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जल संकट : अब दो दिन मिलेगा अतिरिक्त नहरी पानी, मिताथल फीडर में पहुंचा पानी
Mon, 06 May 2024 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 06 May 2024 01:06 AM IST
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भिवानी। जल संकट से घिरे जिला वासियों के लिए राहत भरी खबर है। अब दो दिन अतिरिक्त नहरी पानी मिलेगा। इसके लिए सिंचाई विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। सुंदर समूह की नहरों में पांच मई तक ही नहरी पानी मिलना था, लेकिन अब सात मई तक नहरी पानी मिलेगा। ये पानी आठ मई तक भी मिल सकता है। फिलहाल सुंदर के बाद बुटाना समूह में पानी दिया जाएगा। इस समूह में निगाना फीडर से भी शहरी दायरे के जलघर टैंकों तक पानी पहुंचेगा। वहीं बंद पड़ी मिताथल फीडर में भी अब दो से तीन दिन पानी मिलेगा। तब इसके दायरे में आने वाले जलघर के टैंकों में भी नहरी पानी का भंडारण हो सकेगा।
जिले में अप्रैल में जल संकट रहा। अब मई में भी नहरी पानी की कमी है। इसकी वजह यमुना में जलस्तर का घटना माना जा रहा है। सुंदर समूह को भी 2,250 क्यूसेक के बजाय 1,050 क्यूसेक पानी ही मिला था। अंतिम दिनों में तो ये घटकर 900 क्यूसेक तक ही पहुंच गया था, जिसकी वजह से मिताथल फीडर को बंद करना पड़ा। दो दिन अतिरिक्त पानी मिलने के बाद अब मिताथल फीडर में पानी पहुंचा है।
भिवानी शहर के तीन मुख्य जलघर हैं। इसमें निनान और डाबर कॉलोनी के जलघर तो सीधे नहरी चैनल से ही जुड़े हैं, जबकि पुराना जलघर के टैंकों तक करीब आठ से दस किमी दूर से भूमिगत पाइपलाइन के जरिये टैंकों तक नहरी पानी दिया जा रहा है। पुराने जलघर के टैंकों को भरना ही हर बार मुश्किल रहता है।
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अब पुराने जलघर के दो नए टैंक पूरी तरह से नहीं भरे गए हैं जबकि पांच मई को जूई नहर में पानी बंद हो गया है। अब दो दिन अतिरिक्त पानी मिलने से जूई नहर के अंदर कुछ पानी ही मिलेगा। इससे पुराने जलघर के बचे हुए टैंकों को भरने का प्रयास जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारी करेंगे।
जूई और मिताथल फीडर में दो दिन अतिरिक्त नहरी पानी दिया जाएगा। ये सात मई तक चलेगा। इस दौरान शहरी और ग्रामीण दायरे के बचे जलघर के टैंकों को भरने का प्रयास रहेगा। इस बार नहरी पानी बहुत कम मिला था, लेकिन इसके बावजूद दो दिन अतिरिक्त पानी मिलने से थोड़ी राहत मिलेगी। -अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर डिविजन, सिंचाई विभाग, भिवानी।
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जिले में अप्रैल में जल संकट रहा। अब मई में भी नहरी पानी की कमी है। इसकी वजह यमुना में जलस्तर का घटना माना जा रहा है। सुंदर समूह को भी 2,250 क्यूसेक के बजाय 1,050 क्यूसेक पानी ही मिला था। अंतिम दिनों में तो ये घटकर 900 क्यूसेक तक ही पहुंच गया था, जिसकी वजह से मिताथल फीडर को बंद करना पड़ा। दो दिन अतिरिक्त पानी मिलने के बाद अब मिताथल फीडर में पानी पहुंचा है।
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भिवानी शहर के तीन मुख्य जलघर हैं। इसमें निनान और डाबर कॉलोनी के जलघर तो सीधे नहरी चैनल से ही जुड़े हैं, जबकि पुराना जलघर के टैंकों तक करीब आठ से दस किमी दूर से भूमिगत पाइपलाइन के जरिये टैंकों तक नहरी पानी दिया जा रहा है। पुराने जलघर के टैंकों को भरना ही हर बार मुश्किल रहता है।
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अब पुराने जलघर के दो नए टैंक पूरी तरह से नहीं भरे गए हैं जबकि पांच मई को जूई नहर में पानी बंद हो गया है। अब दो दिन अतिरिक्त पानी मिलने से जूई नहर के अंदर कुछ पानी ही मिलेगा। इससे पुराने जलघर के बचे हुए टैंकों को भरने का प्रयास जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारी करेंगे।
जूई और मिताथल फीडर में दो दिन अतिरिक्त नहरी पानी दिया जाएगा। ये सात मई तक चलेगा। इस दौरान शहरी और ग्रामीण दायरे के बचे जलघर के टैंकों को भरने का प्रयास रहेगा। इस बार नहरी पानी बहुत कम मिला था, लेकिन इसके बावजूद दो दिन अतिरिक्त पानी मिलने से थोड़ी राहत मिलेगी। -अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर डिविजन, सिंचाई विभाग, भिवानी।