{"_id":"687d42a6b2dcf61dbe023361","slug":"water-filled-up-to-three-feet-in-the-girls-school-of-talu-bhiwani-news-c-125-1-bwn1005-137064-2025-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: तालू की कन्या पाठशाला में तीन फीट तक भरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: तालू की कन्या पाठशाला में तीन फीट तक भरा पानी
Mon, 21 Jul 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 21 Jul 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
गांव तालु स्थित कन्या प्राथमिक पाठशाला में हुआ जलभराव ।
भिवानी। सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह के पैतृक गांव तालू स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला पिछले 15 दिनों से जलभराव की चपेट में है। बारिश के बाद से स्कूल परिसर में करीब तीन फीट तक पानी जमा है, जिससे छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह बाधित हो गई है। स्कूल भवन की दीवारें और फर्श भी पानी में लगातार डूबे रहने से क्षतिग्रस्त होने लगे हैं।
ग्रामीण जोगेंद्र तालू ने बताया कि बवानीखेड़ा क्षेत्र के अन्य कई गांवों की तरह तालू गांव भी भारी बारिश के बाद जलमग्न हो गया है लेकिन समस्या तब और गंभीर हो गई जब पता चला कि स्कूल से महज 20 फीट की दूरी पर स्थित पंप हाउस कभी चालू ही नहीं हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों रुपये की लागत से बना यह पंप हाउस भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। निर्माण कार्य अधूरा छोड़ा गया और इसे शुरू करने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों की थी, उन्होंने लापरवाही बरती। जोगेंद्र ने कहा कि स्कूल को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई उन अफसरों से की जानी चाहिए जिन्होंने पंप हाउस को केवल कागजों में ही चालू दिखा दिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने मांग की है कि जलभराव की स्थिति से स्कूल को जल्द राहत दी जाए, पंप हाउस को तत्काल चालू किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो बच्चे स्कूल आना छोड़ देंगे और शिक्षा पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।
विज्ञापन
ग्रामीण जोगेंद्र तालू ने बताया कि बवानीखेड़ा क्षेत्र के अन्य कई गांवों की तरह तालू गांव भी भारी बारिश के बाद जलमग्न हो गया है लेकिन समस्या तब और गंभीर हो गई जब पता चला कि स्कूल से महज 20 फीट की दूरी पर स्थित पंप हाउस कभी चालू ही नहीं हुआ।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों रुपये की लागत से बना यह पंप हाउस भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। निर्माण कार्य अधूरा छोड़ा गया और इसे शुरू करने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों की थी, उन्होंने लापरवाही बरती। जोगेंद्र ने कहा कि स्कूल को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई उन अफसरों से की जानी चाहिए जिन्होंने पंप हाउस को केवल कागजों में ही चालू दिखा दिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने मांग की है कि जलभराव की स्थिति से स्कूल को जल्द राहत दी जाए, पंप हाउस को तत्काल चालू किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो बच्चे स्कूल आना छोड़ देंगे और शिक्षा पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।