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सीएमओ ने किया निरीक्षण तो ओपीडी में मिले महज दो चिकित्सक
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नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। नागरिक अस्पताल के चिकित्सक व कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति कितने गंभीर है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह ड्यूटी समय में महज दो ही चिकित्सक ओपीडी में थे। बाकी सभी अनुपस्थित। चिकित्सक ही नहीं अधिकतर कर्मचारी भी गैरहाजिर मिले। सफाई का जो कार्य सुबह साढे़ सात बजे होना चाहिए वह साढे़ नौ बजे हो रहा था। यह सब सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य के निरीक्षण में सामने आया। सीएमओ ने सुबह आठ बजे ओपीडी, इमरजेंसी, वार्ड आदि का निरीक्षण किया। चिकित्सक व कर्मचारी गैरहाजिर मिलने पर उन्होंने पीएमओ को पत्र जारी कर सभी से जवाब मांगा है।
नागरिक अस्पताल पहले ही चिकित्सकों की कमी की मार झेल रहा है। फिलहाल बमुश्किल 25 से 30 फीसदी ही स्टाफ है। अस्पताल में कई विशेषज्ञों की कमी है। इसके बावजूद जो है, वे अपनी ड्यूटी के समय के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे। अस्पताल खुलने का समय सुबह आठ बजे का तय है और मरीज इलाज के लिए सात बजे ही पहुंचने लगते हैं। इसी व्यवस्था को देखने के लिए सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य सुबह आठ बजे नागरिक अस्पताल की ओपीडी पहुंचे। जब वे पहुंचे तो ओपीडी में मरीज तो काफी थे मगर चिकित्सक महज दो। चिकित्सक इमरजेंसी में न हो इसके लिए वे वहां पर पहुंचे मगर वहां भी चिकित्सक नहीं मिले। इसके बाद वार्ड का निरीक्षण किया, वहां भी चिकित्सक नहीं मिले। इस पर खफा होकर उन्होंने पीएमओ को पत्र लिखकर गैरहाजिर मिले चिकित्सकों से समय पर नहीं पहुंचने को लेकर जवाब मांगा है।
कर्मचारी भी मिले गैरहाजिर, जो मिले वे अधिकतर बिना वर्दी
सिविल सर्जन के निरीक्षण के दौरान अनेक कर्मचारी भी गैरहाजिर मिले। ओपीडी में ज्यादातर कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जब सिविल सर्जन वार्ड में पहुंचे तो वहां सफाई का कार्य चल रहा था। जबकि सफाई का कार्य सुबह साढे़ सात बजे होना चाहिए। वह कार्य सवा नौ बजे हो रहा था। पैरामेडिकल स्टाफ का समय सुबह साढे़ सात बजे का निर्धारित है। जिन्हें जल्दी आकर सारी व्यवस्थाएं, साफ-सफाई देखनी होती है। आउटसोर्स के अधिकतर कर्मचारी खासकर डाटा एंट्री ऑपरेटर बिना ड्रेस के थे। जिस कारण पता ही नहीं लग पा रहा था कि कितने कर्मचारी आए हुए है और कितने अनुपस्थित हैं।
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शनिवार सुबह आठ बजे निरीक्षण किया था। इस दौरान व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिली। ओपीडी में महज दो ही चिकित्सक थे। कई बार चिकित्सकों को इमरजेंसी या वार्ड में जाना पड़ता है। वहां भी निरीक्षण किया तो वहां भी चिकित्सक नहीं मिले। काफी कर्मचारी भी छुट्टी पर थे। सवा नौ बजे तो वार्डों में सफाई का काम हो रहा था। इस बारे में पीएमओ को पत्र लिखा है और सभी को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी पर पहुंचे। कोई भी कर्मचारी निर्धारित समय से पहले नहीं जाए। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन
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नागरिक अस्पताल पहले ही चिकित्सकों की कमी की मार झेल रहा है। फिलहाल बमुश्किल 25 से 30 फीसदी ही स्टाफ है। अस्पताल में कई विशेषज्ञों की कमी है। इसके बावजूद जो है, वे अपनी ड्यूटी के समय के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे। अस्पताल खुलने का समय सुबह आठ बजे का तय है और मरीज इलाज के लिए सात बजे ही पहुंचने लगते हैं। इसी व्यवस्था को देखने के लिए सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य सुबह आठ बजे नागरिक अस्पताल की ओपीडी पहुंचे। जब वे पहुंचे तो ओपीडी में मरीज तो काफी थे मगर चिकित्सक महज दो। चिकित्सक इमरजेंसी में न हो इसके लिए वे वहां पर पहुंचे मगर वहां भी चिकित्सक नहीं मिले। इसके बाद वार्ड का निरीक्षण किया, वहां भी चिकित्सक नहीं मिले। इस पर खफा होकर उन्होंने पीएमओ को पत्र लिखकर गैरहाजिर मिले चिकित्सकों से समय पर नहीं पहुंचने को लेकर जवाब मांगा है।
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कर्मचारी भी मिले गैरहाजिर, जो मिले वे अधिकतर बिना वर्दी
सिविल सर्जन के निरीक्षण के दौरान अनेक कर्मचारी भी गैरहाजिर मिले। ओपीडी में ज्यादातर कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जब सिविल सर्जन वार्ड में पहुंचे तो वहां सफाई का कार्य चल रहा था। जबकि सफाई का कार्य सुबह साढे़ सात बजे होना चाहिए। वह कार्य सवा नौ बजे हो रहा था। पैरामेडिकल स्टाफ का समय सुबह साढे़ सात बजे का निर्धारित है। जिन्हें जल्दी आकर सारी व्यवस्थाएं, साफ-सफाई देखनी होती है। आउटसोर्स के अधिकतर कर्मचारी खासकर डाटा एंट्री ऑपरेटर बिना ड्रेस के थे। जिस कारण पता ही नहीं लग पा रहा था कि कितने कर्मचारी आए हुए है और कितने अनुपस्थित हैं।
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शनिवार सुबह आठ बजे निरीक्षण किया था। इस दौरान व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिली। ओपीडी में महज दो ही चिकित्सक थे। कई बार चिकित्सकों को इमरजेंसी या वार्ड में जाना पड़ता है। वहां भी निरीक्षण किया तो वहां भी चिकित्सक नहीं मिले। काफी कर्मचारी भी छुट्टी पर थे। सवा नौ बजे तो वार्डों में सफाई का काम हो रहा था। इस बारे में पीएमओ को पत्र लिखा है और सभी को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी पर पहुंचे। कोई भी कर्मचारी निर्धारित समय से पहले नहीं जाए। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन