फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Women have become empowered, now there is a need to change attitude : Jyoti Mittal

सशक्त हुईं महिलाएं, अब नजरिया बदलने की जरूरत : ज्योति मित्तल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Mar 2022 01:22 AM IST
विज्ञापन
Women have become empowered, now there is a need to change attitude : Jyoti Mittal
देवराला में अपराजिता के तहत हुए कार्यक्रम में सम्मानित हस्तियों के साथ मुख्य अतिथि एचसीएस ज्योत - फोटो : bhiwani104
कैरू/भिवानी। महिलाएं अब सशक्त हैं। अब महिला सशक्तीकरण की जरूरत नहीं है। अब नजरिया बदलने की जरूरत है। आज जरूरत है कि महिला व पुरुष दोनों एक-दूसरे का सहयोग करते हुए आगे बढ़ें। इससे महिला सशक्तीकरण भी होगा और समाज भी सशक्त होगा। यह कहना है एचसीएस ज्योति मित्तल का।
विज्ञापन

वे अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के तहत गांव देवराला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में बोल रही थीं। समारोह में 11 छात्राओं, 11 शिक्षकों और बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचीं एचसीएस ज्योति मित्तल तोशाम क्षेत्र से ही हैं। उनके साथ उनके पिता समाजसेवी खजांची लाल मित्तल भी मौजूद रहे। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में तोशाम से समाजसेवी राजेंद्र जैन, अधिवक्ता सत्यवान श्योराण, देवराला से पूर्व सरपंच पवन डांगी रहे। स्कूल प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में आईटीआई देवराला से प्राचार्य उमेद सिंह, समाजसेवी धर्मपाल, युवा क्लब देवराला से संदीप, पूर्व जिला पार्षद सिलोचना पोटलिया भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने महिलाओं, बेटियों के महत्व को समझाया और बताया कि आज कैसे बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से आगे है।
विज्ञापन

आज महिलाओं को अपने निर्णय खुद लेने की जरूरत
मुख्य अतिथि एचसीएस ज्योति मित्तल ने कहा कि कोई चीज कमजोर होती है तो उसको सेलिब्रेट करने के लिए डे बनाया जाता है। उसी के तहत महिला दिवस मनाते हैं। मगर आज महिला सशक्त है। हर क्षेत्र में आगे है। अब महिला सश्क्तीकरण की जरूरत नहीं, सिर्फ नजरिया बदलने की जरूरत है। पहले लड़कियां स्कूल नहीं जाती थीं। उन्हें सही-गलत की जानकारी नहीं होती थी। उनके निर्णय माता-पिता या रिश्तेदार लेते थे। अब महिलाएं, बेटियां शिक्षा, खेल समेत हर क्षेत्र में बढ़ रही हैं। लिंगानुपात काफी बढ़ा है, शिक्षा बढ़ी है। अब नजरिया बदलकर अपनी जिंदगी के निर्णय खुद लेने की जरूरत है। आज महिला दिवस की थीम के अनुसार महिला-पुरुष एक समान चलें। एक-दूसरे का सहयोग करते हुए आगे बढ़ें।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेटियां हर क्षेत्र में दिखा रहीं अपनी प्रतिभा
पूर्व सरपंच पवन डांगी ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र चाहे शिक्षा हो, खेल हो या देश की आन और रक्षा की बात हो, हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। आज जरूरत है कि सभी परिवार अपनी बेटियों को अवसर देें, ताकि वे भी आसमान को छू सकें और अपने सपनों की उड़ान भर सकें। बेटियों पर दो घरों की जिम्मेवारी होती है और बेटी को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए तो दो परिवारों को सफल करती हैं। आज प्रतिस्पर्धा के दौर में बेटियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर साबित किया है कि वे किसी भी मामले में कम नहीं हैं ।
इन्हें किया गया सम्मानित
सम्मान समारोह में नौंवी कक्षा की छात्रा सुषमा, जिज्ञासा, रेणु, कक्षा 11वीं की छात्रा प्रीति, कोमल, उमेश, कक्षा 12वीं की छात्रा सीमा, मोनिका, प्रीति, ज्योति को सम्मानित किया गया। बेहतर परिणाम के लिए शिक्षिका पीजीटी मैथ सुमन नांगल, टीजीटी संस्कृत पूनम, जेबीटी मीनाक्षी, जेबीटी दयावती, दर्शना, पीजीटी हिंदी अनीता यादव, टीजीटी संस्कृत अंजू मलिक, पीजीटी इंग्लिश वंदना, जेबीटी राम सिंह, पूर्व प्रवक्ता वेदव्रत शास्त्री, हेडमास्टर रोशन लाल को सम्मानित कियागया। इनके अलावा आईटीआई देवराला से मीनाक्षी गुप्ता, राजकीय उच्च विद्यालय मनसरवास से ममता, देवराला से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजयलक्ष्मी व सिलोचना पूर्व प्रवक्ता वेदव्रत शास्त्री, सेवानिवृत्त हेडमास्टर रोशन लाल, अध्यापक राम सिंह, बीडीसी प्रतिनिधि संदीप, पूर्व पार्षद सिलोचना पोटलिया, बीडीसी बिंदु को सम्मानित किया गया।

हाथ जोड़ कहूं लाडो राखिये ख्याल मेरा, जग मै नाड झुकाइये ना...
समारोह में स्कूली छात्राओं ने कविताओं से महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया। 12वीं कक्षा की छात्रा आरजू ने कविता हाथ जोड़ कहूं लाडो राखिये ख्याल मेरा, जग मै ना नाड झुकाइये ना... से खूब तालियां बटोरीं। छात्रा जिज्ञासा ने लोग कहते है स्त्री का कोई घर नहीं होता, पर सच यह है कि स्त्री के बिना कोई घर, घर नहीं होता, ना अबला, ना बेचारी हूं मैं आज के युग की नारी हूं कविता प्रस्तुत की। छात्रा खुशी ने मैं अंबर, मैं सितारा हूं... प्रस्तुत की। छात्रा प्रोनिता, तमन्ना ने भी कविताएं सुनाईं। संजय हरियाणवी एंड पार्टी देवराला ने कन्या भ्रूण हत्या पर 'मां-बेटे का प्यार जगत में सब तै न्यारा होया करै व मन्नै गर्भ मै मरवावै ना संसार देखणा चाहूं सूं, मात-पिता और भाई-बहन का प्यार देखणा चाहूं सू' भजन की प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed