास से व्यक्ति अपने गुणों, क्षमताओं और व्यवहार को बेहतर बनाता है।
विद्यार्थी सोशल मीडिया उपयोग के लिए एक लिमिट तय करें। ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया का उपयोग पढ़ाई के लिए करें। जीवन में समय की महता होती है। इसलिए सोशल मीडिया पर विद्यार्थी व्यर्थ समय की बरबादी न करें। यह उनके भविष्य के लिए सही नहीं होगा। सोशल मीडिया की लत लगने पर सबसे ज्यादा समय की बरबादी होती है। जो विद्यार्थियों के लिए गलत है। विद्यार्थी युवावस्था में अपने व्यक्तित्व का निर्माण करें। जो उनके लिए काफी लाभदायक होगा।
- डॉ. दीपक कुमारी, सहायक प्राध्यापिका, हिंदी विभाग, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी।
आजकल सोशल मीडिया सुरक्षित नहीं है। खासकर लड़कियों को इसके ज्यादा उपयोग से बचना चाहिए। सोशल मीडिया के ज्यादा उपयोग करने पर निजी जानकारी चोरी होने का खतरा बना रहता है। ऑनलाइन शॉपिंग के चक्कर में फ्रॉड होना एक आम बात बन गई है। हैकर बिना किसी फोन कॉल के भी हमारे अकाउंट खाली कर देते हैं। इसलिए विद्यार्थी जीवनकाल में सोशल मीडिया का प्रयोग केवल जरूरी कार्यों के लिए ही करें। इस पर अतिरिक्त समय न गंवाए।
- डॉ. महक, सहायक प्राध्यापिका, हिंदी विभाग, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी।
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प्राध्यापिका डॉ. दीपक कुमारी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी सोशल मीडिया का सबसे अधिक उपयोग करती है। इससे उनमें अवसाद के लक्षणों की संभावना अधिक होती है। सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से युवाओं में भावनात्मक कमी आती है। साथ ही, आत्म-सम्मान भी कम होने लगता है। वहीं, सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग करने से रिश्तों में भी अनबन होने लगी है।
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कार्यक्रम में राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. भामा अग्रवाल, सीमा बुमरा, मंजू दिसोदिया, डॉ. रुपम कौशिक, डॉ. रेनू बाला, मोनिका, डॉ. बबीता तंवर सहित अनेक छात्राओं ने अपने विचार रखें। महिला प्राध्यापिकाओं ने कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया का कम प्रयोग करना चाहिए। सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग उनके शारीरिक, मानसिक व भौतिक विकास पर बूरा प्रभाव डालता है। सोशल मीडिया पर जो उनके लिए उपयोगी सामग्री हो, केवल उसी का प्रयोग करें।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थी वर्ग उनकी पढ़ाई में काम आने वाली जरूरी चीजों के लिए ही सोशल मीडिया का उपयोग करें। इसके उपयोग के लिए विद्यार्थी एक लिमिट तय करें। उसी के अनुरूप ही इसे कार्य में लाएं। सोशल मीडिया का गलत उपयोग न करें। लाभदायक उपयोग के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग विद्यार्थियों की काफी मदद करेगा।
सोशल मीडिया के उपयोग के लिए लड़कियों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण उनको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इससे उनकी गोपनीयता में कमी आती है। काफी बार निजी डेटा चोरी होने का खतरा रहता है।
उन्होंने बताया कि हर रोज साइबर अपराधों जैसे- हैकिंग और फिशिंग का खतरा भी बढ़ रहा है। आजकल सोशल मीडिया के माध्यम से धोखाधड़ी का चलन भी काफी बढ़ गया है, ये लोग ऐसे सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों की तलाश करते हैं। इसके बाद उन्हें आसानी से फंसाते हैं। युवाओं को अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाना और उसमें निखार लाना चाहिए। युवावस्था में हमें स्वामी विवेकानंद का अनुसरण करना चाहिए। व्यक्तित्व विकास एक एक सतत प्रक्रिया है। इसमें व्यक्तित्व विकास से व्यक्ति अपने गुणों, क्षमताओं और व्यवहार को बेहतर बनाता है।
विद्यार्थी सोशल मीडिया उपयोग के लिए एक लिमिट तय करें। ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया का उपयोग पढ़ाई के लिए करें। जीवन में समय की महता होती है। इसलिए सोशल मीडिया पर विद्यार्थी व्यर्थ समय की बरबादी न करें। यह उनके भविष्य के लिए सही नहीं होगा। सोशल मीडिया की लत लगने पर सबसे ज्यादा समय की बरबादी होती है। जो विद्यार्थियों के लिए गलत है। विद्यार्थी युवावस्था में अपने व्यक्तित्व का निर्माण करें। जो उनके लिए काफी लाभदायक होगा।
- डॉ. दीपक कुमारी, सहायक प्राध्यापिका, हिंदी विभाग, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी।
आजकल सोशल मीडिया सुरक्षित नहीं है। खासकर लड़कियों को इसके ज्यादा उपयोग से बचना चाहिए। सोशल मीडिया के ज्यादा उपयोग करने पर निजी जानकारी चोरी होने का खतरा बना रहता है। ऑनलाइन शॉपिंग के चक्कर में फ्रॉड होना एक आम बात बन गई है। हैकर बिना किसी फोन कॉल के भी हमारे अकाउंट खाली कर देते हैं। इसलिए विद्यार्थी जीवनकाल में सोशल मीडिया का प्रयोग केवल जरूरी कार्यों के लिए ही करें। इस पर अतिरिक्त समय न गंवाए।
- डॉ. महक, सहायक प्राध्यापिका, हिंदी विभाग, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी।