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बिना कारण पति से अलग रह रही थी पत्नी, कोर्ट ने बंद किया खर्च
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बिना किसी ठोस कारण के पति से अलग रहकर खर्चा ले रही पत्नी का कोर्ट ने खर्च बंद कर दिया है। कोर्ट में महिला के पति ने दलील दी थी कि वह पत्नी को साथ रखना चाहता है, मगर वह नहीं रह रही। जिस पर कोर्ट ने अलग रहने का कोई ठोस कारण नहीं पाया। जिससे महिला को दिया जाने वाला खर्च बंद कर दिया गया। यह फैसला एडिशन प्रिंसिपल फैमिली कोर्ट भिवानी ने सुनाया।
वरिष्ठ अधिवक्ता वेदप्रकाश आर्य ने बताया कि हाल पानीपत और मूलरूप से यूपी वासी तरुण की शादी भिवानी वासी पूजा के साथ हुई थी। उनका एक लड़का भी है। पारिवारिक विवाद के कारण वे अलग रहने लगे। जिस पर कोर्ट ने 2016 में तरुण कुमार को अपनी पत्नी को घर खर्च देने के आदेश दिये। तीन साल से वह खर्च दे रहा है। अधिवक्ता ने बताया कि बाद में तरुण की दलील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि महिला बिना किसी ठोस कारण के अपने पति से अलग रह रही है जबकि उनका आठ साल का बच्चा भी अपने पिता के पास ही रह रहा है। जिस पर कोर्ट ने खर्च देना बंद कर दिया।
अब तक पति-पत्नी के विवादों में कोर्ट को महिला को खर्च देने के ही आदेश दिये जाते हैं मगर यह फैसला अपने आप में अलग रहा। जिसमें न्यायाधीश ने बिना किसी ठोस कारण के पति से अलग रह रही पत्नी का खर्च बंद कर दिया।
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वरिष्ठ अधिवक्ता वेदप्रकाश आर्य ने बताया कि हाल पानीपत और मूलरूप से यूपी वासी तरुण की शादी भिवानी वासी पूजा के साथ हुई थी। उनका एक लड़का भी है। पारिवारिक विवाद के कारण वे अलग रहने लगे। जिस पर कोर्ट ने 2016 में तरुण कुमार को अपनी पत्नी को घर खर्च देने के आदेश दिये। तीन साल से वह खर्च दे रहा है। अधिवक्ता ने बताया कि बाद में तरुण की दलील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि महिला बिना किसी ठोस कारण के अपने पति से अलग रह रही है जबकि उनका आठ साल का बच्चा भी अपने पिता के पास ही रह रहा है। जिस पर कोर्ट ने खर्च देना बंद कर दिया।
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अब तक पति-पत्नी के विवादों में कोर्ट को महिला को खर्च देने के ही आदेश दिये जाते हैं मगर यह फैसला अपने आप में अलग रहा। जिसमें न्यायाधीश ने बिना किसी ठोस कारण के पति से अलग रह रही पत्नी का खर्च बंद कर दिया।
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