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Bhiwani News: बिना द्रोण अंधेरे में ही तीर चला लक्ष्य पर निशाना साध रहे भविष्य के अर्जुन
Mon, 14 Apr 2025 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:16 PM IST
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भीम स्टेडियम में आर्चरी का अभ्यास करते खिलाड़ी।
भिवानी। बिना द्रोण के अंधेरे में ही भविष्य के अर्जुन तीर चला लक्ष्य पर निशाना साध रहे हैं। क्योंकि खेल मैदान में शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। जहां स्ट्रीट लाइट का कोई प्रबंध तक नहीं है। यहां खिलाड़ियों की प्यास बुझाने के नाम पर सिर्फ एक पानी का कैंपर रखा है।
इस कैंपर के खाली होने के बाद खुद खिलाड़ी ही उसे भरकर लाते हैं। जबकि लंबे अर्से से तीरंदाजी कोच के खाली पद पर अब नर्सरी अलॉट की गई है, जिसके बाद एक प्रशिक्षक मिला है। फिलहाल भीम खेल परिसर में तीरंदाजी के 16 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं।
बता दें कि भीम स्टेडियम में स्थित तीरंदाजी खेल मैदान में फिलहाल सुबह-शाम 16 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। लेकिन खिलाड़ी मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं। तीरंदाजी मैदान में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। देर शाम तक अभ्यास करने के लिए लाइट का प्रबंध नहीं है।
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इस कारण खिलाड़ियों को शाम साढ़े छह बजे ही अभ्यास बंद करना पड़ता है। क्योंकि इसके बाद रोशनी व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट तक नहीं हैं। खिलाड़ियों के आराम करने व बैठने के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है।
तीरंदाजी का प्रयोग करने के लिए बनाए गए स्टैंड प्वाइंट शेड भी खस्ताहाल में है। सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी निजी खेल अकादमी का सहारा ले रहे हैं। तीरंदाजी के लिए खेल प्रशिक्षक तो है। लेकिन जूनियर खिलाड़ियों को सीनियर खिलाड़ी ही आर्चरी के गुर सीखा रहे हैं।
जिले को 88 खेल नर्सरी आवंटित की गई हैं। आर्चरी सेंटर भी उसी का हिस्सा है। फिलहाल अवकाश चल रहे थे। मंगलवार से सेंटर खुलेगा। इसके बाद खिलाड़ियों के लिए जो कमी है। उसको सुधार दिया जाएगा। आर्चरी के लिए खेल प्रशिक्षक है। खिलाड़ियों की जो समस्या होगी। उसका तुरंत समाधान कर दिया जाएगा। खिलाड़ियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार, जिला खेल अधिकारी, भिवानी।
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इस कैंपर के खाली होने के बाद खुद खिलाड़ी ही उसे भरकर लाते हैं। जबकि लंबे अर्से से तीरंदाजी कोच के खाली पद पर अब नर्सरी अलॉट की गई है, जिसके बाद एक प्रशिक्षक मिला है। फिलहाल भीम खेल परिसर में तीरंदाजी के 16 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं।
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बता दें कि भीम स्टेडियम में स्थित तीरंदाजी खेल मैदान में फिलहाल सुबह-शाम 16 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। लेकिन खिलाड़ी मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं। तीरंदाजी मैदान में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। देर शाम तक अभ्यास करने के लिए लाइट का प्रबंध नहीं है।
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इस कारण खिलाड़ियों को शाम साढ़े छह बजे ही अभ्यास बंद करना पड़ता है। क्योंकि इसके बाद रोशनी व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट तक नहीं हैं। खिलाड़ियों के आराम करने व बैठने के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है।
तीरंदाजी का प्रयोग करने के लिए बनाए गए स्टैंड प्वाइंट शेड भी खस्ताहाल में है। सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी निजी खेल अकादमी का सहारा ले रहे हैं। तीरंदाजी के लिए खेल प्रशिक्षक तो है। लेकिन जूनियर खिलाड़ियों को सीनियर खिलाड़ी ही आर्चरी के गुर सीखा रहे हैं।
जिले को 88 खेल नर्सरी आवंटित की गई हैं। आर्चरी सेंटर भी उसी का हिस्सा है। फिलहाल अवकाश चल रहे थे। मंगलवार से सेंटर खुलेगा। इसके बाद खिलाड़ियों के लिए जो कमी है। उसको सुधार दिया जाएगा। आर्चरी के लिए खेल प्रशिक्षक है। खिलाड़ियों की जो समस्या होगी। उसका तुरंत समाधान कर दिया जाएगा। खिलाड़ियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार, जिला खेल अधिकारी, भिवानी।