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भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर ओवरफ्लो होने से गोशाला की 300 एकड़ भूमि में फसल जलमग्र
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गोशाला के खेतो में जमा नहरी पानी दिखाते हुए कर्मचारी । संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
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बौंद डिविजन के अंतर्गत आने वाली भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर टेल पर मोगा ओवरफ्लो हो गया। इस वजह से गांव पालुवास स्थित भिवानी गोशाला ट्रस्ट की 300 एकड़ भूमि पर खड़ी फसल जलमग्न हो गई और ग्रामीण आबादी पर भी जलभराव का संकट मंडराने लगा। पशु चारा और खड़ी फसल में ढाई से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। आदर्श भिवानी गोशाला ट्रस्ट पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर उपायुक्त से मुलाकात की। डीसी ने इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी को निर्देश दिए। वहीं डीआरओ ने ट्रस्ट पदाधिकारियों को जल्द नहर में पानी बंद कराने का आश्वासन दिया।
महम रोड स्थित आदर्श भिवानी गोशाला ट्रस्ट के प्रधान मोहनलाल अग्रवाल, सचिव विजय कुमार गोयल, ट्रस्टी रामनिवास गुप्ता ने बताया कि गांव पालुवास के समीप 300 एकड़ कृषि भूमि है। जिस पर फिलहाल पशु चारा के लिए जई, बरसीम, मक्का, ज्वार, जौ और सरसों की फसल खड़ी थी। भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर के अंतिम छोर पर मोगा नंबर 189600 आर पर पानी ओवरफ्लो हो गया। गोशाल ट्रस्ट प्रधान मोहनलाल अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो दिन तक बारिश के दौरान किसानों ने नहरी रास्ते में सभी मोगे बंद कर दिए गए। जिससे टेल पर लगने वाले मोगा में पानी ओवरफ्लो हो गया। इसकी सूचना शनिवार रात को ही गोशाला कर्मचारियों ने दी। रविवार सुबह मौके पर पहुंचकर देखा तो फसल में ढाई से तीन फीट तक पानी जमा हो चुका था। उन्होंने बताया कि करीब सौ एकड़ में फसल बर्बाद हो गई है। जबकि तीन सौ एकड़ की फसल में पानी जमा हो गया है। इस मामले में ट्रस्ट के सचिव विजय कुमार गोयल व ट्रस्टी रामनिवास गुप्ता ने विधायक घनश्याम सर्राफ के साथ उपायुक्त से मुलाकात की। जिस पर उपायुक्त ने इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए। जिला राजस्व अधिकारी ने मौके पर ही सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता से बात कर नहर में पानी बंद कराने के निर्देश दिए हैं। गोशाला ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बर्बाद हुई फसल के नुकसान की भरपाई की मांग जिला प्रशासन और सरकार से की है। इस पर भी प्रशासन ने ट्रस्ट को जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।
गांव पालुवास में भी मंडराया नहरी पानी का खतरा
भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर टेल पर ओवरफ्लो होने से गांव पालुवास की ग्रामीण आबादी पर भी जलभराव का खतरा मंडराने लगा। नहर के एक छोर पर गोशाला की 300 एकड़ कृषि भूमि है तो दूसरी तरफ गांव पालुवास की घनी आबादी है। जहां नहर का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों का रुख कर रहा है। अगर गोशाला के खेतों तक जाने वाले मोहरी को बंद किया जाता है तो पानी ग्रामीण आबादी का रुख कर लेगा। जिससे हालात और भी बिगड़ सकते हैं। गोशाला की भूमि पूरी तरह पानी में जलमग्न हो चुकी है, जबकि नहर में पानी अभी भी चल रहा है।
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गोशाला ट्रस्ट को लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है, क्योंकि मार्च में फसल पूरी तरह पकाव की ओर बढ़ रही थी, ऐन वक्त पर पकी पकाई फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। मैने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। अब गोशाला के साढ़े चार हजार पशुओं पर भी पशु चारे का संकट मंडरा गया है।
- मोहनलाल अग्रवाल, प्रधान गोशाला ट्रस्ट भिवानी
मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। मैंने एसडीओ को मौके पर भेजा हैं, एसडीओ की रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कदम उठाया जाएगा। नहर में चार मार्च से पानी चल रहा है जो 11 मार्च तक चलेगा। बारिश की वजह से कृषि में पानी की खपत कम हुई है, लेकिन पेयजल आपूर्ति के लिए ग्रामीण टैंक भरना जरूरी है।
- पवन कुमार वर्मा, कार्यकारी अभियंता बौंद डिवीजन
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महम रोड स्थित आदर्श भिवानी गोशाला ट्रस्ट के प्रधान मोहनलाल अग्रवाल, सचिव विजय कुमार गोयल, ट्रस्टी रामनिवास गुप्ता ने बताया कि गांव पालुवास के समीप 300 एकड़ कृषि भूमि है। जिस पर फिलहाल पशु चारा के लिए जई, बरसीम, मक्का, ज्वार, जौ और सरसों की फसल खड़ी थी। भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर के अंतिम छोर पर मोगा नंबर 189600 आर पर पानी ओवरफ्लो हो गया। गोशाल ट्रस्ट प्रधान मोहनलाल अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो दिन तक बारिश के दौरान किसानों ने नहरी रास्ते में सभी मोगे बंद कर दिए गए। जिससे टेल पर लगने वाले मोगा में पानी ओवरफ्लो हो गया। इसकी सूचना शनिवार रात को ही गोशाला कर्मचारियों ने दी। रविवार सुबह मौके पर पहुंचकर देखा तो फसल में ढाई से तीन फीट तक पानी जमा हो चुका था। उन्होंने बताया कि करीब सौ एकड़ में फसल बर्बाद हो गई है। जबकि तीन सौ एकड़ की फसल में पानी जमा हो गया है। इस मामले में ट्रस्ट के सचिव विजय कुमार गोयल व ट्रस्टी रामनिवास गुप्ता ने विधायक घनश्याम सर्राफ के साथ उपायुक्त से मुलाकात की। जिस पर उपायुक्त ने इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए। जिला राजस्व अधिकारी ने मौके पर ही सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता से बात कर नहर में पानी बंद कराने के निर्देश दिए हैं। गोशाला ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बर्बाद हुई फसल के नुकसान की भरपाई की मांग जिला प्रशासन और सरकार से की है। इस पर भी प्रशासन ने ट्रस्ट को जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।
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गांव पालुवास में भी मंडराया नहरी पानी का खतरा
भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर टेल पर ओवरफ्लो होने से गांव पालुवास की ग्रामीण आबादी पर भी जलभराव का खतरा मंडराने लगा। नहर के एक छोर पर गोशाला की 300 एकड़ कृषि भूमि है तो दूसरी तरफ गांव पालुवास की घनी आबादी है। जहां नहर का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों का रुख कर रहा है। अगर गोशाला के खेतों तक जाने वाले मोहरी को बंद किया जाता है तो पानी ग्रामीण आबादी का रुख कर लेगा। जिससे हालात और भी बिगड़ सकते हैं। गोशाला की भूमि पूरी तरह पानी में जलमग्न हो चुकी है, जबकि नहर में पानी अभी भी चल रहा है।
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गोशाला ट्रस्ट को लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है, क्योंकि मार्च में फसल पूरी तरह पकाव की ओर बढ़ रही थी, ऐन वक्त पर पकी पकाई फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। मैने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। अब गोशाला के साढ़े चार हजार पशुओं पर भी पशु चारे का संकट मंडरा गया है।
- मोहनलाल अग्रवाल, प्रधान गोशाला ट्रस्ट भिवानी
मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। मैंने एसडीओ को मौके पर भेजा हैं, एसडीओ की रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कदम उठाया जाएगा। नहर में चार मार्च से पानी चल रहा है जो 11 मार्च तक चलेगा। बारिश की वजह से कृषि में पानी की खपत कम हुई है, लेकिन पेयजल आपूर्ति के लिए ग्रामीण टैंक भरना जरूरी है।
- पवन कुमार वर्मा, कार्यकारी अभियंता बौंद डिवीजन

गोशाला के खेतो में गेंहूं की फसल में जमा नहरी पानी दिखाते हुए कर्मचारी व प्रधान मोहन लाल। संवाद न?- फोटो : Bhiwani